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Covid-19: कोरोना के बहाने हेल्थ सेक्टर में हो रही तैयारियों का भविष्य में मिल सकता है फायदा

Covid-19: कोरोना के बहाने हेल्थ सेक्टर में हो रही तैयारियों का भविष्य में मिल सकता है फायदा

कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए हेल्थ सेक्टर में काफी निवेश हो रहा है. . (Demo Pic)

कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए हेल्थ सेक्टर में काफी निवेश हो रहा है. . (Demo Pic)

Coronavirus: विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस से लड़ने का यह कल्चर जनता को आगे भी कायम रखना चाहिए, इससे वायरल और सीजनल डिजीज में आ सकती है कमी

    नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Covid-19) के बहाने इस वक्त स्वास्थ्य सेक्टर (Health Sector) में जो निवेश और तैयारियां हो रही हैं उसका भविष्य में बहुत फायदा मिल सकता है. इस महामारी को खत्म करने को लेकर पूरा देश एकजुट है. कहीं सांसदों और विधायकों का वेतन कट रहा है तो कहीं कर्मचारी स्वेच्छा से एक-एक दिन का वेतन दे रहे हैं. ये सबकुछ इसलिए ताकि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हों और कोरोना वायरस से किसी की जान न जाए. विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा तो उसका लाभ हर हाल में मिलेगा.

    कोविड-19 से जंग के लिए सरकार का सबसे ज्यादा फोकस हेल्थ सेक्टर पर हुआ है. स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) के मुताबिक 49 हजार वेंटिलेटर  के ऑर्डर दिए गए हैं. 1.7 करोड़ पीपीई किट (PPE-Personal Protective Equipment) मंगाई जा रही है. इसके 20 निर्माता काम कर रहे हैं. डीआरडीओ रोजाना लगभग 20,000 एन99 मास्क बना रहा है. फिलहाल, कोरोना वायरस से लड़ने की तैयारियों से पहले भारत में सिर्फ 40,000 वेंटिलेटर थे.

    स्वास्थ्य सेक्टर के जानकार डॉ. सुरेंद्र दत्ता कहते हैं कि सिर्फ वेंटिलेटर (Ventilator) खरीदना काफी नहीं है. इसे चलाने के लिए पर्याप्त डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ भी चाहिए. फिर भी इतनी तैयारियों का हमें आगे चलकर फायदा तो होने ही वाला है. क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी. प्राइमरी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना भी बहुत जरूरी है.

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    सरकार 49 हजार वेंटिलेटर खरीद रही है


    डॉ. दत्ता का कहना है कि हम वायरस से लड़ने का प्रबंधन सीख रहे हैं. वरना इसके बारे में कभी किसी ने इतनी गंभीरता से सोचा नहीं था. साथ ही जनता ने भी मास्क पहनना और सेनेटाइजर का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. ये आदत कायम रही तो वायरल और सीजनल डिजीज में कमी आ सकती है. उम्मीद है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ न मिलाने का कल्चर आगे भी जारी रखेंगे.

    इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है, जनता जागरूकता भी कायम रखे

    उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री आश्विनी कुमार चौबे का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं जो स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति से कम नहीं हैं. आयुष्मान भारत योजना से जहां 50 करोड़ लोगों को पांच-पांच लाख रुपये तक का मुफ्त ईलाज मिलेगा वहीं एम्स की संख्या 20 से अधिक की गई है.

    पूरे देश में सुपरस्पेलिटी अस्पताल खुल रहे हैं. एनडीए-पार्ट-2 में 75 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं हैं. कोविड-19 से लड़ने के बहाने जो हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है उससे भविष्य में काफी फायदा मिलेगा. साफ-सफाई को लेकर लोगों में भी जागरूकता आई है, यह कल्चर बरकरार रखने की जरूरत है.

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    Tags: Coronavirus in India, Health Department, Lockdown. Covid 19, Modi government

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