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डिग्रियों से आगे युवाओं में हुनर तराश रही दिल्ली सरकार, छात्रों की तकदीर बदलने में जुटे CM केजरीवाल

डिग्रियों से आगे युवाओं में हुनर तराश रही केजरीवाल सरकार, इस फैसले से बदल रही है छात्रों की तकदीर.

डिग्रियों से आगे युवाओं में हुनर तराश रही केजरीवाल सरकार, इस फैसले से बदल रही है छात्रों की तकदीर.

केजरीवाल सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने के बड़े मिशन पर काम कर रही है. इसके लिए दिल्ली सरकार की तरफ से स्किल सेंटर खोले जा रहे हैं. इसके जरिए सीएम केजरीवाल छात्रों के भीतर उनके हुनर को तराशते हुए उन्हें रोजगार मुहैया कराने की कोशिश में हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 6, 2021, 10:57 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने अहम निर्णयों से अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. इस बार वो बेरोजगारों को रोजगार देने के बड़े मिशन पर काम कर रहे हैं. इसके लिए दिल्ली सरकार की तरफ से स्किल सेंटर खोले जा रहे हैं. इसके जरिए सीएम केजरीवाल छात्रों के भीतर उनके हुनर को तराशते हुए उन्हें रोजगार मुहैया कराने की कोशिश में हैं. माना जा रहा है कि कोरोना काल में स्नातक की पढ़ाई करने वाले छात्रों के बजाए उन युवाओं की नौकरियां अधिक लगी हैं, जो किसी न किसी कौशल के प्रशिक्षण में पारंगत थे. ऐसे में केजरीवाल सरकार की ओर से दिल्ली में आठवां स्किल सेंटर शुरू किया गया है.

जानकारी के मुताबिक दिल्ली में हर साल ढाई लाख छात्र स्कूल से पासआउट होते हैं और उनमें से केवल सवा लाख को ही दिल्ली के उच्च शिक्षा संस्थान दाखिला दे पाते हैं. ऐसे में केजरीवाल सरकार की योजना है कि उन युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दी जाए, ताकि वो जीवन में अपने स्किल के माध्यम से कुछ नया कर सकें. आंकड़ों के अनुसार देश में हर साल 50 लाख बच्चे स्किल का कोर्स करते हैं. उसमें से 50 प्रतिशत को नौकरियां मिल जाती हैं, लेकिन बाकी की आस टूट जाती है. खासकर उन लोगों को नौकरियां नहीं मिल सकीं, जो डिग्री या सर्टिफिकेट से आगे अपनी प्रतिभा का विकास नहीं कर सके.

'वर्ल्ड  क्लास स्किल सेन्टर' से जगी छात्रों में उम्मीद



हाल ही में केजरीवाल सरकार ने आठवां वर्ल्ड  क्लास स्किल सेंटर शुरू किया है. आईटीआई कैंपस, जेल रोड, हरि नगर में 'वर्ल्ड क्लास स्किल सेंटर' की शुरुआत की गई है. वर्ष 2015 में पहला सेंटर सिंगापुर गवर्नमेंट के सहयोग से शुरू किया गया था. यहां एक साल के अंदर उसके रिजल्ट बेहतर रहे. इन रिजल्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों से सामान्य स्नातक और प्रोफेशनल कोर्स करने वाले भी नौकरियों के मामले में पिछड़ने लगे हैं.
DU के छात्रों के मुकाबले स्किल सेंटर वालों को अधिक नौकरियां

दिल्ली यूनिवर्सिटी से चार साल का कोर्स पूरा करने वाले छात्रों की इतनी नौकरियां नहीं लग रही थीं, जितना कि इस वर्ल्ड क्लास स्किल सेंटर के माध्यम से लग रही हैं. यह इसलिए हो रहा है क्योंकि बाजार में स्किल की मांग बढ़ी है. कोरोना काल में सबसे ज्यादा नौकरी उन्हें ही मिली हैं, जिन्हें कोई न कोई कौशल आता था. ऐसे में दिल्ली सरकार वर्ल्ड क्लास कौशल केंद्रों के माध्यम से बच्चों को कुशल बना रही है. दिल्ली सरकार युवाओं को रोजगार देने को लेकर उनके भीतर की प्रतिभा के आधार पर उन्हें नौकरी देने की बड़ी सोच के साथ काम पर लग गई है.
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