दिल्ली सरकार को हाईकोर्ट से फटकार, पूछा- MLA अमानतुल्लाह खान को वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनाने की अनुमति कैसे दी?

दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 9 नवंबर की तारीख तय की है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 9 नवंबर की तारीख तय की है.

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High court) ने कहा कि मामला यह है कि क्या अनियमितताओं के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति को वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए. जबकि दिल्ली सरकार (Kejriwal Government) ने उनके खिलाफ आरोपों में सोशल ऑडिट का आदेश दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 8:26 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्ली सरकार (Kejriwal Government) को फटकार लगाते हुए कहा कि वह विधायक अमानतुल्लाह खान को दिल्ली वक्फ बोर्ड (Delhi Waqf Board) का अध्यक्ष बनाने की अनुमति कैसे दे सकती है. जबकि विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए सोशल ऑडिट शुरू किया गया है. मामले की सुनवाई करने वाली दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस सीमा कोहली और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार से यह सवाल पूछा.

दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में उस नोटिफिकेशन को रद्द करने अनुरोध किया गया है जिसमें अमानतुल्लाह समेत दिल्ली वक्फ बोर्ड के सदस्यों में से बोर्ड का अध्यक्ष चुनने के लिए सोमवार को उनकी बैठक बुलाई गई.

मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि मामला यह है कि क्या अनियमितताओं के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति को बोर्ड का अध्यक्ष बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए. जबकि दिल्ली सरकार ने उनके खिलाफ आरोपों में सोशल ऑडिट का आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने कहा कि उन्हें व्यवस्था का हिस्सा ही क्यों बनने देना चाहिए जबकि उनके खिलाफ आरोप गंभीर हैं. हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता मोहम्मद इकबाल खान के द्वारा उनके वकील विजय केंद्र के माध्यम से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार से यह बात कही.



वहीं मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल संजय जैन ने कहा कि बोर्ड का स्पेशल ऑडिट से कोई लेना देना नहीं है. और इसके परिणाम सीधे सरकार को बताए जाएंगे. दिल्ली हाईकोर्ट ने एएसजी संजय जैन से पूछा कि क्या खान अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी करना चाहते हैं.
वहीं मामले की सुनवाई के दौरान विधायक अमानतुल्लाह खान की ओर से पेश वकील केसी मित्तल ने हाईकोर्ट से कहा कि अगर कोई सदस्य उनके नाम का प्रस्ताव रखता है तो वह लड़ेंगे. कोर्ट ने कहा कि याचिका में उठाए गए विषय पर विचार करने की जरूरत है और समय की कमी के कारण सोमवार को यह सुनवाई संभव नहीं है.

एसजीजी संजय जैन ने कहा कि अध्यक्ष चुनाव के लिए बोर्ड की बैठक 19 नवंबर तक स्थगित की जाएगी. तब दिल्ली हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 9 नवंबर की तारीख तय की है.
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