Delhi: ऑटो टैक्सी चालक कैसे पाएं सरकार से ₹5000 की सहायता राशि, जानें आवेदन करने की पूरी प्रकिया...

ऑटो टैक्सी चालकों को वित्तीय सहायता के लिये वेबसाइट पर जल्द ही लिंक को सक्रिय कर दिया जाएगा. (File Photo)

ऑटो टैक्सी चालकों को वित्तीय सहायता के लिये वेबसाइट पर जल्द ही लिंक को सक्रिय कर दिया जाएगा. (File Photo)

पैसेंजर सर्विस वाइकल बैज और पैरा-ट्रांजिट वाहनों के परमिट धारकों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए यह तय किया है कि जो कोई भी व्यक्ति पिछली योजना के तहत पहले ही ₹5000 की सहायता राशि प्राप्त कर चुका है, उसे फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी. MCDs के साथ मौतों का डाटा वेरिफिकेशन के बाद दिल्ली सरकार की ओर से उसके आधार कार्ड से लिंक बैंक खाते में राशि सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी.

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नई दिल्ली. कोरोना (Corona) की दूसरी लहर और दिल्ली (Delhi) में लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) के चलते ऑटो टैक्सी चालकों को दिल्ली सरकार (Delhi Government) की ओर से पांच ₹5000 की आर्थिक सहायता देने की योजना को दिल्ली कैबिनेट मंजूरी तो दे ही चुकी है. वहीं, अब उन सभी आवेदकों को इस राशि को प्राप्त करने के लिए कई मापदंड भी तय किए गए हैं. इन सभी शर्तों को पूरा करने के बाद ही सफल आवेदकों को यह आर्थिक सहायता राशि दी जा सकेगी.



दिल्ली सरकार ने उन सभी ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, टैक्सी, फटाफट सेवा, इको फ्रेंडली सेवा, ग्रामीण सेवा और मैक्सी कैब चालक आदि सभी को ₹5000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान करने का फैसला किया है जो कि पीएसवी यानी पैसेंजर सर्विस वाइकल बैज और पैरा-ट्रांजिट वाहनों के परमिट धारक हैं. इन सभी को यह सहायता राशि दी जाएगी.


लेकिन इस बार आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए यह भी तय किया है कि कोई भी व्यक्ति जो पिछली योजना के तहत पहले ही ₹5000 की सहायता राशि प्राप्त कर चुका है, उसे फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी.




दिल्ली सरकार की ओर से उसके आधार कार्ड से लिंक बैंक खाते में राशि सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी. लेकिन इससे पहले विभाग की ओर से वेरिफिकेशन किया जाएगा. उसके बाद ही संबंधित चालक को सहायता राशि ट्रांसफर की जाएगी.


दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने शहरी विकास विभाग से सभी संबंधित स्थानीय निकायों यानी दिल्ली नगर निगमों (MCDs) के साथ मौतों का सत्यापन किया जाएगा. परिवहन विभाग ने शहरी विकास विभाग को एक पत्र भी लिखा है जिसमें 1 फरवरी 2020 के बाद से अब तक का स्थानीय निकायों से पंजीकृत मौतों का डाटा मांगा गया है, इन सभी के आधार पर वेरिफिकेशन किया जाएगा. उन सभी चालकों को यह सहायता राशि मुहैया कराई जाएगी जो कि जीवित हैं. मृतक चालकों के परिजनों को यह राशि ट्रांसफर नहीं की जाएगी.


दिल्ली सरकार के मुताबिक पिछले साल 1,56,000 से अधिक ऑटो टैक्सी चालकों को वित्तीय सहायता के रूप में ₹78 करोड़ दिए गए थे. 2020 की योजना के उन सभी लाभार्थियों को इस बार फिर से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी. स्थानीय निकायों से सभी चालकों का सत्यापन कराये जाने के बाद उनके आधार कार्ड से लिंक बैंक खातों में ₹5000 सीधे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे.


दिल्ली में वर्तमान समय में 2,80,000 से अधिक पैसेंजर सर्विस वाइकल (पीएसवी) बैज धारक और 1,90,000 परमिट धारक हैं जो इस योजना के लिए आवेदन करने के पात्र हैं. वहीं, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पैरा ट्रांजिट वाहनों के सभी पीएसवी बैज और परमिट धारक जिन लोगों को पिछले साल किसी भी कारण से वित्तीय सहायता नहीं मिली थी, उन्हें वेबसाइट पर फिर से आवेदन या पंजीकरण करना होगा.


दिल्ली परिवहन विभाग के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक वेबसाइट पर जल्द ही उसके अंदर लिंक को सक्रिय कर दिया जाएगा जिससे कि सहायता राशि प्राप्त करने के लिए आवेदन किया जा सकेगा. इसको लेकर साइट पर परीक्षण किया जा रहा है. संभावना जताई जा रही है कि अगले 2 से 3 दिनों में आवेदकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा.


बताते चलें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में गत 14 मई को दिल्ली कैबिनेट की बैठक में सहायता योजना संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी.


पीएसवी बैज, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि की वैधता 30 जून तक बढ़ी

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), भारत सरकार के आदेश के अनुसार, सभी सार्वजनिक सेवा वाहनों के पीएसवी बैज, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि दस्तावेजों की वैधता को समय-समय पर मार्च 2020 तक बढ़ाया गया था. हाल ही में इसे 30 जून, 2021 तक बढ़ाया दिया गया है.

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