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कांग्रेस प्रत्याशी का केजरीवाल पर आरोप, कहा- पर्चा रद्द करने के लिए रिटर्निंग अफसर पर बना रहे थे दबाव
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Updated: January 24, 2020, 5:45 PM IST
कांग्रेस प्रत्याशी का केजरीवाल पर आरोप, कहा- पर्चा रद्द करने के लिए रिटर्निंग अफसर पर बना रहे थे दबाव
कांग्रेस प्रत्याशी का आरोप- आम आदमी पार्टी ने कोई काम नहीं किया

ओखला विधानसभा क्षेत्र (Okhla Assembly) से कांग्रेस के उम्मीदवार परवेज हाशमी (Parvez Hashmi) ने आरोप लगाया कि उनका नामांकन रद्द कराने के लिए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने पूरा जोर लगाया. उन्होंने कहा कि इसके लिए रिटर्निंग ऑफिसर पर दबाव बनाने की भी कोशिश की गई.

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  • Last Updated: January 24, 2020, 5:45 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election 2020) को लेकर राजनीतिक दलों और नेताओं का एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का सिलसिला जारी है. इसी कड़ी में ओखला विधानसभा से कांग्रेस के उम्मीदवार परवेज हाशमी (Parvez Hashmi) ने न्यूज़ 18 से बातचीत में आरोप लगाया कि छोटी सी खामी के लिए उनका नामांकन रद्द कराने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर पर दबाव बनाने की कोशिश की गई. परवेज हाशमी ने कहा किसी एक कॉलम में उनको NIL भरना था जिसके लिए हंगामा खड़ा किया गया. पहले कांग्रेस से चुनाव लड़ चुके आसिफ मोहम्मद खान का टिकट काटे जाने पर परवेज हाशमी ने कहा कि आसिफ मोहम्मद खान को मना लिया जाएगा.

'आम आदमी पार्टी ने यहां कोई काम नहीं किया'
परवेज हाशमी ने कहा कि ओखला विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी ने कोई काम नहीं किया. ट्रैफिक हो या फिर पानी की समस्या, यहां पर कुछ नहीं हुआ. अगर यहां पर एक बूंद भी पानी आया हो तो वो चुनाव नहीं लड़ेंगे. परवेज हाशमी ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के समय सरिता विहार में अस्पताल के लिए जमीन दिलवाई गई थी. कई बार अस्पताल का उद्घाटन तो हुआ लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका. परवेज हाशमी कहते हैं कि जनता जवाब देगी कि यहां से कौन कामयाब होगा. बता दें कि परवेज हाशमी पूर्व में दिल्ली सरकार में मंत्री रह चुके हैं.

शीला दीक्षित के करीबी माने जाते थे हाशमी



परवेज हाशमी दिल्ली कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के करीबी माने जाते थे. वर्ष 2008 में वो उस वक्त भी चुनाव जीत गए थे जब बाटला हाउस एनकाउंटर का मुद्दा बहुत ज्यादा गर्म माना जा रहा था. उस समय उन्होंने अपने करीबी आरजेडी उम्मीदवार आसिफ मोहम्मद खान को 541 वोटों से हराया था. 2009 में उनको राज्यसभा भेजा गया जिसके बाद से वो दिल्ली की क्षेत्रीय राजनीति से दूर हो गए और राष्ट्रीय राजनीति में लगे रहे. लेकिन अब राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद वो दोबारा दिल्ली की राजनीति में लौट आए हैं.



आसान नहीं है अमानतुल्ला खान से सीट छीनना
कांग्रेस ने परवेज़ हाशमी को ओखला में फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है. उनके सामने पिछली बार आम आदमी पार्टी के टिकट पर लगभग एक लाख वोट हासिल करके जीत हासिल करने वाले अमानतुल्ला खान का बड़ा चैलेंज है. जबकि बीजेपी ने एक वक्त में बहुजन समाज पार्टी में रह चुके ब्रह्मा सिंह को दोबारा मैदान में उतारा है. पिछली बार भी ब्रह्मा सिंह बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे. अमानतुल्ला खान को 1,04,271 वोट मिले थे जबकि दूसरे नंबर पर रहने वाले बीजेपी उम्मीदवार ब्रह्मा सिंह को सिर्फ 39,739 वोट मिले थे यानी लगभग 64,532 वोटों से बीजेपी यहां पर हार गई थी, ऐसे में ये चुनाव कांग्रेस और बीजेपी के लिए आसान नहीं है. यही वजह है कांग्रेस ने आसिफ मोहम्मद खान का टिकट काटकर अपने पुराने बड़े नेता परवेज हाशमी को मैदान में उतारा है.

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First published: January 24, 2020, 3:36 PM IST
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