ऑक्सीजन की कमी से हुईं मौतों पर नाकाफी मुआवजा, BJP ने कहा-परिजनों को 5 की जगह 10 लाख मिलें

सबसे ज्यादा मौतें ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई हैं जिस पर केजरीवाल सरकार ने परिजनों को ₹5 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की है.

सबसे ज्यादा मौतें ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई हैं जिस पर केजरीवाल सरकार ने परिजनों को ₹5 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की है.

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मांग की है कि कोरोना की वर्तमान लहर में ऑक्सीजन की कमी के कारण जिन लोगों की मृत्यु हुई है, उनके लिए मुआवजा राशि 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए की जाए.

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नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना (Corona) महामारी से अब तक 24,151 लोगों की मौत (Death) हो चुकी है. वहीं, कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा मौत रिकॉर्ड की गई हैं. सबसे ज्यादा मौतें ऑक्सीजन की कमी (Shortage of Oxygen) के चलते हुई हैं जिस पर केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) ने परिजनों को ₹5 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की है. इसको विपक्ष ने नाकाफी बताते हुए ₹10 लाख करने की मांग की है.

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी (Ramvir Singh Bidhuri) ने मांग की है कि कोरोना की वर्तमान लहर में ऑक्सीजन की कमी के कारण जिन लोगों की मृत्यु हुई है, उनके लिए मुआवजा राशि 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए की जाए.

उन्होंने यह मांग भी की है कि इन सभी लोगों के अस्पताल बिलों (Hospital Bills) के भुगतान की राशि भी या तो दिल्ली सरकार लौटाए या फिर अस्पताल वसूली गई राशि वापस करें. ऑक्सीजन की कमी के सारे घटनाक्रम और इसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी का भी गठन किया जाए ताकि इस लापरवाही के लिए दोषी लोगों को दंडित भी किया जा सके.

बिधूड़ी ने कहा कि इन सभी परिजनों ने अपने परिवार के सदस्य को कोरोना से स्वस्थ होने के लिए अस्पताल में दाखिल किया था. लेकिन लापरवाही के कारण उस प्रियजन की मौत हो गई. इस मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गए हैं. कई लोगों के कमाने वाले सदस्य ही चले गए. ऐसी हालत में सिर्फ पांच लाख रुपए की राशि बहुत कम है. यही नहीं, इससे ज्यादा अमानवीय स्थिति क्या होगी कि इन लोगों से अस्पतालों ने अपने बिल भी वसूल किए. ज्यादातर मामलों में ये बिल लाखों रुपए के हैं.
बिधूड़ी ने कहा कि अनुग्रह राशि बांटकर दिल्ली सरकार इस मामले से अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है जबकि इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.

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