JNU देशद्रोह केस की टाइमिंग पर बोले कन्हैया- ऐसे समय दी गई मंजूरी, सबको सब कुछ समझ में आ जाएगा

कन्हैया कुमार ने देशद्रोह मामले में अपनी सफाई दी है. (फाइल फोटो)

कन्हैया कुमार ने देशद्रोह मामले में अपनी सफाई दी है. (फाइल फोटो)

JNU देशद्रोह मामले में कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) ने कहा कि हमें कोर्ट पर भरोसा है, सत्य की जय हो, सत्यमेव जयते. हमें उम्मीद है सत्य की विजय होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 29, 2020, 9:50 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. अरविंद केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal Government) ने देशद्रोह मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (Jawaharlal Nehru University Students Union) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) और दो अन्य लोगों पर केस चलाने की दिल्ली पुलिस को मंजूरी दे दी है. कन्हैया कुमार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मेरे ऊपर केस चलाने की अनुमति ऐसे मौके पर दी गई है कि सबको सब कुछ समझ में आएगा. उन्होंने कहा कि, ‘बिहार विधानसभा चुनाव होने वाला है, बीते शुक्रवार को ही हमने पटना में शानदार रैली की है.’



टीवी की जगह संविधान वाली कोर्ट में होगा फैसला

कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार में एनडीए की सरकार है. उस सरकार ने एनपीआर के खिलाफ रेजोल्यूशन पास किया है. राजनीतिक लाभ के लिए यह सब किया गया है. हम चाहते हैं कि इसमें स्पीडी ट्रायल हो, ताकि देश को पता चले कि कैसे देशद्रोह जैसे आरोप का दुरुपयोग किया जा रहा है? अब टीवी वाली अदालत की जगह संविधान वाले अदालत में फैसला होगा.



हमने देश के खिलाफ कोई नारा नहीं लगाया: कन्हैया
सीपीआई के टिकट पर बेगूसराय लोकसभा सीट से 2019 में चुनाव लड़ने वाले कन्हैया कुमार ने मामले में अपनी सफाई देते हुए कहा कि, ‘हमने देश के खिलाफ कोई नारा नहीं लगाया. केस चलाने की अनुमति ऐसे मौके पर दी गई है, सबको सब कुछ समझ में आ जाएगा. हमें कोर्ट पर भरोसा है, सत्य की जय हो, सत्यमेव जयते. हमें उम्मीद है सत्य की विजय होगी. हमारे ऊपर आरोप है कि हमने नारे लगाने वालों को नहीं रोका. बाप की बात बेटा नहीं मानता, मेरी बात कौन मानता.





90 दिन में दायर होनी चाहिए थी चार्जशीट: कन्हैया

कन्हैया ने कहा कि, नकाब पहनकर लोगों ने नारे लगाए, ये नकाब वाले लोग कौन है? कानून की प्रक्रिया कहती है कि 90 दिन में चार्जशीट दायर होनी चाहिए, इसलिए टाइमिंग पर सवाल उठने जायज हैं. इस मामले में केस चलाने की मंजूरी का मामला 13 माह से दिल्ली सरकार के पास लंबित था.



ये भी पढ़ें - 




अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज