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JBT भर्ती घोटाला मामले में ओम प्रकाश चौटाला की सजा खत्म, तिहाड़ जेल से हुए रिहा

ओम प्रकाश चौटाला की जेबीटी भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा विशेष छूट के तहत पूरी हो गई है. (फाइल फोटो)

ओम प्रकाश चौटाला की जेबीटी भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा विशेष छूट के तहत पूरी हो गई है. (फाइल फोटो)

ओम प्रकाश चौटाला (Om Prakash Chautala) तिहाड़ जेल से बाहर निकलने के बाद सीधे घर के लिए रवाना हो गए. उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की. इस दौरान उनके समर्थक भारी संख्या में तिहाड़ जेल के बार जुट गए थे.

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    नई दिल्ली. जेबीटी भर्ती घोटाला (JBT Recruitment Scam) मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश चौटाला (Om Prakash Chautala) की सजा पूरी हो गई है. ऐसे में उन्हें शुक्रवार सुबह तिहाड़ जेल से रिहा (Tihar Jail) कर दिया गया. ओम प्रकाश चौटाला तिहाड़ जेल से बाहर निकलने के बाद सीधे घर के लिए रवाना हो गए. उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की. इस दौरान उनके समर्थक भारी संख्या में तिहाड़ जेल के बाहर जुट गए थे. उन्हें जेल से बाहर आते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौर पड़ी.

    ओम प्रकाश चोटाला के वकील अमित साहनी ने बताया कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद ओम प्रकाश चौटाला के आग्रह को दिल्‍ली सरकार ने मंजूर कर 22 जून को हमें जेल प्रशासन के माध्‍यम से सूचित किया कि उन्‍हें एक बार जेल सरेंडर करना पड़ेगा. इसके बाद उनकी फाइनल रिहाई कर दी जाएगी. ओम प्रकाश चौटाला मेदांता अस्‍पताल में उपचाराधीन थे. सुबह करीब साढ़े दस, 11 बजे उन्‍होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया. हमने इस बारे में एक फॉर्मल एप्‍लीकेशन फाइल की क‍ि उन्‍हें औपचारिक रूप से रिहा किया जाए. कागजी कार्रवाई के बाद जेल प्रशासन की तरफ से उन्‍हें आज फाइनल रिलीज कर दिया गया है.



    दरअसल, कोरोना महामारी के कारण ओम प्रकाश चौटाला जेल से बाहर थे. उनकी सजा 23 जून को पूरी हो गई थी, लेकिन उनकी रिहाई की औपचारिकता पूरी नहीं हुई थी. ऐसे में शुक्रवार को वे जेल में पहुंचे और इसके बाद उनको औपचारिक तौर पर जेल से रिहा कर दिया गया. जेबीटी भर्ती घोटाले में 10 साल की उनकी सजा विशेष छूट के तहत पूरी हो गई है. वह कोरोना महामारी के कारण करीब सवा साल से जेल से बाहर थे.

    जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने सजा के मामले में दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसमें कहा गया था कि जेलों में भीड़ को कम किया जाए. इसको देखते हुए राज्य सरकारें अपने-अपने नियम बनाए. इस कड़ी में दिल्ली सरकार ने स्पेशल रिमिशन का एक नियम बनाया. इसके तहत 10 साल की सजा के साढ़े नौ साल पूरे कर चुके व्यक्तियों को छोड़ने का प्रावधान किया गया. इसी के मद्देनजर ओमप्रकाश चौटाला की सजा पूरी हो गई.

    राज्य सरकार उसकी रिहाई पर विचार कर सकती है
    बता दें कि ओम प्रकाश चौटाला ने भी दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी उम्र और दिव्यांगता के आधार पर जेल से रिहाई की मांग की थी. इससे पहले दायर याचिका में चौटाला ने केंद्र सरकार के 18 जुलाई, 2018 की अधिसूचना का हवाला दिया थाृ. अधिसूचना के तहत 60 साल से ज्यादा उम्र पार कर चुके पुरुष, 70 फीसदी वाले दिव्यांग व बच्चे अगर अपनी आधी सजा काट चुके हैं तो राज्य सरकार उसकी रिहाई पर विचार कर सकती है.

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