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राष्ट्रपति भवन की भव्यता देख हैरान रह गईं कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं, फर्स्ट लेडी सविता कोविंद ने बढ़ाया 'सहयोग' का हाथ

राष्ट्रपति भवन की भव्यता देख हैरान रह गईं कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं, फर्स्ट लेडी सविता कोविंद ने बढ़ाया 'सहयोग' का हाथ

कस्तूरबा बालिका विद्यालय की छात्राओं के लिए प्रथम महिला सविता कोविंद ने स्कूल प्रबंधन को सौंपा 5 लाख का चेक.

कस्तूरबा बालिका विद्यालय की छात्राओं के लिए प्रथम महिला सविता कोविंद ने स्कूल प्रबंधन को सौंपा 5 लाख का चेक.

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर कस्तूरबा बालिका विद्यालय की 130 छात्राओं ने किया राष्ट्रपति भवन का टूर. विद्यालय में काम करने वाली सामाजिक संस्था 'सहयोग' की मदद से छात्राओं ने प्रथम महिला सविता कोविंद से भी की मुलाकात.

    नई दिल्ली. राजधानी के ईश्वरनगर में संचालित कस्तूरबा बालिका विद्यालय के छात्राओं का एक दल बीते दिनों 11 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन में था. मौका था अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का. इस मौके पर बच्चियों ने न सिर्फ राष्ट्रपति भवन की खूबसूरती देखी, बल्कि यहीं पर स्थित सांस्कृतिक केंद्र में प्रथम महिला, सविता कोविन्द से भी मुलाकात की. कस्तूरबा विद्यालय में कमजोर वर्ग की बच्चियों के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए काम करने वाली सामाजिक संस्था ‘सहयोग’ की मदद से बालिका विद्यालय की छात्राओं को यह मौका मिला. आपको बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और देश की फर्स्ट लेडी सविता कोविंद की बेटी स्वाति कोविंद ने इस संस्था की शुरुआत की है. वह पिछले कुछ साल से इसके जरिये कस्तूरबा बालिका विद्यालय की छात्राओं के विकास का काम कर रही हैं.

    दिल्ली के मशहूर लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएट स्वाति कोविंद अपनी संस्था के जरिये वंचित वर्ग की लड़कियों की शिक्षा और उनके स्वास्थ्य समेत अन्य सामाजिक कार्य में रुचि रखती हैं. खासकर स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों को छात्रवृत्ति दिलाने, उनके लिए मेडिकल कैंप और खेल के उपकरण उपलब्ध कराने में स्वाति कोविंद की संस्था स्कूल के साथ मिलकर काम करती है. पिछले कुछ वर्षों में संस्था की मदद से विद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. अपने पिता और मां की तरह ही स्वाति कोविंद भी गांधी जयंती, रक्षाबंधन, शिक्षक दिवस जैसे अवसरों पर वंचित वर्ग की छात्राओं की मदद के लिए कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं. इसी क्रम में कस्तूरबा बालिका विद्यालय की 130 बच्चियों को 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन लाया गया था.

    फर्स्ट लेडी ने दिया 5 लाख का चेक
    इस अवसर पर छात्राओं ने राष्ट्रपति भवन में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया, जिसमें भजन, नृत्य (घूमर और डांडिया) और गीत गायन शामिल थे. प्रथम महिला सविता कोविन्द ने इस अवसर पर स्कूल में पढ़ने वाले समाज के कमजोर वर्गों के छात्राओं की मदद के लिए कस्तूरबा बालिका विद्यालय के श्री लक्ष्मी दास और श्री श्याम सूरी को 5 लाख रुपये का चेक भी सौंपा. आपको बता दें कि कस्तूरबा बालिका विद्यालय में लगभग 800 छात्राएं पढ़ती हैं, जिनमें से लगभग 150 छात्रावास में रहती हैं. यह हॉस्टल केवल अनुसूचित जाति की लड़कियों के लिए है. स्कूल में केजी से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं हैं. यह विद्यालय सीबीएसई से सम्बंधित है. इन रुपयों का इस्तेमाल हॉस्टल के रख-रखाव और छात्राओं की पुस्तकों और गर्म कपड़े आदि खरीदने के लिए किया जाएगा.

    राष्ट्रपति भवन का गाइडेड टूर भी किया
    कस्तूरबा बालिका विद्यालय की 130 छात्राओं ने भी भाग लिया. कार्यक्रम से पहले सभी छात्राओं को राष्ट्रपति भवन का गाइडेड टूर भी कराया गया जिसमें उन्हें राष्ट्रपति भवन के इतिहास, वास्तुकला इत्यादि की जानकारी दी गई. इस अवसर पर हरिजन सेवक संघ के उपाध्यक्ष लक्ष्मी दास, विद्यालय प्रबंधन के श्याम सूरी, उप-प्रधानाचार्य अनीता शर्मा भी मौजूद रहीं. गौरतलब है कि महात्मा गांधी ने साल 1932 में हरिजन सेवक संघ की स्थापना की थी. संघ ने ही 1944 में कस्तूरबा गांधी की मृत्यु के बाद उनके नाम पर बालिका विद्यालय की शुरुआत की. इसका उद्देश्य गरीब परिवारों की लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है.

    Tags: Rashtrapati bhawan

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