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पिता बोले, ‘मेरे बेटे को नाम और गले का लाकेट देखकर मार डाला’, पुलिस ने नकारे आरोप

प्रतीकात्मक फोटो- शुक्रवार की रात एक युवक को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उसका नाम साहिल था. उसके गले में अजमेर दरगाह का लॉकेट था. बाद में युवक की मौत हो गई.
प्रतीकात्मक फोटो- शुक्रवार की रात एक युवक को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उसका नाम साहिल था. उसके गले में अजमेर दरगाह का लॉकेट था. बाद में युवक की मौत हो गई.

दिल्ली के जाफराबाद में हुई घटना को पुलिस बता रही है रोडरेज, इलाके के एसएचओ ने पिता के आरोपों को गलत बताया, CCTV फुटेज देखने की पिता ने की मांग

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 3, 2019, 5:52 PM IST
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दिल्ली के ज़ाफराबाद थाना इलाका में तीन दिन पहले एक 23 साल के युवक को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया था. बाद में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. दो दिन बाद आए युवक के पिता के बयान से यह मामला चर्चा में आ गया है. युवक के पिता का आरोप है कि उनके बेटे को धर्म विशेष समझकर मारा गया और पुलिस घटना को रोडरेज में बताकर लीपा-पोती कर रही है. घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी की फुटेज को भी सामने नहीं लाया जा रहा है. मौजपुर इलाके में सुनील सिंह बिल्डिंग मैटेरियल का काम करते हैं. परिवार में सबसे बड़ा साहिल कारोबार में पिता का हाथ बंटाता था.

गली से गुजरना बन गया मौत की वजह
मारे गए युवक साहिल के पिता सुनील सिंह का कहना है, “मेरा बेटा शुक्रवार की रात दोस्त की जन्मदिन पार्टी से लौट रहा था. उसके साथ उसका एक दोस्त भी था. तभी घर से कुछ दूर एक गली में कुछ युवकों ने उसे रोक लिया. युवक शराब पिये हुए थे. गली में से गुजरने को लेकर कुछ कहासुनी हो गई. बेटे के साथ मारपीट शुरु कर दी. दोस्त बचाने लगा, लेकिन वो अकेला पड़ गया.”

साहिल के गले में था दरगाह का लॉकेट
पिता सुनील सिंह बताते हैं, “मेरे बेटे साहिल के गले में सोने की चेन थी. उसी चेन में अजमेर शरीफ दरगाह का एक लॉकेट और 786 का लॉकेट पड़ा हुआ था. साहिल नाम और लॉकेट के चलते मेरे बेटे को मार दिया. पीटने वालों में कोई एक-दो लोग नहीं थे. भीड़ हाथों में डंडे लेकर उसे पीट रही थी. उसके दोस्त ने साहिल नाम लेकर बचाने की कोशिश की, तो नाम से भी उन्हें लगा कि वो एक खास धर्म का है. फिर वो बार-बार यह ही कह रहे थे कि तू हमारी गली में कैसे आया.”



सीसीटीवी फुटेज देखने की पिता की मांग
सुनील सिंह का कहना है, “जिस जगह मेरे बेटे के साथ यह घटना हुई वहां एक सीसीटीवी भी लगा हुआ है. पूरी घटना उस कैमरे में कैद है. लेकिन पुलिस उसकी जांच नहीं कर रही है. जब हमने कहा कि सीसीटीवी को चेक किजिए तो एसएचओ ज़ाफराबाद का कहना था कि वो तो खराब है उसमे कुछ नहीं आया है. इतना ही नहीं इस मामले में पुलिस ने जिन दो-तीन लोगों को पकड़ा था उसमे से भी एक को छोड़ दिया है.”

न्यूज़ 18 हिन्दी से क्या बोले एसएचओ ज़ाफराबाद
इस मामले में जब न्यूज़18 हिंदी ने एसएचओ ज़ाफराबाद से बात करनी चाही तो फोन पर उन्होंने कहा कि अभी वो बिजी हैं इसलिए थोड़ी देर में बात करेंगे. आधा घंटे बाद जब दोबारा फोन किया तो कॉल काट दी गई और एक मैसेज आया कि जो भी बात करनी है वो मैसेज कर दें. मामला और साहिल के पिता का आरोप मैसेज करने पर एसएचओ ने जवाब दिया कि साहिल के पिता के आरोप एकदम गलत हैं. वहीं दिल्ली पुलिस के पीआरओ डीसीपी मनदीप सिंह रंधावा से इस बारे में बात करनी चाही तो उनका फोन नहीं उठा. जब व्हाट्सएप पर उन्हें घटना का मैसेज भेजा गया तो उसका भी कोई जवाब नहीं आया.

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