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Water Crisis in Delhi: दिल्ली वालों को मिलेगा 24 घंटे सातों दिन पानी, इस योजना पर काम कर रही केजरीवाल सरकार

सिर्फ दिल्ली के तीन एरिया में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 24 घंटे सातों दिन जलापूर्ति की जा रही है.(सांकेतिक तस्वीर)

सिर्फ दिल्ली के तीन एरिया में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 24 घंटे सातों दिन जलापूर्ति की जा रही है.(सांकेतिक तस्वीर)

Water Supply 24x7 Days: दिल्ली सरकार ना केवल दिल्ली वालों को पानी मुहैया कराने की तैयारी में है बल्कि 24 घंटे सातों दिन जलापूर्ति कराने की योजना पर भी तेजी से काम कर रही है. अभी सिर्फ दिल्ली के तीन एरिया में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 24 घंटे सातों दिन जलापूर्ति की जा रही है. दिल्ली की दो करोड़ से ज्यादा आबादी में से 12 फीसदी आबादी को फिलहाल 24 घंटे सातों दिन जलापूर्ति हो रही है

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    नई दिल्ली. दिल्ली में पानी की किल्लत (Water Crisis) को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार (Delhi Government) पुरजोर कोशिश में जुटी हुई है. दिल्ली की 1799 अनाधिकृत और अधिकृत कालोनियों में पानी की पाइपलाइन बिछाई का काम तेजी से चल रहा है. अब तक 1633 कालोनियों में पानी की पाइप लाइन बिछा दी गई है.

    इस बीच देखा जाए तो दिल्ली सरकार ना केवल दिल्ली वालों को केवल पानी मुहैया कराने की तैयारी में है बल्कि 24 घंटे सातों दिन जलापूर्ति (Water Supply) कराने की योजना पर भी तेजी से काम कर रही है. अभी सिर्फ दिल्ली के तीन एरिया में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 24 घंटे सातों दिन जलापूर्ति की जा रही है. दिल्ली की दो करोड़ से ज्यादा आबादी में से 12 फीसदी आबादी को फिलहाल 24 घंटे सातों दिन जलापूर्ति हो रही है.

    बताते चलें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने 24 घंटे सातों दिन जलापूर्ति करने और 100 फीसदी पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने को लेकर चल रहे प्रोजेक्ट्स की दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) के अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग भी की थी.

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    सीएम अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए यह भी कहा कि बुनियादी ढांचे में सुधार करते हुए यह भी सुनिश्चित करें कि हम दिल्ली में हर घर को 24 घंटे पानी की आपूर्ति समयबद्ध तरीके से कर सकें.

    जल बोर्ड ने दावा- 24×7 प्रोजेक्ट पर तेजी से किया जा रहा काम
    दिल्ली जल बोर्ड (DJB) अधिकारियों की ओर से सीएम केजरीवाल को एक डिटेल रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई है  बोर्ड अधिकारियों ने अवगत कराया है कि दिल्ली के लोगों को नल से 24 घंटे साफ पानी की आपूर्ति के प्रोजेक्ट पर तेजी से काम किया जा रहा है.

    दिल्ली की 1799 में से 1633 कालोनियों में बिछाया पानी का नेटवर्क
    दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों का यह भी कहना है कि कुल अनाधिकृत और अधिकृत 1799 कालोनियां हैं. इन सभी कालोनियों में पाइप लाइन से जलापूर्ति करने की कवायद चल रही है.

    अधिकारियों ने बताया कि अभी 1799 में से 1633 कालोनियों में पानी का नेटवर्क बिछा दिया गया है, जबकि वर्तमान में 1573 कालोनियों में पाइप लाइन से जलापूर्ति की जा रही है. इसके अलावा, अभी जलापूर्ति के लिए 60 कालोनियां अधिसूचित की गई हैं, जबकि अभी 166 कालोनियों में पाइप लाइन का नेटवर्क बिछाया जाएगा.

    फिलहाल इन तीन एरिया में हो रही है 24×7  जलापूर्ति
    अधिकारियों ने बताया कि जल बोर्ड द्वारा मालवीय नगर, नांगलोई और महरौली-वसंत विहार जैसे कुछ क्षेत्रों में 24 घंटे पानी की आपूर्ति पहले से ही उपलब्ध कराई जा रही है, जिन्हें पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया गया था और यह 12 फीसदी आबादी को पूरा कर रहा है.

    इसमें मालवीय नगर एरिया में 98 फीसदी पाइप लाइन बिछाने काम पूरा हो गया है और शेष कार्य आगामी सितंबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा.

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    इसी तरह, नांगलोई क्षेत्र में करीब 76 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है और शेष कार्य मार्च 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा. वहीं, मेहरौली वसंत विहार एरिया में 77 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है और बचा कार्य मार्च 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा.

    वर्तमान में, दिल्ली की 12 फीसदी आबादी 24 घंटे जलापूर्ति सिस्टम के लिए 3 पायलट परियोजनाओं के अंतर्गत कवर की गई है और लगभग 11 फीसदी आबादी चंद्रवाल डब्ल्यूटीपी (Chandrawal Water Treatment Plant) की कमांड के तहत शुरू की जा रही 24×7 परियोजनाओं के तहत कवर की जाएगी.

    दिल्ली को हर रोज होती है करीब 900 MGD पानी की जरूर
    तबताते चलें कि दिल्ली को हर रोज करीब 900 एमजीडी पानी की जरूरत होती है. वहीं, पिछले दिनोंपीक डिमांड के दौरान दिल्ली के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स के जरिए 945 एमजीडी पानी का उत्पादन तक किया जा सका है जो कि अपनी क्षमता से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया था.

    राज्यों से मिलने वाले पानी पर क्या कहते हैं जल बोर्ड के वाइस चेयरमैन
    दिल्ली जल बोर्ड के वाइस चेयरमैन राघव चड्ढा का कहना है कि दिल्ली एक ऐसा राज्य है, जो किसी वाटर बॉडी के साथ स्थित नहीं है. दिल्ली चारों तरफ से राज्यों से घिरा हुआ है. इसीलिए दिल्ली अपनी जलापूर्ति के लिए पड़ोसी राज्यों पर निर्भर करता है. कोई राज्य गंगा नदी, कोई राज्य यमुना नदी से और कोई राज्य घागरा नंगल से पानी छोड़ता है और थोड़ा पानी हम लोग जमीन के नीचे जो पानी है, उसको निकाल कर देते हैं.

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    कुल मिलाकर हम एक अच्छा खासा पानी का उत्पादन कर दिल्ली वालों के घर तक पहुंचाते हैं. चूंकि हर राज्य की यह प्रतिबद्धता, एमओयू और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय हैं, जिसके तहत हर राज्य को निर्धारित किया गया है कि उन्हें दिल्ली के लिए कितना पानी प्रतिदिन छोड़ना है.

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और एमओयू के तहत दिल्ली को राज्यों से होती है जलापूर्ति
    हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार और मेमोरेंडम ऑफ अंडर स्टैंडिंग जो साइन किए हैं. अपर यमुना रिवर बोर्ड और अन्य प्रकार की कानूनी जिम्मेदारियों के चलते हर राज्य को हमें पानी सौंपना होता है. हमें उत्तर प्रदेश कुछ पानी सौंपता है, हरियाणा और पंजाब कुछ पानी सौंपता देता है और इस तरह से दिल्ली अपनी पानी की जरूरत को पूरा करता है.

    इन तीन WTPs में होता है हर रोज इतने पानी का उत्पादन
    चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में हम 90 एमजीडी पानी रोज उत्पादन होता है. दूसरा, वजीराबाद ट्रीटमेंट प्लांट में रोज करीब 135 एमजीडी पानी का उत्पादन होता है और तीसरा, ओखला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में भी रोजाना की उत्पादन क्षमता 20 एमजीडी की है. कुल मिलाकर दिल्ली के तीन मुख्य वाटर ट्रीटमेंट प्लांट हैं, जहां पानी का उत्पादन किया जाता है, इन तीनों में कुल मिलाकर 245 एमजीडी पानी का उत्पादन होता है जो दिल्ली की एक बड़ी आबादी को सप्लाई किया जाता है.

    इस बीच देखा जाए तो आने वाले समय में दिल्ली सरकार यमुना के पानी को ज्यादा शोधित करके उसको पीने योग्य बनाने की योजना पर भी काम कर रही है. इससे दिल्ली के उत्पादित पानी की मात्रा में बढ़ोतरी हो सकेगी. वहीं सरकार मौजूदा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ नए डब्ल्यूटीपी भी तैयार करने पर तेजी से काम कर रही है.

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