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कैसे बनाई गई टूल क‍िट? सच आ सकता है सामने..., द‍िशा, न‍िक‍िता-शांतुन से द‍िल्‍ली पुलि‍स की पूछताछ

द‍िशा, न‍िक‍िता और शांतुन से द‍िल्‍ली पुलि‍स की पूछताछ जारी
द‍िशा, न‍िक‍िता और शांतुन से द‍िल्‍ली पुलि‍स की पूछताछ जारी

Toolkit case: दिल्ली पुलिस की साइबर सेल की टीम टूलकिट मामले की आरोपी दिशा रवि और निकिता व शांतनु से कर रही है पूछताछ. आज ही दिशा रव‍ि की जमानत को लेकर दिल्‍ली की अदालत का आदेश भी आना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2021, 1:18 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में महीनों से जारी किसान आंदोलन से जुड़े टूलकिट केस में मंगलवार को द्वारका में साइबर सेल की टीम आरोपी दिशा और निकिता व शांतनु के साथ पूछताछ कर रही है. पुलिस तीनों को साथ बैठकर पूछताछ कर रही है. तीनों से टूल किट बनाने से लेकर उसमें डाले गए कंटेंट के बारे में पूछताछ हो रही है. मंगलवार दोपहर को दिशा को अदालत के समक्ष पेश करना है क्योंकि दिशा की रिमांड आज खत्म हो रही है. सोमवार को दिशा को दोबारा से रिमांड पर लिया गया था और कोट में दलील दी गई थी क‍ि निकिता और शांतनु के साथ बैठाकर पूछताछ करनी है. आज ही दिशा की जमानत को लेकर अदालत का आदेश भी आना है.

क्लाइमेट चेंज के मुद्दे पर नेताओं को सही ​फैसले लेने के लिए मजबूर करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मुहिम है कि स्कूल के बच्चे हर शुक्रवार को क्लास अटेंड करने के बजाय विरोध प्रदर्शन करते हैं. इस मुहिम के भारतीय संस्करण FFF की फाउंडर दिशा हैं, जो बेंगलूरु बेस्ड एक्टिविस्ट हैं.

ब्रिटिश मैगज़ीन वोग ने पर्यावरण संकट को मुख्यधारा में लाने वाले दुनिया के चार अहम अश्वेत एक्टिविस्टों की लिस्ट में दिशा रवि को एक माना था. न्यूज़ पोर्टलों समेत सोशल मीडिया पर दिशा नियमित रूप से कॉलम लिखती हैं और युवा व किशोर एक्टिविस्टों के लिए क्लाइमेट के मुद्दों पर फोरम का संचालन करती हैं.



आखिर गिरफ्तार क्यों की गईं दिशा?
दिशा पर आरोप है कि​ ट्विटर पर ग्रेटा थनबर्ग ने जो 'टूलकिट' शेयर की थी, दिशा ने उसे एडिट किया और सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड किया. दिल्ली की एक कोर्ट में पुलिस ने कहा कि भारत सरकार के खिलाफ एक बड़ी साज़िश में कथित खालिस्तानी मूवमेंट की भूमिका को लेकर दिशा से पूछताछ करना ज़रूरी है.

दिशा का मोबाइल फोन ज़ब्त कर लेने की बात भी पुलिस ने कही. पुलिस के मुताबिक 'टूलकिट' केस में दिशा महत्वपूर्ण कड़ी हैं क्योंकि दिशा ने इसे एडिट करने और फॉरवर्ड करने की बात कबूल की है. खबरों के मुताबिक दिशा ने कोर्ट में रोते हुए कहा कि किसान आंदोलन को सपोर्ट करने के मकसद से उन्होंने टूलकिट में सिर्फ दो लाइनें बदली थीं.

कैसे हो रही है टूलकिट जांच?
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रचारित व प्रसारित टूलकिट से जुड़ी जानकारियों के लिए गूगल से संपर्क किया है. टूलकिट में दो ईमेल आईडी, एक इंस्टाग्राम अकाउंट और एक URL का ज़िक्र बताया गया है, जिनके बारे में पुलिस ने जानकारी चाही है. टूलकिट क्रिएट करने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने 4 फरवरी को राजद्रोह, आपराधिक साज़िश और नफ़रत फैलाने का केस सेक्शन 124-A, 120-A व 153-A के तहत दर्ज किया था.
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