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JNU हिंसा: RTI से खुलासा- न सर्वर रूम में रखे कंप्‍यूटर तोड़े गए और न ही CCTV कैमरे

News18Hindi
Updated: January 31, 2020, 7:19 PM IST
JNU हिंसा: RTI से खुलासा- न सर्वर रूम में रखे कंप्‍यूटर तोड़े गए और न ही CCTV कैमरे
गौरतलब है कि जेएनयू परिसर में रविवार रात उस वक्त हिंसा भड़क गयी थी, जब लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला कर दिया था और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था.

JNU Violence: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में 3 जनवरी को हुए तोड़फोड़ के मामले को लेकर RTI आवेदन दाखिल किया गया था. इसके जवाब में चौंकाने वाले तथ्‍य सामने आए हैं, जो JNU प्रशासन के दावों के विपरीत है.

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  • Last Updated: January 31, 2020, 7:19 PM IST
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नई दिल्‍ली. जवाहरलाल नेहरू विश्‍वविद्यालय (JNU) परिसर में 5 जनवरी और उससे पहले हुई हिंसा को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. सूचना का अधिकार कानून (RTI) के तहत दाखिल अर्जी के जवाब में नई बातें सामने आई हैं. आरटीआई के तहत दिए गए आवेदन में जवाब में JNU ने बताया कि विश्‍वविद्यालय परिसर में स्थित डाटा सर्वर रूम में किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं हुई. इसके अलावा CCTV कैमरों और बायोमीट्रिक सीस्‍टम को भी क्षतिग्रस्‍त नहीं किया गया था. मालूम हो कि JNU प्रशासन ने दावा किया था कि छात्रों ने 3 जनवरी को डाटा सर्वर रूम, CCTV कैमरे और बायोमीट्रिक सिस्‍टम को तबाह और बर्बाद कर दिया. आरटीआई कार्यकर्ता सौरव दास की अर्जी पर JNU द्वारा दिए गए जवाब की एक्‍सक्‍लूसिव प्रति CNN News18 के पास है.

रिप्‍लेस तक नहीं हुए कंप्‍यूटर
सौरव दास की अर्जी पर JNU द्वारा दिए गए जवाब में और भी चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. प्‍वाइंट नंबर दो में कहा गया है कि सर्वर रूम में रखे गए सभी सर्वर रूम को सिर्फ रिबूट करके सुधार लिया गया. न तो इन्‍हें कोई नुकसान पहुंचा था और न ही इन्‍हें रिप्‍लेस ही किया गया. इसके अलावा RTI जवाब के प्‍वाइंट नंबर 4 और 10 में स्‍पष्‍ट रूप से कहा गया है कि न तो CCTV कैमरों और न ही डाटा सर्वर रूम में तोड़फोड़ की गई.

ये बातें भी आईं सामने

आरटीआई कार्यकर्ता सौरव दास ने बताया कि उन्‍होंने 8 जनवरी को अर्जी देकर जवाब मांगा था. दास ने CNN News18 को बताया कि उन्‍होंने जेएनयू छात्रों की जिंदगी और उनकी स्‍वतंत्रता के खतरे में होने का दावा किया था. बकौल दास, उन्‍हें 24 घंटे में ही आरटीआई अर्जी का जवाब दे दिया गया था. इसके मुताबिक, जेएनयू प्रशासन ने 3 और 4 जनवरी को हिंसा की घटनाएं होने की बात कही है. सौरव दास ने बताया कि दिल्‍ली पुलिस की FIR के मुताबिक, तोड़फोड़ की घटनाएं 1 जनवरी को हुई थीं.


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First published: January 22, 2020, 9:56 AM IST
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