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आइशी घोष का आरोप- JNU कैंपस में जहां-जहां हिंसा हुई वहां सुरक्षा गार्ड थे, लेकिन...

News18Hindi
Updated: January 6, 2020, 8:24 PM IST
आइशी घोष का आरोप- JNU कैंपस में जहां-जहां हिंसा हुई वहां सुरक्षा गार्ड थे, लेकिन...
जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष (JNUSU) आईशी घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रविवार को पूरी घटना के बारे में बताया

जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष (JNUSU) आईशी घोष (Aishe Ghosh) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रविवार को कैंपस में जहां-जहां हिंसा हुई है वहां सुरक्षा गार्ड मौजूद थे, लेकिन कोई मदद नही मिली. यानी क्लियर नेक्सस है.

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  • Last Updated: January 6, 2020, 8:24 PM IST
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नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) छात्र संघ (JNUSU) की अध्यक्ष आईशी घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रविवार को पूरी घटना के बारे में बताया है. घोष ने कहा, 'ये हमला जो जेएनयू में हुआ है. ये पहली बार नहीं है. जामिया में भी हो चुका है. अलीगढ़ मुस्लिम यूनवर्सिटी में हो चुका है. पिछले 4-5 दिनों से कैंपस में हिंसा हो रही थी. आरएसएस (RSS) समर्थक प्रोफेसर इसको चला रहे थे. मेरे सामने जनरल सेक्रेटरी सतीश को लिंच करने जा रहे थे. मेरे सामने 2 दिन पहले प्रोफेसर उपाध्याय खुलेआम धमकी दे रहे थे. हम कल जब साबरमती पर इकठ्ठा हुए तो क्लियर था कि हिंसा नही होनी चाहिए.'

घोष आगे कहती हैं, '50 सालों में कभी ऐसा हुआ नहीं. शाम को 350 से 400 छात्र साबरमती में बैठक कर रहे थे. हम लोग चाय पी रहे थे. इसी बीच लोगों का हुजूम गंगा ढाबा पर इकठा हुआ. उनके हाथों में डंडा थे. हमें ये जानकारी मिली. वहां पहले एक मुस्लिम छात्र को थप्पड़ मारा गया. हमने पुलिस को बताया. हमने SHO, ACP को फोन और SMS किया. हमने उनको बोला कि लोगों का हुजूम इकठा हुआ है. आयरन रॉड, डंडे के साथ. पुलिस ने उस समय मुझे बताया कि सब नार्मल है. सबको हटा दिया गया है. उसके बाद 60-70 लोग यहां शाम को आए और पीटने लगे.'



30 लोगों ने आयरन रॉड से मारा
घोष ने मीडिया को बताया, 'सब इधर-उधर भागने लगे. वहां मुझे घेर लिया गया. हमारे साथ तीन और छात्र थे. मेरी बहन भी मेरे साथ थी, लेकिन उन्होंने किसी तरह अपने आप को बचाया. मेरे और मेरे साथी को 30 लोगों ने आयरन रॉड से मारा. हम बोल रहे थे ऐसे नहीं कर सकते. मेरा काफी खून बह रहा था मैं वहां गिर गई. मुझे कुछ लोगों ने बचाया फिर इलाज हुआ.'

जेएनयू कैंपस में जहां-जहां हिंसा हुई है वहां सुरक्षा गार्ड थे, लेकिन कोई मदद नही मिली. यानी क्लियर नेक्सस है. हम लोग फी-हाइक के खिलाफ आंदोलन करते हैं तब पुलिस संग मीडिया आ जाती है. लेकिन, जब दोपहर में हम पुलिस को हिंसा की सूचना देते है तो पुलिस नहीं आती. जामिया में दाखिल हो सकती है पुलिस ऐसा यहां नही कर सकते. रोहित वेमुला को याद करो. हमें लड़ना है जेएनयू आइसोलेशन में नहीं है. आरएसएस के गुंडों को दिखाना है की हमारे पास संविधान है.'

छात्र-छात्राओं को जमकर पीटा
बता दें कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) में रविवार देर शाम दो छात्र गुटों में झड़प हुई थी. इस घटना में कई छात्र घायल हो गए थे, जिनको एम्स में भर्ती कराया गया. सोमवार सुबह सभी घायलों को एम्स से डिस्चार्ज कर दिया गया. लेफ्ट छात्रों का आरोप है कि चेहरा ढके और हाथों में डंडे लिए कुछ लोगों ने छात्र-छात्राओं को जमकर पीटा है. इस हमले में करीब 20 छात्र और टीचर घायल हुए हैं. दिल्ली पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस हिंसा के बाद दूसरी यूनिवर्सिटी के छात्र भी जेएनयू छात्रों के समर्थन में आ गए हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक 4 संदिग्धों को हिरासत में लिया है.ये भी पढ़ें: Delhi Assembly Election 2020: कांग्रेस के टिकट पर ये दिग्गज होंगे चुनावी मैदान में शामिल!

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First published: January 6, 2020, 6:50 PM IST
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