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BJP शासित राज्यों से कैसे बेहतर है दिल्ली की आबकारी नीति? केजरीवाल सरकार ने गिनाईं खूबियां

BJP शासित राज्यों से कैसे बेहतर है दिल्ली की आबकारी नीति? केजरीवाल सरकार ने गिनाईं खूबियां

केजरीवाल सरकार ने गिनाईं नई आबकारी नीति की खूबियां

केजरीवाल सरकार ने गिनाईं नई आबकारी नीति की खूबियां

Delhi new excise policy: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि नई पॉलिसी के पहले 3977 शराब की दुकानें (Alcohol Shops) हमने खुद बन्द कराई है. पहले 849 शराब दुकानें थीं, एक ही वार्ड में 27 शराब दुकानें थीं. 80 वार्ड में भी एक भी दुकान नहीं थी, 45 वार्ड में एक-एक दुकान थी.

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नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा में आज नई आबकारी नीति (New Excise Policy) पर जमकर हंगामा हुआ. विपक्ष ने दिल्ली की नई आबकारी नीति का विरोध किया. वहीं दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने कहा कि वो बीजेपी शासित राज्यों से बेहतर नीति लेकर आई है. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आप गुजरात राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश बॉर्डर पर चले जाइए, वहां अवैध शराब (Illegal Alcohol) मिल जाएगी. 10 हजार करोड़ का रेवेन्यू जो गुजरात सरकार को मिलना चाहिए था, वो BJP के नेता और ठेकेदार कमा रहे हैं, बिहार में भी यही हाल है.

बैंगलोर शहर की आबादी 1 करोड़ 93 लाख है और वहां 1800 शराब की दुकानें हैं. हर 10,750 लोगों पर एक शराब दुकान है. मुम्बई में 1.23 करोड़ लोग हैं और 1200 शराब दुकानें हैं. 10,200 लोगों पर एक शराब दुकान है. गुरुग्राम में 8.86 लाख आबादी और 480 शराब दुकानें, यानी हर 1845 लोगों पर एक शराब दुकान है.

गाजियाबाद की आबादी 28.67 लाख है और 950 शराब दुकान है, हर 2947 लोगो पर एक शराब दुकान है. नोएडा में 8.20 लाख लोग हैं, और 532 शराब दुकान है, यानी 1541 लोग पर एक शराब दुकान है. लेकिन दिल्ली में ढाई करोड़ की आबादी है और 849 शराब दुकानें हैं, यानी 29400 लोगों पर एक शराब की दुकान है.

BJP शाषित कई राज्यों में शराब पीने की उम्र इन्होंने 18 साल रखी है. BJP शषित नोएडा के रेस्टोरेंट में 21 साल के लड़के को शराब मिल सकती है, लेकिन यहां ये इसका विरोध कर रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि बीते 4-5 सालों में केजरीवाल सरकार के एक्साइज डिपार्टमेंट ने 3977 इलीगल ठेके बन्द किए हैं, उनमें से ज्यादातर उन 80 वार्ड्स में थे, जिनकी BJP नेता यहां दुहाई दे रहे थे. इस दौरान 4 हजार लोग अरेस्ट हुए, 2059 गाड़ियां सीज हुईं और 15 लाख 52 हजार बोतल शराब पकड़ी गई.

2018 में यह रेवेन्यू 5200 करोड़ हो गया. लेकिन हमें लगा कि कुछ लूपहोल परमानेंट हैं और उन्हें बंद करने के लिए पॉलिसी परमानेंट बदलनी होगी. पहले शराब दुकान की खिड़की सड़क पर खुलती थी. नई पॉलिसी में नियम है कि शराब दुकान के काउंटर सड़क की तरफ नहीं होंगे. पहले शराब दुकानों के सामने चिप्स के ठेले लगते थे, ऐसी बार-शाला अब बीते दिनों की बात हो गई है. नई पॉलिसी के पहले 3977 शराब दुकानें हमने खुद बन्द कराई है. पहले 849 शराब दुकानें थीं, एक ही वार्ड में 27 शराब दुकानें थीं. 80 वार्ड में भी एक भी दुकान नहीं थी, 45 वार्ड में एक-एक दुकान थी.

वहीं बीजेपी विधायक जीतेंद्र महाजन ने कहा कि इस सरकार ने कहा था कि अगर किसी इलाके के लोग विरोध करेंगे तो ठेका नहीं खोला जाएगा. लेकिन एक्साइज कमिश्नर ने हमारे सवाल के जवाब में कहा है कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. यह सरकार भविष्य में ऑनलाइन शराब की सप्लाई भी करने वाली है. अब ये मंदिर और स्कूल के सामने शराब का ठेका खोल रहे हैं. इस सरकार ने दिल्ली में ड्राई डे को 21 दिन से घटाकर 3 दिन कर दिया है.

Tags: Alcohol, Delhi Government, Delhi news

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