काशी विश्वनाथ मंदिर मामले में पुरातत्व सर्वेक्षण के आदेश से हिंदू संगठन खुश, कहा-फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला स्वागतयोग्य

काशी विश्वनाथ मंदिर का पुरातात्विक सर्वेक्षण करवाने के फास्ट ट्रैक कोर्ट फैसले पर हिंदू संगठनों ने खुशी जाहिर की है. (file photo)

काशी विश्वनाथ मंदिर का पुरातात्विक सर्वेक्षण करवाने के फास्ट ट्रैक कोर्ट फैसले पर हिंदू संगठनों ने खुशी जाहिर की है. (file photo)

यूनाइटेड हिंदू फ्रंट ने विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Mandir) का पुरातात्विक सर्वेक्षण करवाने के फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) के फैसले का स्वागत किया है. फ्रंट का दावा है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) से स्पष्ट हो जाएगा कि प्राचीन मंदिर को ध्वस्त करके ही मस्जिद का निर्माण किया गया था.

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  • Last Updated: April 10, 2021, 10:59 AM IST
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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के वाराणसी (Varanasi) में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Mandir) और ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) परिसर के विवाद में अहम फैसला सुनाया है. फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस विवाद में पुरातत्व विभाग की टीम सर्वे करेगी.

कोर्ट के आदेश के मुताबिक पुरातत्व विभाग की 5 सदस्य टीम पूरे परिसर की खुदाई कर करेगी. इस दौरान मिले साक्ष्यों के आधार का अध्ययन किया जाएगा. इसके बाद पता लगेगा कि ज्ञानवापी परिसर के नीचे जमीन में मंदिर के अवशेष हैं या नहीं. इस फैसले पर साधु-संतों के अलावा हिंदू संगठनों ने भी खुशी जाहिर की है.

इस आदेश पर यूनाइटेड हिंदू फ्रंट ने खुशी जाहिर की है. फ्रंट ने विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Mandir) का पुरातात्विक सर्वेक्षण करवाने के फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) के फैसले का स्वागत किया है.

बताते चलें कि फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं हिंदू नेता जयभगवान गोयल ने दावा किया था कि ज्ञानव्यापी मस्जिद ही असल काशी विश्वनाथ मंदिर है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) से स्पष्ट हो जाएगा कि प्राचीन मंदिर को ध्वस्त करके ही मस्जिद का निर्माण किया गया था.
गोयल कृष्ण जन्म भूमि मथुरा के तथाकथित विवाद सहित अनेक ऐसे मंदिरों में भी पुरातत्व सर्वेक्षण की मांग कर चुके हैं जहां मंदिरों को ध्वस्त कर मस्जिदें बना दी गई अथवा मंदिरों के साथ मस्जिदों को खड़ा कर दिया गया.

फ्रंट के वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी  मनदीप गोयल ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति से जुड़े जहां भी बड़े तीर्थ स्थल है वहां पर मुस्लिम आक्रांताओं ने उसे नष्ट किया. इसका प्रत्यक्ष प्रमाण अयोध्या है.

काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी और कृष्ण जन्मभूमि मथुरा के प्रकरण में भी यह स्पष्ट हो जाएगा कि मंदिरों को ध्वस्त कर जबरी मस्जिदों का निर्माण किया गया था. उन्होंने कहा कि उनका संगठन आरंभ से ही कहता आ रहा है कि सनातन धर्म स्थलों पर किसी न किसी समय आक्रमण करके कब्जा कर लिया गया था. यह बातें अब खुलकर सामने आ रही हैं, इनकी विस्तृत जांच होनी चाहिए.



मनदीप गोयल ने कहा कि अयोध्या की तरह काशी विश्वनाथ मंदिर में भी यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के सैकड़ों कार्यकर्ता कार सेवा करने के लिए हर पल तत्पर हैं.
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