सैलरी मामले में हाई कोर्ट ने MCD को लगाई फटकार, आप नेता बोले-तुरंत रिलीज हो कर्मचारियों का वेतन

आप ने एमसीडी से सभी कर्मचारियों को तत्काल तनख्वाह जारी करने की मांग की है.

आप ने एमसीडी से सभी कर्मचारियों को तत्काल तनख्वाह जारी करने की मांग की है.

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि कोर्ट ने भाजपा की एमसीडी से तत्काल 31 मई को कर्मचारियों को अप्रैल तक की तनख्वाह जारी करने का आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने साफ किया कि यदि एमसीडी ऐसा नहीं करती है तो उस पर कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट कर दिया जाएगा.

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नई दिल्ली. दिल्ली नगर निगम (MCD) के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने के मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) की ओर से नियमों को कड़ी फटकार लगाई गई है. साथ ही निगमों को तुरंत कर्मचारियों को अप्रैल माह का वेतन (Salary) जारी करने का आदेश दिया है. कोर्ट के आदेश पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा (BJP) शासित निगमों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं.

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने बयान जारी करते हुए कहा कि कोर्ट ने भाजपा की एमसीडी से तत्काल 31 मई को कर्मचारियों को अप्रैल तक की तनख्वाह जारी करने का आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने साफ किया कि यदि एमसीडी ऐसा नहीं करती है तो उस पर कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट कर दिया जाएगा.

आप नेता ने कहा कि अभी कुछ दिनों पहले इन्होंने अपने पार्षदों के फंड को 2-2 करोड़ कर दिया था. यदि वह चाहते तो उस फंड से आराम से कर्मचारियों का वेतन दे सकते थे. आप ने एमसीडी से सभी कर्मचारियों को तत्काल तनख्वाह जारी करने की मांग की है.

पाठक ने कहा कि भाजपा की एमसीडी कोरोना (Corona) की इस गंभीर स्थिति में भी अपने कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं दे रही है. लगातार पिछले डेढ़-दो सालों से एमसीडी के कर्मचारी तनख्वाह के लिए परेशान हैं. वह बार-बार पैसे न होने का रोना रोती है और जब कोर्ट उन्हें समय पर तनख्वाह जारी करने को कहती है तो एमसीडी नई तारीख की याचिका करने लगती है.
उन्होंने कहा, एमसीडी के कर्मचारियों के वेतन को लेकर बहुत दिनों से कोर्ट में सुनवाई चल रही है. पिछले 15 सालों से एमसीडी पर भारतीय जनता पार्टी शासित है. आज एमसीडी की स्थिति यह है कि उनके पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं. अभी कुछ दिनों पहले इन्होंने अपने पार्षदों के फंड को 2-2 करोड़ कर दिया था. यदि वह चाहते तो उस फंड से आराम से कर्मचारियों का वेतन दे सकते थे.

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