केजरीवाल सरकार के रीमॉडलिंग हेल्थ केयर सिस्टम से अस्पतालों में बढ़ जाएंगे 5,000 बेड! जानिए इसके बारे में

सरकारी अस्पतालों में रीमॉडलिंग हेल्थ केयर सिस्टम के तहत जहां कई हजार बेड बढ़ाने का काम किया जा रहा है. 
(Design -LBS Hospital/twitter )

सरकारी अस्पतालों में रीमॉडलिंग हेल्थ केयर सिस्टम के तहत जहां कई हजार बेड बढ़ाने का काम किया जा रहा है. (Design -LBS Hospital/twitter )

दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में रीमॉडलिंग हेल्थ केयर सिस्टम के तहत जहां कई हजार बेड बढ़ाने का काम किया जा रहा है. साथ ही कई नये अस्पतालों के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास किये जा रहे हैं. इन 14 नये-पुराने सरकारी अस्पतालों में निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद करीब 5000 बेड्स की संख्या बढ़ जाएगी.

  • Share this:

नई दिल्ली. दिल्ली सरकार (Delhi Government) कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के मद्देनजर मौजूदा स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा बदलाव करने में जुटी हुई है. सरकारी अस्पतालों में रीमॉडलिंग हेल्थ केयर सिस्टम (Remodelling Health Care System) के तहत जहां कई हजार बेड बढ़ाने का काम किया जा रहा है.

साथ ही कई नये अस्पतालों के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास किये जा रहे हैं. इन 14 नये-पुराने सरकारी अस्पतालों में निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद करीब 5,000 बेड्स की संख्या बढ़ जाएगी.

सिरसपुर में बनाया जा रहा 1,168 बेड्स का नया अस्पताल 

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की माने तो सिरसपुर में 1,168 बेड्स का नया अस्पताल बनाया जा रहा है. इसके निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अस्पतालों में मौजूदा बेड्स की संख्या में बढ़ोतरी हो जाएगी.
LNJP में बन रहा है 1,500 बेड का नया ब्लॉक 

इसके अलावा बड़े सरकारी अस्पतालों में माने जाने वाले लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP) में 1,500 बेड का एक नया ब्लॉक तैयार किया जा रहा है. इस ब्लॉक का निर्माण पूरा होने के बाद यहां मरीजों को और ज्यादा बेड उपलब्ध हो सकेंगे.

मादीपुर व ज्वालापुरी में बन रहे दो नये अस्पताल



दिल्ली सरकार की ओर से मादीपुर और ज्वालापुरी में भी दो नये अस्पतालों का निर्माण किया जा रहा है. इससे आसपास के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा लाभ मिल सकेगा.

रीमॉडलिंग योजना में इन अस्पतालों में हो रहा नये ब्लॉकों का निर्माण

स्वास्थ्य सेवाओं के रीमॉडलिंग योजना में जिन अस्पतालों में नये ब्लॉकों का निर्माण करके मौजूदा बेड्स की संख्या में बढ़ोतरी की जा रही है उनमें बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल, संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, डॉक्टर हेडगेवार आरोग्य संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, अरुणा आसफ अली अस्पताल, भगवान महावीर अस्पताल, श्री दादा देव मैत्री एवं शिशु चिकित्सालय, गुरु गोविंद सिंह अस्पताल, आचार्य श्री भिक्षु अस्पताल और राव तुलाराम मेमोरियल अस्पताल प्रमुख रूप से शामिल हैं. इनमें बड़ी संख्या में बेड की बढ़ोतरी की जा रही है.

स्वास्थ्य मंत्री ले रहे लगातार निर्माणाधीन कार्यों का जायजा

बताते चलें कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन लगातार अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा ले रहे हैं. साथ ही निर्माणाधीन नये ब्लॉकों और निर्माणाधीन नये अस्पतालों की प्रोग्रेस की‌ समीक्षा भी कर रहे हैं. साथ ही हालातों को देखते हुए यह भी फैसले लिए जा रहे हैं कि पूर्व में प्रस्तावित बेड की संख्या को बढ़ाना जरूरी है. कई अस्पतालों में बन रहे नये ब्लॉकों में बेड्स की संख्या को बढ़ाने के निर्णय भी लिए गए हैं.

आने वाले समय में ये अस्पताल बनेगा कोविड डेडिकेटेड

आचार्य श्री भिक्षु अस्पताल में 270 बेड का नया ब्लॉक बनाया जा रहा है जिसको अब बढ़ाकर 400 बेड करने के निर्देश दिए गए हैं. आने वाले समय में इन 400 बेड्स को पूरी तरीके से कोविड-19 डेडिकेटेड किया जा सकेगा.

जानकारी के मुताबिक बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल, रोहिणी में 500 बेड की क्षमता को 963 बेड किया जा रहा है. 463 बेड का यहां पर नया मदर एंड चाइल्ड केयर ब्लॉक बनाया जा रहा है. वहीं, संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में 350 बेड की नई बिल्डिंग तैयार की जा रही है. वहीं, डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में 350 बेड का नया भवन तैयार किया जा रहा है.

इसके अलावा लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में 460 बेड की नई बिल्डिंग निर्माणाधीन है. भगवान महावीर अस्पताल में 400 बेड का नया ब्लॉक तैयार किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त श्री दादा देव मैत्री एवं शिशु चिकित्सालय में 194 बेड का नया ब्लॉक निर्माणाधीन है. वहीं, गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में मौजूदा बेड की संख्या को 572 किया जा रहा है. वहीं, राव तुलाराम मेमोरियल अस्पताल में 100 बेड की क्षमता को बढ़ाकर 370 करने करने का काम किया जा रहा है. अस्पताल में 270 बेड का नया ब्लॉक निर्माणाधीन है.

एक से डेढ़ साल के भीतर पूरे होंगे निर्माण कार्य

इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में नये ब्लॉक बनाकर मौजूदा बेड की संख्या को बढ़ाने का तेजी से काम किया जा रहा है. संभावना जताई जा रही है अगले एक से डेढ़ साल के भीतर अस्पतालों का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज