दिल्‍ली हिंसा: दिल्‍ली हाईकोर्ट का केंद्र को नोटिस, दो दिन के अंदर मांगा जवाब

दिल्ली हिंसा के मामले में दायर याचिकाओं को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब. (फाइल फोटो)

Delhi violence: राष्ट्रीय राजधानी में फरवरी में भड़की हिंसा को लेकर आज दिल्ली हाईकोर्ट (High Court) ने इस मामले पर दायर सभी याचिकाओं पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया. अदालत ने केंद्र से दो दिन के भीतर जवाब मांगा है.

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नई दिल्‍ली. देश की राजधानी में फरवरी में हुई हिंसा (Delhi violence) को लेकर दिल्‍ली हाईकोर्ट (High Court) में विभिन्‍न मांग को लेकर याचिका दायर की गई है. दिल्ली उच्च न्यायालय ने इन सभी याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार (Union Government) को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने केंद्र से इस मामले में दो दिन के अंदर जवाब मांगा है. आपको बता दें कि संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन के विरोध में हुई हिंसा के बाद दिल्ली में सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा था.

इससे पहले बीते दिनों दिल्‍ली हिंसा मामले को लेकर दिल्‍ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कड़कड़डूमा कोर्ट में तीन और चार्जशीट दाखिल की थी. बीते 7 जुलाई को पुलिस ने दिल्ली हिंसा मामले में बृजपुरी पुलिया पर 25 फरवरी को हुई तीन हत्याओं को लेकर चार्जशीट दाखिल की. चार्जशीट में दावा किया गया है कि एक समुदाय के लोग दूसरे समुदाय के घरों और दुकानों में आग लगा रहे थे. इसके विरोध में हिंसा भड़की, तो दोनों तरफ से पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया गया. इस दौरान बृजपुरी में एक समुदाय ने 3 युवकों को घेरकर उन्हें पीट-पीटकर अधमरा कर दिया. अस्पताल में इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई.

आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर अभी तक 750 FIR दर्ज की जा चुकी है. इनमें से 690 FIR की जांच नॉर्थ ईस्ट जिला पुलिस कर रही है. अन्य एफआईआर की पड़ताल दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है. 690 एफआईआर में से 600 मामलों पर अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की जा सकी है. इस कारण अदालत ने इन मामलों पर अभी तक संज्ञान नहीं लिया है. दिल्ली हिंसा से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए कड़कड़डूमा कोर्ट में अलग से स्पेशल कोर्ट में इसी महीने के पहले हफ्ते से सुनवाई हो रही है. हालांकि दिल्ली में COVID-19 की वजह से लागू लॉकडाउन के कारण इन मामलों की सुनवाई में देरी हो रही है.

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