कंस्ट्रक्शन वर्करों को केजरीवाल सरकार की बड़ी सौगात, जानें रजिस्ट्रेशन कराने वालों को क्‍या-क्‍या मिलेंगी सुविधाएं?

दिल्ली सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए बड़ी योजनाओं की घोषणा की है. (File Photo)

दिल्ली सरकार करीब 300 जगहों पर मजदूरों के लिये अवेयरनेस कैंप लगाने जा रही है. इसके अलावा रजिस्ट्रेशन कैंप भी लगाए जाएंगे. यह 262 लेबर चौक पर भी लगाये जाएंगे. रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 1076 की कॉल की सुविधा दी हुई है. दिल्ली भर में 45 जगहों पर रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए जाएंगे. इन कैंपों में पलंबर, गार्ड, इलेक्ट्रीशियन, मजदूर, राजमिस्त्री कोई भी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है. कैंप सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे.

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    नई दिल्ली. कंस्ट्रक्शन वर्कर देश की रीड की हड्डी होते हैं. दिल्ली सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए बड़े पैमाने पर पंजीकरण का अभियान शुरू किया है ताकि दिल्ली के श्रमिकों को शिक्षा, पेंशन, मातृत्व, विवाह आदि से संबंधित सभी योजनाओं का लाभ अच्छे तरीके से मिल सके.



    दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने इसी माह करीब 488 श्रमिकों को अलग-अलग मदों में तीन करोड़ 18 लाख रुपए का भुगतान भी किया है.



    यह मजदूर देश के स्टील फ्रेम को मजबूत करता है. इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे मजबूत हाथ कंस्ट्रक्शन वर्कर है. वर्कर खड़ा होता है तो हमारी इमारतें खड़ी होती हैं शहर खड़े होते हैं और सड़कें बनती होती हैं. मजदूरों के कल्याण के लिए बहुत-सी योजनाएं बनाई हैं. लेकिन इसमें बड़ी दिक्कत यह आ रही है कि उनको जानकारी नहीं मिल पाती कि उनका कैसे लाभ उठा सकें?


    सिसोदिया ने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली में करीब 10 लाख कंस्ट्रक्शन वर्कर हैं जिनमें खुदाई करने वाले से लेकर राजमिस्त्री पलंबर सुरक्षा गार्ड व अन्य सभी साइट पर काम करने वाले शामिल हैं


    लेकिन जानकारी के अभाव के चलते अभी सिर्फ दिल्ली सरकार में 212000 वर्कर ही रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में है. इनमें से 29000 ऐसे हैं जिनका हाल ही में रजिस्ट्रेशन हुआ है, वहीं 50000 का रजिस्ट्रेशन प्रोसेस चल रहा है. बाकी के इतनी बड़ी संख्या में  कंस्ट्रक्शन वर्कर अभी इस सिस्टम से बाहर हैं. इन सभी को अब रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में लाने के लिए एक बड़ा अभियान दिल्ली में शुरू किया जा रहा है.


    300 जगहों पर लगेंगे अवेयरनेस कैंप

    दिल्ली में करीब 300 जगहों पर अवेयरनेस कैंप लगाए जाएंगे. इन जगहों पर अवेयरनेस कैंपेन के अलावा रजिस्ट्रेशन कैंप भी लगाए जाएंगे. कुल 262 जगह ऐसी है जहां पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में हर रोज कंस्ट्रक्शन वर्कर एकत्र होते हैं. इनको आम भाषा में हम लेबर चौक पुकारते हैं.


    इन सभी जगह पर लगाए जाने वाले अवेयरनेस प्रोग्राम में उनको बताया जाएगा कि सरकार की ओर से उनको किस किस तरह की योजनाओं का लाभ मिल सकता है. दूसरा रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 1076 की कॉल की सुविधा दी हुई है.


    45 जगहों पर लगेंगे मजदूरों के रजिस्ट्रेशन कैंप

    उन्होंने बताया कि एक बड़े लेवल पर जो कैंपेन चला रहे हैं उसके चलते दिल्ली भर में 45 जगहों पर रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए जाएंगे. इन कैंपों में पलंबर, गार्ड, इलेक्ट्रीशियन, मजदूर, राजमिस्त्री कोई भी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है. रजिस्ट्रेशन कराने के बाद उसको दिल्ली सरकार की ओर से सभी सुविधाएं मिल सकेंगी. यह कैंप सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे. हर कैंप में चार से पांच काउंटर बनाए जाएंगे जिससे कि ज्यादा से ज्यादा मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया जा सके.

     

    दिल्ली सरकार की ओर से इन सुविधाओं का उठा सकते हैं लाभ

    सिसोदिया ने बताया कि मजदूरों को सरकार के पास रजिस्ट्रेशन कराने के बाद काफी सुविधाएं मिलने लगेंगी. महिला वर्करों को विशेष तौर से मैटरनिटी का लाभ मिलेगा. ₹30000 उसे बच्चा पैदा होने के बाद दिया जाता है और ₹3000 की सहायता उसको गर्भपात हो जाने की स्थिति में दी जाती है.

     

    60 साल की उम्र में सरकार देती है 3000 की पेंशन

    कंस्ट्रक्शन वर्कर को हर महा 60 साल के उम्र में हर महा ₹3000 उसको पेंशन के रूप में दिए जाते हैं. रजिस्ट्रेशन कराने वाला वर्कर अगर घर बनाना चाहता है तो उसको दिल्ली सरकार की ओर से तीन लाख से ₹500000 तक की आर्थिक रूप से मदद घर खरीदने के लिए दी जाती है. कंस्ट्रक्शन वर्कर को जो कि दिव्यांग हो जाता है ₹3000 की पेंशन दिव्यांगता के रूप में किसी भी उम्र के व्यक्ति को दी जाती है. अगर पूरी तरीके से दिव्यांग हो जाता है तो उसे एक लाख का मुआवजा दिया जाता है. टूल खरीदने के लिए भी सरकार की ओर से ₹20000 तक की मदद उसको दी जाती है. वहीं ₹5000 हर साल में उसको दिए जाते हैं.

     

    मृत्यु होने की स्थिति में भीम मिलता है मुआवजा

    कंस्ट्रक्शन वर्कर की मृत्यु हो जाती है तो ₹10000 उसको परिवार को तुरंत दिए जाते हैं अगर किसी की डेथ प्राकृतिक रूप से हो जाती है तो ₹100000 उसको दिए जाते हैं और साइट पर होती है तो उसको ₹200000 उसके परिवार को दिए जाते हैं. मेडिकल सुविधा के रूप में ₹10000 दिए जाते हैं.


    पढ़ने वाले बच्चों को भी मिलती है बड़ी आर्थिक सहायता राशि

    उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए सरकार ने भी काफी योजना बनाई है. अगर किसी कंस्ट्रक्शन लेबर का बच्चा स्कूल में पढ़ रहा है तो क्लास प्रथम से आठवीं तक सालाना ₹6000 दिए जाते हैं. 9 से 10 तक ₹8400 और 11वीं से 12वीं तक ₹12000 सालाना दिए जाते हैं. आईटीआई, एलएलबी करने वाले बच्चों को भी सरकार की ओर से 36000 रुपये की बड़ी आर्थिक रूप से मदद दी जाती है.


    महिला का सेक्शन वर्कर को शादी के लिए मिलते हैं ₹51000

    अगर कोई कंस्ट्रक्शन वर्कर महिला जो है वह शादी कर रही है या उसकी बेटी की शादी के लिए ₹51000 की बड़ी मदद दी जाती है. वहीं, पुरुष अगर खुद शादी कर रहे हैं या बेटे की शादी है तो उसके लिए ₹35000 की मदद दी जाती है. डीटीसी का 2400 रूपये का बस पास फ्री दिया जाता है.


    एक सवाल के जवाब में मनीष सिसोदिया ने यह भी कहा कि ठेकेदारों की जिम्मेदारी है कि वह उनका रजिस्ट्रेशन कराएं. छोटी-छोटी साइट पर काम चल रहा है तो उनका भी मोबाइल वैन के जरिए साइट पर ही रजिस्ट्रेशन कराया जाए. इस तरह की व्यवस्था भी हम करने जा रहे हैं.


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