Home /News /delhi-ncr /

house tax will not increase in ghaziabad delsp

गाजियाबाद में सर्किट रेट के अनुसार हाउस टैक्‍स लगाने का मामला लटका, जानें वजह

आज से विधानसभा सत्र शुरू होने की वजह से निगम की बैठक नहीं बुलाई जा सकेगी.

आज से विधानसभा सत्र शुरू होने की वजह से निगम की बैठक नहीं बुलाई जा सकेगी.

गाजियाबाद नगर निगम (Ghaziabad Municipal Corporation) की बोर्ड की बैठक में सर्किट रेट के अनुसार हाउस टैक्‍स लागू करने पर चर्चा होनी थी. रणनीति के तहत निगम पार्षद शाम छह बजे तक बजट पर ही चर्चा करते रहे. इस वजह से हाउसटैक्‍स और किराए के प्रस्तावों पर चर्चा ही नहीं हो सकी.

अधिक पढ़ें ...

    गाजियाबाद. शहरी इलाकों में सर्किट रेट (circle rate) के अनुसार हाउस टैक्‍स लगाने और दुकानों का किराया बढ़ाने का मामला फिलहाल लटक गया है. मेयर और पार्षदों द्वारा बनाई गयी रणन‍ीति काम आयी, बोर्ड बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हो पायी. इसका फायदा सीधा जनता को होगा, उन्‍हें अभी हाउस टैक्‍स पुरानी दरों के अनुसार ही देना होगा. हालांकि नगर निगम (Municipal Corporation) की आर्थिक हालत को देखते हुए हाउस टैक्‍स सर्किट रेट के अनुसार करना जरूरी हो गया है.

    गाजियाबाद नगर निगम (Ghaziabad Municipal Corporation) की बोर्ड की बैठक में सर्किट रेट के अनुसार हाउस टैक्‍स लागू करने पर चर्चा होनी थी. रणनीति के तहत निगम पार्षद शाम छह बजे तक बजट पर ही चर्चा करते रहे. इस वजह से हाउसटैक्‍स और किराए के प्रस्तावों पर चर्चा ही नहीं हो सकी. नगर आयुक्त इन प्रस्तावों पर चर्चा के लिए आज फिर बैठक बुलाना चाहते थे, लेकिन आज से विधानसभा सत्र शुरू हो गया है. इसके चलते नगर निगम की बोर्ड बैठक नहीं बुलाई जा सकी.

    ये भी पढ़ें: गाजियाबाद से कानपुर तक बनने वाले इकोनॉमी कॉरिडोर से इन शहरों को होगा फायदा

    निगम अधिकारियों ने बैठक के पहले सत्र में बजट पर चर्चा और लंच के बाद दूसरे सत्र में टैक्स और किराए समेत अन्य प्रस्तावों पर चर्चा की तैयारी कर रखी थी. पार्षदों ने रणनीति के तहत पहले चरण में एजेंडे पर चर्चा करने की बजाय वार्डों की समस्याएं उठा दीं. इस वजह से लंच तक बजट पर चर्चा ही शुरू नहीं हुई. नगर निगम पार्षदों ने इस प्रस्ताव को न तो पास किया और न ही निरस्त किया.

    अगर गाजियाबाद-दिल्‍ली एलिवेटेड रोड पर लगा टोल, तो चिंता की बात नहीं, दूसरा विकल्‍प भी हो रहा है तैयार

    अगर पार्षद प्रस्‍ताव को निरस्त करते तो नगर आयुक्त सीधे इसे शासन को भेज देते और शासन इस पर एकतरफा निर्णय लेकर टैक्स बढ़ा सकता था. इससे नगर निगम की आय बढ़ सकती है, राजस्व में 150 करोड़ रुपये अतिरिक्त आ सकते हैं. जिससे निगम की आर्थिक हालत भी ठीक हो सकती है. लेकिन पार्षदों ने इस प्रस्ताव को बीच में लटका दिया है. इस वजह से फिलहाल हाउस टैक्‍स सर्किल रेट के अनुसार नहीं बढ़ पाएगा.

    Tags: Ghaziabad News, House tax

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर