Corona से हुई बेटे की मौत, शव के लिए पिता अस्‍पताल प्रबंधन से गिड़गिड़ता रहा, उधार लेकर चुकाया बिल, तब मिला शव

सांकेतिक फोटो

सांकेतिक फोटो

बिल का भुगतान न करने पर अस्‍पताल प्रबंधन ने शव को मोर्चरी में रखवाया. पिता गिड़गिड़ता रहा लेकिन अस्‍पताल का दिल नहीं पसीजा. प्रशासन के हस्‍तक्षेप के बाद शव दिया.

  • Share this:

गाजियाबाद/ हापुड़. बेटे की कोरोना (Corona) की वजह से (deth) मौत हो गई. सूचना मिलने पर बेटे का शव (dethbody) लेने पिता अस्‍पताल पहुंचा. अस्‍पताल (hospital) प्रबंधन ने पहले बिल (bill) चुकाने को कहा. पिता के पास रुपए नहीं थे, उसने मिन्‍नतें कीं, लेकिन प्रबंधन का दिल नहीं पसीजा. कई घंटे इसी में गुजर गए. पिता ने रिश्‍तेदारों से उधार लेकर बिल चुकाया. तब बेटे का शव मिला और उसका अंतिम संस्‍कार हुआ.

मामला गाजियाबाद के करीब हापुड़ जिले के पिलखुवा कस्‍बे का है. मनोज गोयल छोटा मोटा काम कर परिवार का गुजारा चलाते हैं. उसका बेटा राजू गाजियाबाद में निजी कंपनी में काम करता था, पिछले सप्‍ताह उसे कोरोना हो गया. पिता ने कस्‍बे के एक अस्‍पताल में बेटे को भर्ती कराया. जहां उसकी मौत हो गई. सूचना मिलने पर मनोज शव लेने अस्‍पालत पहुंचे तो प्रबंधन ने 54  हजार रुपए का बिल थमा दिया.

पिता ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए रियायत करने की गुहार लगाई, लेकिन प्रबंधन नहीं माना और शव को मोर्चरी में भेजवा दिया. पूरा भुगतान करने के बाद ही शव देने की बात कही. इस पूरे घटनाक्रम में कई घंटे गुजर गए, पिता बेटे के अंतिम संस्‍कार के लिए शव देने की बात कहता रहा,लेकिन अस्‍पताल ने शव नहीं दिया. अस्‍पताल में मौजूद अन्‍य लोगों ने इसकी शिकायत प्रशासन से की.  एसडीएम धौलाना ने मामले में हस्‍तक्षेप किया. हस्‍तक्षेप के बाद अस्‍पताल ने बिल  35 हजार रुपए किया. चूंकि मनोज गोयल इलाज में पहले ही घर पर रखे रुपए खर्च कर दिए थे, इसलिए उनके पास रुपए नहीं थे. उन्‍होंने रिश्‍तेदारों से रुपए उधार लिए और अस्‍पताल का भुगतान किया. तब जाकर बेटे का शव  मिला और उसका अंतिम संस्‍कार किया.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज