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hoardings of bhaiya is back on the streets after the release of the rape accused the supreme court expressed displeasure nodbk

रेप आरोपी की रिहाई के बाद सड़कों पर लगे ‘भैया इज बैक’ के होर्डिंग, सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

आरोपी ने उच्च न्यायालय में दलील दी थी कि उन्होंने सहमति से संबंध बनाये थे. (सांकेतिक फोटो)

आरोपी ने उच्च न्यायालय में दलील दी थी कि उन्होंने सहमति से संबंध बनाये थे. (सांकेतिक फोटो)

Delhi News: मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारि तथा न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ को पीड़िता के वकील ने बताया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा आरोपी को जमानत दिये जाने की खुशी मनाते हुए स्थानीय इलाके में ‘भैया इज बैक’ (भैया वापस आये हैं) लिखे बैनर लगाये गये हैं. पीठ ने कहा, ‘‘जमानत के बाद आप खुशी किस बात की मना रहे हैं? बताया गया है कि एक होर्डिंग लगा है जिस पर लिखा है ‘भैया इज बैक’. इस होर्डिंग का क्या मतलब है.’’ बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि संभवत: आरोपी को जमानत दिये जाने के बाद होर्डिंग लगाये गये.

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नई दिल्ली. दुष्कर्म के एक आरोपी की जमानत पर रिहाई के बाद खुशी मनाने के लिए लगाये गये ‘भैया वापस आ गये’ लिखे होर्डिंग पर ध्यान आकृष्ट किये जाने के बाद नाराज उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को बचाव पक्ष के वकील से कहा, ‘‘अपने भैया से इस हफ्ते सतर्क रहने को कहना’’. न्यायालय ने इस मामले में आरोपी की जमानत निरस्त करने की पीड़िता की याचिका पर विचार करने का फैसला किया.

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारि तथा न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ को पीड़िता के वकील ने बताया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा आरोपी को जमानत दिये जाने की खुशी मनाते हुए स्थानीय इलाके में ‘भैया इज बैक’ (भैया वापस आये हैं) लिखे बैनर लगाये गये हैं. पीठ ने कहा, ‘‘जमानत के बाद आप खुशी किस बात की मना रहे हैं? बताया गया है कि एक होर्डिंग लगा है जिस पर लिखा है ‘भैया इज बैक’. इस होर्डिंग का क्या मतलब है.’’ बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि संभवत: आरोपी को जमानत दिये जाने के बाद होर्डिंग लगाये गये.

दलील दी थी कि उन्होंने सहमति से संबंध बनाये थे
पीठ ने कहा, ‘‘अपने भैया से कहिए कि इस हफ्ते सतर्क रहें.’’ पीठ ने जमानत रद्द करने की पीड़िता की याचिका को 18 अप्रैल को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया. प्राथमिकी में आरोप है कि आरोपी ने वयस्क उम्र लड़की को शादी का झूठा वादा करके तीन साल की अवधि में अनेक मौकों पर उसके साथ यौन संबंध बनाये. उसे पिछले साल सितंबर में गिरफ्तार किया गया था. उच्च न्यायालय ने उसे जमानत देते हुए कहा था कि सुनवाई की पूरी अवधि के दौरान आरोपी को हिरासत में रखना जरूरी नहीं है. आरोपी ने उच्च न्यायालय में दलील दी थी कि उन्होंने सहमति से संबंध बनाये थे.

Tags: Delhi news, Supreme Court

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