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दिल्ली दंगा मामले की हाईटेक चार्जशीट, एनिमेशन बनाकर पुलिस ने किया पूरी घटना का फिल्मांकन

दिल्ली दंगा: कोर्ट में पहुंची हाईटेक चार्जशीट, सबूतों के साथ पुलिस ने दिखाया घटना का एनिमेटेड वीडियो (फाइल फोटो)

दिल्ली दंगा: कोर्ट में पहुंची हाईटेक चार्जशीट, सबूतों के साथ पुलिस ने दिखाया घटना का एनिमेटेड वीडियो (फाइल फोटो)

साल 2020 में नार्थ ईस्ट दिल्ली जिला में हुए दंगा मामले की तफ्तीश की हाईटेक चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट में शुक्रवार को संज्ञान लेने का वक्त मुकर्रर हुआ.  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गठित एसआईटी द्वारा कोर्ट में तीसरी चार्जशीट दायर की गई थी, जो चार्जशीट दायर की गई वह कई मायनों में स्पेशल है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 5:36 PM IST
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नई दिल्ली. साल 2020 में नार्थ ईस्ट दिल्ली जिला में हुए दंगा मामले की तफ्तीश की हाईटेक चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट में शुक्रवार को संज्ञान लेने का वक्त मुकर्रर हुआ. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल द्वारा गठित एसआईटी द्वारा कोर्ट में तीसरी चार्जशीट दायर की गई थी, जो चार्जशीट दायर की गई वह कई मायनों में स्पेशल है. यह इसलिए क्योंकि चार्जशीट में काफी हाईटेक टेक्नोलॉजी के साथ और आधुनिक तरीके से मामले की तफ्तीश की गई. तप्तीश में उन तमाम सबूतों के साथ फॉरेंसिक नमूनों के बारे में जानकारी दी गई  है. कोर्ट में एनिमेशन वीडियो के जरिए इलाके में हुई हिंसा, आगजानी की हाईटेक फार्मेट में जानकारी दी गई.

कोर्ट में चार्जशीट दायर करने के वक्त एसआईटी की टीम ने दिल्ली हिंसा से जुड़े कई तथ्यों और सबूतों को हाईटेक तरीके से बनाए गए ऐनिमेशन प्रजेंटेंशन के तौर पर दिखाया. यह वीडियो इसलिए तैयार किया गया, जिससे कि उस हिंसा के वक्त उस इलाके में किस तरह से आगजनी,तोडफ़ोड और उग्र हिंसा को अंजाम दिए जाने की घटना को बेहतर तरीके से समझाया जा सके. कोर्ट में मौजूद स्पेशल सेल के अधिकारियों द्वारा उस वीडियो एनीमेशन को दिखाते हुए बताया गया कि कैसे चांदबाग, भजनपुरा, समेत अन्य इलाकों मेंं उग्र हिंसा को अंजाम दिया गया था. उसी उग्र हिंसा के दौरान दिल्ली पुलिस में डीसीपी पद पर कार्यरत अमित शर्मा सहित कई अन्य पुलिस अधिकारियों और जवानों पर भी उन उपद्रवियों ने हमला किया था. इसके साथ ही हंगामा करने वालों द्वारा आगजनी, हत्या, तोडफ़ोड़ करने से पहले कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया गया था. कैमरे टूट जाने से उन आरोपियों को कोई पहचान नहीं की जा सकी. पुलिस ने इस मामले में आधुनिक उपकरणों , गवाहों के बयान को आधार बनाते हुए इस मामले की तफ्तीश की और तमाम आरोपियों के बारे में विस्तार से जांच की है.

क्या स्पेशल था हाईटेक ऐनिमेशन वीडियो में  



स्पेशल सेल की टीम ने कोर्ट में दायर किए गए चार्जशीट को काफी सतर्कता और कानूनी पहलुओं का ध्यान करते हुए तैयार किया है.  इस ऐनिमेशन के द्वारा एसआईटी ने कोर्ट को ये बताया कि हिंसा को पहले से ही एक सोची समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया था. इसके लिए कई आरोपियों द्वारा कई राउंड की आपस में बैठक और मोबाइल फोन पर प्लान बनाकर उसे एक साजिश के तहत अंजाम दिया था. लिहाजा इस मामले में कई दर्जन हिंसा के आरोपियों के साथ -साथ  कुल 15 ऐसे आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया. जिसके खिलाफ गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम ) अधिनियम यानी  यूएपीए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था .
सीसीटीवी तोडऩे के बाद की गई हिंसा
स्पेशल सेल की टीम ने कोर्ट को उस ऐनिमेशन वीडियो के मार्फत ये भी दिखाया की हिंसा का प्रमुख लोकेशन
में एक चांदबाग में कहां -कहां सीसीटीवी लगे हुए थे. जहां सबसे पहले कई सीसीटीवी को हंगामा करने वाले आरोपियों ने उसे तोडा उसके बाद करीब आधा घंटे के बाद उसी इलाके में जमकर हिंसा को अंजाम दिया गया. उग्र हिंसा को अंजाम देने के वक्त करीब दो दर्जन से ज्यादा सीसीटीवी को कपड़ों से ढक दिया गया, जिससे कि उस हंगामा को आराम से अंजाम दिया जा सके.

कानूनी कार्रवाई से बचने नाबालिग लड़कोंं का लिया सहारा
साजिश को अंजाम देने वाले आरोपियों के बारे में ये भी बताया गया कि इस कार्य के लिए एक प्लान के तहत कई नाबालिग लड़कोंं का भी प्रयोग किया गया, जिससे उनके खिलाफ बहुत ज्यादा कानूनी कार्रवाई नहीं हो सके  . ऐनिमेशन वाले वीडियो में ये भी दिखाया गया कि कैसे दिल्ली पुलिस के सिपाही रतन लाल की हत्या को अंजाम दिया गया था.
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