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Yamuna River: यमुना में ग‍िरने वाले हर‍ियाणा व यूपी के गंदे पानी को ट्रीट करेगी केजरीवाल सरकार, इन ड्रेनों के ल‍िए बनाया ये बड़ा प्‍लान

Yamuna River: यमुना में ग‍िरने वाले हर‍ियाणा व यूपी के गंदे पानी को ट्रीट करेगी केजरीवाल सरकार, इन ड्रेनों के ल‍िए बनाया ये बड़ा प्‍लान

दिल्ली सरकार ने पड़ोसी राज्यों से यमुना में गिरने वाले सभी प्रकार की गंदगी को ट्रीट करने का फैसला क‍िया है.  (File photo)

दिल्ली सरकार ने पड़ोसी राज्यों से यमुना में गिरने वाले सभी प्रकार की गंदगी को ट्रीट करने का फैसला क‍िया है. (File photo)

Delhi Yamuna River: यमुना में गिरने वाले लगभग 155 एमजीडी गंदगी का स्रोत पड़ोसी राज्य हैं, जिनमें 15 एमजीडी हरियाणा के ड्रेन नंबर 6 के माध्यम से, 90 एमजीडी बादशाहपुर ड्रेन के माध्यम से और 50 एमजीडी उत्तर प्रदेश से आता है. दिल्ली जल बोर्ड ने ड्रेन नंबर 6 के जरिये हरियाणा से आने वाले 15 एमजीडी सीवेज को नरेला एसटीपी में रोककर उसे साफ करने का काम शुरू कर दिया गया है. ड्रेन 6 के जरिए आने वाले हरियाणा के 15 एमजीडी सीवेज को भी ट्रीट किया जा सके.

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    नई दिल्ली. द‍िल्‍ली सरकार यमुना नदी (Yamuna River) को अगले व‍िधानसभा चुनावों (Delhi Assembly Election) से पहले तक साफ करने की योजना में जुट गई है. यमुना की सफाई के लि‍ए न‍िर्धार‍ित क‍िए गए छह स्‍टेप के तहत अब कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इस द‍िशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने पड़ोसी राज्यों से यमुना में गिरने वाले सभी प्रकार की गंदगी को ट्रीट करने का फैसला क‍िया है. इस सिलसिले में गुरूवार को दिल्ली के जल मंत्री एवं दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अध्यक्ष सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) ने नरेला स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का मुआयना किया.

    इस मौके पर उन्होंने कहा कि जिस प्रकार लगातार यमुना में पड़ोसी राज्यों की ओर से गंदा पानी और औद्योगिक अपशिष्ट बहाया जा रहा है, वह काफी चिंताजनक है. ऐसी स्थिति में केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) ने दूसरे राज्यों से आने वाले गंदे पानी को भी साफ करने का निर्णय लिया है. हालाँकि यह काम उन पड़ोसी राज्यों का ही है.

    लेकिन हमारा मानना है कि यमुना किसी राज्य की नहीं है, बल्कि देश की नदी है. इसलिए दिल्ली सरकार (Delhi Government)  ने यमुना में गिरने वाले हर प्रकार के गंदे पानी को ट्रीट करने का फैसला किया है और नरेला स्थित एसटीपी में इसकी शुरुआत कर दी गई है. जैन ने बताया क‍ि यमुना में गिरने वाले लगभग 155 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रति दिन) गंदगी का स्रोत पड़ोसी राज्य हैं, जिनमें 15 एमजीडी हरियाणा (Haryana) के ड्रेन नंबर 6 के माध्यम से, 90 एमजीडी बादशाहपुर ड्रेन के माध्यम से और 50 एमजीडी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से आता है.

    ये भी पढ़ें: Chhath Puja 2021: छठ पूजा पर स‍ियासत तेज, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र स‍िंह शेखावत बोले-हर रोज यमुना में डाला जा रहा 35 करोड़ लीटर गंदा पानी 

    मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने कुछ महीनों पहले यमुना को साफ करने के लिए 6 स्टेप एक्शन प्लान तैयार किया था. इसमें पड़ोसी राज्यों से आने वाले सीवेज एवं नालों के पानी को यमुना में गिरने से रोकने का प्लान भी शामिल है.

    इसी के तहत दिल्ली जल बोर्ड ने ड्रेन नंबर 6 के जरिये हरियाणा से आने वाले 15 एमजीडी सीवेज को नरेला एसटीपी में रोककर उसे साफ करने का काम शुरू कर दिया गया है. इसके मद्देनजर नरेला एसटीपी की क्षमता को 10 एमजीडी से बढ़ाकर 20 एमजीडी करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि अब यहाँ ड्रेन नंबर 6 के जरिए आने वाले हरियाणा के 15 एमजीडी सीवेज को भी ट्रीट किया जा सके.

    री-साइकल किए गए पानी से टिकरी खुर्द में झील होगी पुनर्जीवित
    री-साइकल किए गए पानी से दिल्ली सरकार टिकरी खुर्द में मौजूद एक झील को पुनर्जीवित करेगी, जिससे भूजल को रीचार्ज करने में मदद मिलेगी. टिकरी खुर्द स्थित झील को पुनर्जीवित करने से न सिर्फ पर्यावरण को दूषित होने से बचाया जा सकेगा, बल्कि दिल्ली में घट रहे भूजल स्तर को सुधारने में भी मदद मिलेगी और प्राकृतिक पारितंत्र को भी सुधारेगा. इसके अलावा, मंत्री सत्येद्र जैन ने ड्रेन नंबर 6 के 10 किलोमीटर के हिस्से को साफ कर उसे भी ‘रीचार्ज जोन’ की तरह विकसित करने का निर्देश दिया.

    नरेला स्थित एसटीपी की बढ़ाई जा रही क्षमता, गंदे पानी को भी करेंगे ट्रीट
    केजरीवाल सरकार ने कुछ महीनों पहले यह फैसला लिया था कि वह पड़ोसी राज्यों से आने वाले सीवेज के पानी को यमुना में नहीं गिरने देगी. दिल्ली में तकरीबन 500 एमजीडी गंदा पानी दिल्ली सरकार के 35 एसटीपी में ट्रीट किया जाता है. दिल्ली सरकार का मानना है कि अगर यह 500 एमजीडी पानी री-साइकल होने के बाद तालाब के माध्यम से भूजल में रिसकर वापस चला जाए तो इससे दिल्ली के भूजल स्तर में काफी सुधार होगा.

    ये भी पढ़ें: Delhi Yamuna River: यमुना सफाई का 2025 तक पूरा होगा काम, CM केजरीवाल ने बनाया यमुना क्लीनिंग सेल  

    नरेला में बने एसटीपी की क्षमता 10 एमजीडी है, जिसको अत्याधुनिक तकनीक की मदद से बढ़ाकर 20 एमजीडी किया जाएगा. नरेला स्थित इस एसटीपी में हरियाणा से आने वाली गंदगी को साफ करने का काम शुरु कर दिया गया है और एसटीपी की क्षमता बढ़ाने का काम साथ-साथ चल रहा है. दिल्ली सरकार इस ट्रीट किए गए पानी से टिकरी खुर्द के पास मौजूद एक तालाब को पुनर्जीवित करेगी, जिससे भूजल स्तर को ठीक करने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही दिल्ली सरकार यहाँ बायो- गैस प्लांट बनाएगी, ताकि यहाँ मौजूद कूड़े व मलबों से बायो चारकोल बनाया जा सके.

    टिकरी खुर्द में बनेगी नई झील, भूजल स्तर में होगा इजाफा
    डीजेबी लगभग 1 से 1.5 एकड़ के तालाबों को ‘जल निकायों’ और बड़े तालाबों को ‘झीलों’ के रूप में वर्गीकृत करता है. पानी के स्रोत को सुनिश्चित करने के लिए झीलों को मौजूदा उपचार संयंत्रों से जोड़ा जा रहा है. दिल्ली सरकार अपनी ‘झीलों के शहर’ परियोजना के तहत टिकरी खुर्द में नरेला एसटीपी से निकलने वाले री-साइकल किए गए पानी का उपयोग करके झील की कायाकल्प करेगी.

    Tags: Delhi Government, Delhi news, River Yamuna, Satyendra jain, STP, Yamuna River

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