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केजरीवाल सरकार के पेरेंट्स आउटरीज कार्यक्रम का अब विदेशों में भी बजने लगा डंका, इन विश्वविद्यालयों में शुरू होगा शोध

केजरीवाल सरकार के पेरेंट्स आउटरीज कार्यक्रम का अब विदेशों में भी बजने लगा डंका, इन विश्वविद्यालयों में शुरू होगा शोध

दिल्‍ली में आज से स्‍कूल और कॉलेज 50 फीसदी क्षमता के साथ खुल गए हैं. (फोटो-ANI)

दिल्‍ली में आज से स्‍कूल और कॉलेज 50 फीसदी क्षमता के साथ खुल गए हैं. (फोटो-ANI)

Delhi News: केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) के पेरेंट्स आउटरीज कार्यक्रम (Parent Outreach Programme) को लेकर अब दनिया के कई विश्वविद्यालयों में रिसर्च शुरू होने जा रहा है. दिल्ली सरकार के इस कार्यक्रम का अध्ययन अब ग्लासगो विश्वविद्यालय, टिलबर्ग विश्वविद्यालय और किंग्स कालेज लंदन के शोधकर्ताओं द्वारा किया जाएगा.

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    नई दिल्ली. दिल्ली सरकार (Delhi Government) के सरकारी स्कूलों (Government School) में चल रहे पेरेंट्स आउटरीच कार्यक्रम (Parent Outreach Programme) की लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है. केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) के पेरेंट्स आउटरीज कार्यक्रम को लेकर अब दनिया के कई विश्वविद्यालयों में रिसर्च शुरू होने जा रहा है. दिल्ली सरकार के इस कार्यक्रम का अध्ययन अब ग्लासगो विश्वविद्यालय, टिलबर्ग विश्वविद्यालय और किंग्स कालेज लंदन के शोधकर्ताओं द्वारा किया जाएगा. ग्लासगो विश्वविद्यालय, टिलबर्ग विश्वविद्यालय, नीदरलैंड और किंग्स कॉलेज, लंदन के शोधकर्ताओं की एक टीम दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ‘माता-पिता संवाद’ कार्यक्रम के प्रभाव को मापने के लिए आधारभूत मूल्यांकन और शोध करेगी. हर महीने स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों और स्कूल शिक्षकों के साथ आमने-सामने बातचीत के माध्यम से प्रत्येक सरकारी स्कूल के छात्र के माता-पिता तक पहुंचने और उनका समर्थन करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा पिछले महीने ही अभिभावक आउटरीच कार्यक्रम शुरू किया गया था.

    बता दें कि पेरेंट्स आउटरीच कार्यक्रम 28 अक्टूबर को शिक्षा निदेशालय द्वारा शुरू की गई एक पहल है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बीते गुरुवार को ही अपने बच्चों की शिक्षा में माता-पिता की भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें स्कूलों से जोड़कर और उन्हें बेहतर पालन-पोषण के गुर सिखाने के लिए ‘माता-पिता संवाद’ नामक एक अभिभावक आउटरीच कार्यक्रम शुरू किया था. यह एक ऐसी योजना है, जिसमें दिल्ली के सरकारी स्कूल लगभग 35 हजार छात्रों के माता-पिता से जुड़ेंगे ताकि बच्चे बेहतर शिक्षा और बेहतर पालन-पोषण से लाभान्वित हो सकें.

    28 अक्टूबर को शिक्षा निदेशालय द्वारा शुरू की गई थी
    अब विदेशी शोधकर्ताओं द्वारा छात्रों के माता-पिता के स्कूल आने और बच्चों के साथ किए गए संवाद का मूल्यांकन कर परिणाम तैयार किया जाएगा. इसके लिए शोधकर्ता छात्रों के पेरेंट्स से संवाद भी करेंगे. इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और आउटरीच समूह के सदस्यों के साथ साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा. इसके बाद इस कार्यक्रम के क्या प्रभाव पड़ा है उसका भी अध्ययन किया जाएगा.

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    शोधकर्ताओं द्वारा छात्रों के माता-पिता के स्कूल आने और बच्चों के साथ किए गए संवाद का मूल्यांकन कर परिणाम तैयार किया जाएगा.

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    शोध में छात्रों और माता-पिता के बीच होने वाली बातचीत पर को ध्यान में रखा जाएगा. शोधकर्ताओं की टीम आंध्र प्रदेश में केरिया विश्वविद्यालय में कार्यक्रम के प्रभाव को मापने के लिए आधारभूत मूल्यांकन और अनुसंधान आयोजित करेगा, जिसमें एक एंडलाइन मूल्यांकन भी शामिल होगा. मूल्यांकन और अनुसंधान उचित नमूना आकार की आवश्यकता के अनुसार शोधकर्ताओं द्वारा यादृच्छिक रूप से चुने गए स्कूलों के डेटा सेट के साथ आयोजित किया जाएगा. अंतिम परिणाम प्रस्ताव में प्रदान किए गए संकेतकों और शोध प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित करने वाले माता-पिता के आउटरीच कार्यक्रम के प्रभाव को दर्शाएगा.

    Tags: Delhi CM Arvind Kejriwal, Delhi School, Foreign Universities, Government School, Manish sisodia

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