Home /News /delhi-ncr /

ओमिक्रोन वेरिएंट से बचा सकती है हाइब्रिड इम्युनिटी, विशेषज्ञ बोले, भारत में इन लोगों को खतरा कम

ओमिक्रोन वेरिएंट से बचा सकती है हाइब्रिड इम्युनिटी, विशेषज्ञ बोले, भारत में इन लोगों को खतरा कम

हाईब्रिड इम्यूनिटी से आशय ऐसे लोगों से है जिनको कोविड वैक्सीन की दोनों डोज भी लग चुकी है और उन्हें संक्रमण भी हो चुका है.

हाईब्रिड इम्यूनिटी से आशय ऐसे लोगों से है जिनको कोविड वैक्सीन की दोनों डोज भी लग चुकी है और उन्हें संक्रमण भी हो चुका है.

ओमिक्रॉन वेरिएंट जिसे पहली बार दक्षिण अफ्रीका में पहचाना गया. आज 40 से अधिक देशों में फैल चुका है. वेरिएंट में अब तक 30 से अधिक म्यूटेशन देखे जा चुके हैं और इसे पूर्व में पाए गए डेल्टा वेरिएंटे से अधिक संक्रामक माना जा रहा है.

    नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस के नए म्‍यूटेंट ओमिक्रॉन (Omicron) ने एक बार फिर इस बीमारी के डर को बढ़ा दिया है. विश्‍व के कई देशों के बाद भारत में भी इस वेरिएंट के कई मरीज मिलने के बाद यहां भी इसे लेकर निगरानी रखी जा रही है. डब्‍ल्‍यूएचओ और विश्‍व के तमाम स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ इस वेरिएंट को लेकर चिंतित हैं लेकिन अभी तक इसे लेकर ठोस चीजें भी सामने नहीं आई हैं जिससे पता चला सके कि यह वेरिएंट कितना खतरनाक है. हालांकि कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर हुए तमाम अध्‍ययनों के बाद यह तो तय है कि जिसकी इम्‍यूनिटी (Immunity) मजबूत है या जिसके अंदर अच्‍छी मात्रा में एंटीबॉडीज (Antibodies) बन चुकी हैं उसको इस वायरस (Virus) का ज्‍यादा खतरा नहीं है.

    अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (AIIMS) बीबी नगर तेलंगाना के निदेशक डॉ. विकास भाटिया कहते हैं कि मानव शरीर अपनी प्राकृतिक या सहज प्रतिरक्षा से कई तरह के संक्रमण को दूर रख सकता है. इसके अतिरिक्त संक्रमण के संपर्क में आने के बाद उसके प्रति शरीर में प्रतिरक्षा भी विकसित हो जाती है. कुछ ऐसे भी विषाणु (Virus) होते हैं जिनमें व्यक्ति को गभीर रूप से बीमार, अपंग या फिर मृत्‍यु तक पहुंचाने की क्षमता होती है. हालांकि वैक्सीन या टीका ऐसे संक्रमण के खिलाफ शरीर में मजबूत प्रतिरक्षा (Immunity) विकसित करने में सहायता करते हैं.

    ओमिक्रॉन से बचा सकती है हाइब्रिड इम्‍यूनिटी
    डॉ. भाटिया कहते हैं कि बीते दो साल से एसआरसीओवीटीटू लाखों लोगों की मृत्यु का कारण बना. भारत ने कोविड की गंभीर और घातक दूसरी लहर को देखा जिसकी वजह से देशभर में लाखों लोगों की जान चली गई. दूसरी लहर के बाद भारत में अब एक बड़ी आबादी उस श्रेणी में आती है जिनमें हाईब्रिड इम्यूनिटी (Hybrid Immunity) या हाईब्रिड प्रतिरक्षा विकसित हो गई. हाईब्रिड इम्यूनिटी से आशय ऐसे लोगों से है जिनको कोविड वैक्सीन की दोनों डोज भी लग चुकी है और उन्हें संक्रgमण भी हो चुका है. अध्ययन कहते हैं कि इस तरह की प्रतिरक्षा कोविड संक्रमण के प्रति अधिक मजबूत सुरक्षा प्रदान करती है. यह भी देखा गया है कि जिन लोगों कोविड संक्रमण (Covid Infection) हो चुका है और उसके बाद जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की एक डोज भी ली है, उनमें भी संक्रमण के खिलाफ एक बेहतर स्तर की इम्यूनिटी या प्रतिरक्षा देखी गई है. हमारी आबादी में मौजूद हाईब्रिड इम्यूनिटी वायरस की वजह से होने वाले गंभीर खतरे जैसे कि नये म्यूटेंट ओमिक्रॉन से भी बचा सकती है.

    भारत में एक बड़ी आबादी में हाइब्रिड इम्‍यूनिटी
    हाल ही में जारी किए गए राष्ट्रीय सीरो सर्वे के अनुसार बच्चों सहित भारत की 80 प्रतिशत आबादी में कोविड संक्रमण के प्रति एंटीबॉडी पाई गई. टीकाकरण के आंकड़े बताते हैं कि 85 प्रतिशत व्यस्क आबादी से अधिक लोगों को वैक्सीन (Vaccine) की पहली डोज दी जा चुकी है. देश की 50 प्रतिशत से अधिक व्यस्क आबादी को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है. ऐसे में कहा जा सकता है कि पचास प्रतिशत से अधिक आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है. लिहाजा एक बड़ी संख्‍या में लोगों में हाइब्रिड इम्‍यूनिटी आ चुकी है.

    40 से ज्‍यादा देशों में फैल चुका ओमिक्रॉन
    डॉ. कहते हैं कि ओमिक्रॉन वेरिएंट जिसे पहली बार दक्षिण अफ्रीका में पहचाना गया. आज 40 से अधिक देशों में फैल चुका है. वेरिएंट में अब तक 30 से अधिक म्यूटेशन (Mutation) देखे जा चुके हैं और इसे पूर्व में पाए गए डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) से अधिक संक्रामक माना जा रहा है. जिसने दूसरी लहर में भारत सहित अन्य देशों में गंभीर प्रभाव डाला था. ओमिक्रॉन विश्व भर में एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है. बहुत से देश संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए कई तरह उपाय अपना रहे हैं तथा सख्त पाबंदियां लगा दी गईं हैं.

    भारत में सतर्कता और सावधानी की जरूरत
    डॉ. कहते हैं कि भारत को भी सचेत रहने की जरूरत है. प्रारंभिक प्रमाण इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि वायरस अधिक संक्रामक है. बावाजूद इसके संक्रमण की वजह से लोग गंभीर रूप से बीमार या फिर उनकी मौत नहीं हो रही है. संक्रमण के अब तक के जो लक्षण देखे गए हैं, वह सर्दी जुखाम के साथ हल्के बुखार के रूप में देखे गए हैं. बावजूद इसके हमें अपने सुरक्षा मानकों को कम नहीं होने देना है. बहुत से देश खुद को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए नये तरीके अपना रहे हैं.

    उदाहरण के लिए जर्मनी के किसी भी रेस्ट्रां में पूरे टीकाकरण (Vaccination) बिना प्रवेश नहीं दिया जा रहा है. विश्व भर मे अब लोगों को यह बात समझ आ रही है कि कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करना कितना जरूरी है. लोग अब अपने व्यक्तिगत जीवन में मास्क का प्रयोग, सामाजिक दूरी, भीड़भाड़ में न जाना, नियमित रूप से हाथ धोना सैनेटाइजर का प्रयोग करना आदि का पालन कर रहे हैं. भारत में भी ये जारी रखना होगा. हमारी यह जिम्मेदारी बनती है कि हम कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लें और नियमित रूप से कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करते रहें. जिससे संक्रमण की तेजी से होने वाली वृद्धि को रोका जा सके.

    Tags: Omicron, Omicron Alert, Omicron variant

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर