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किसकी गलती से हुआ ट्रेन एक्सीडेंट, ये जानने के लिए इन तीन कर्मचारियों की 24 घंटे होगी वीडियो रिकॉर्डिंग

आज बनिहाल से बारामूला तक ट्रेन का ट्रॉयल किया जा रहा है. (Demo Pic)

आज बनिहाल से बारामूला तक ट्रेन का ट्रॉयल किया जा रहा है. (Demo Pic)

रेलवे बोर्ड (Railway Bord) के अध्यक्ष का यह आदेश (Order) एक्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर सेफ्टी (Executive Director Safety) ने जारी किया है.

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नई दिल्ली. किसी भी ट्रेन एक्सीडेंट (Train Accident) के बाद उसकी वजह जानने के लिए तुरंत ही एक जांच कमेटी (Inquiry committee) बना दी जाती है. कई दिन बाद या कभी-कभी महीनों बाद एक्सीडेंट की जांच रिपोर्ट (Inquiry Report) आ जाती है. लेकिन भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने ये जानने के लिए कि एक्सीडेंट किसकी वजह से हुआ एक बड़ा कदम उठाया है. अब ट्रेनों के संचालन से जुड़े तीन अहम पदों की रेलवे 24 घंटे निगरानी कराएगा. जिससे एक्सीडेंट के बाद कम से कम तुरंत ये तो पता चल जाएगा कि एक्सीडेंट आखिर किसकी गलती की वजह से हुआ.

ये तीन पद होंगे सीसीटीवी की निगरानी में

रेल मंत्रालय ने देश के सभी रेलवे स्टेशनों के स्टेशन मास्टर, पैनल रूम और रिले रूम की विडियो रिकॉर्डिंग कराने का आदेश जारी किया है. ये विडियो रिकॉर्डिंग 24 घंटे लगातार होती रहेगी ताकि किसी भी हादसे की बेहतर जांच की जा सके. कुहरे के मौसम के ठीक पहले इस तरह के आदेश का सीधा मतलब है कि अहम पदों पर बैठे लोगों की निगरानी हो सके. कुहरे के दौरान ट्रेन हादसों की आशंका काफी ज़्यादा होती है. विडियो रिकॉर्डिंग से ये पता लगाना संभव हो सकेगा कि आपात स्थिति में स्टेशन पर मौजूद किस कर्माचारी ने क्या एक्शन लिया था.

24 घंटे की रिकॉर्डिंग के पीछे ये है मकसद

दरअसल इस तरह के आदेश के पीछे रेलवे में होने वाले हादसों को माना जा रहा है. और कुहरे के मौसम में इसकी संभावना ज़्यादा बढ़ जाती है. विडियो रिकॉर्डिंग से यह जानकारी लेना आसान हो सकेगा कि ट्रेन एक्सीडेंट के ठीक पहले स्टेशन मास्टर, पैनल रूम या रिले रूम में बैठे कर्मचारी क्या कर रहे थे? क्या उनके किसी ग़लत कदम की वजह से कोई हादसा हुआ है. असल में इन तीनों जगहों पर बैठे रेल कर्मचारी ही बिल्कुल ज़मीनी स्तर पर ट्रेन के संचालन में शामिल होते हैं.

रेल मंत्रालय ने इसलिए उठाया है ये कदम

19 अगस्त 2017 को खतौली में उत्कल एक्स्प्रेस हादसे का शिकार हुई थी. उस हादसे में क़रीब 25 लोगों की मौत हो गई थी. हादसे की वजह ये थी कि रेलवे के मजदूर जिस पटरी को काटकर उसे ठीक कर रहे थे तो उसी पटरी पर उत्कल ट्रेन को सिग्नल दे दिया गया. लेकिन रेलवे के लिए यह पता लगाना मुश्किल था कि ऐसा क्यों और कैसे हुआ. लेकिन विडियो रिकॉर्डिंग मौजूद होने से यह जान पाना अब मुश्किल नहीं होगा. इसके साथ ही संवेदनशील पदों पर हर वक़्त कैमरे की निगरानी होने से कर्मचारी भी सतर्क रहेंगे और ट्रेनों का संचालन ज़्यादा सुरक्षित हो पाएगा.

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