जावड़ेकर के बयान पर बिफरे CM केजरीवाल, बोले- दिल्ली में हवा साफ थी तो अचानक कैसे फैला प्रदूषण?

मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर पर निशाना साधा है.
मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर पर निशाना साधा है.

दिल्ली (Delhi) के सीएम अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के पराली जलाने से दिल्ली में चार फीसदी प्रदूषण (Pollution) होता है. इस बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि फिर दिल्ली धुंआ-धुंआ क्यों हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 15, 2020, 7:37 PM IST
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नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली (Delhi) में प्रदूषण (Air Pollution) एक बार फिर बढ़ने लगा है. पिछले कुछ दिनों से दिल्ली और एनसीआर (Delhi-NCR) में धुंध (Fog) देखने को मिल रही है. इसको लेकर केंद्र और राज्य की केजरीवाल सरकार (Kejriwal government) दोनों चिंतित हैं. प्रदूषण से निपटने के लिए दोनों सरकारों ने अपने-अपने तरीके से काम करना शुरू कर दिया है.

प्रदूषण को लेकर पराली जलाने के संबंध में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज सुबह ही बयान दिया था, जिसके जवाब में सीएम अरविंद केजरीवाल का बयान आया है. अरविंद केजरीवाल ने जवाब में कहा कि अगर पराली जलने से सिर्फ चार फीसदी प्रदूषण हो रहा है तो अचानक रात में ही कैसे प्रदूषण फैल गया? उससे पहले तो हवा साफ थी. दिल्ली सीएम ने ट्वीट में लिखा, 'इस बात को मानना होगा कि हर साल उत्तर भारत में पराली जलाने के कारण प्रदूषण फैलता है. इस मुद्दे पर राजनीति करने और एक दूसरे पर आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा. कोरोना के वक्त इस तरह प्रदूषण का संकट चिंता का विषय है.'


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आज सुबह ही केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बयान दिया था कि दिल्ली में पराली की वजह से सिर्फ चार फीसदी प्रदूषण होता है, बाकी प्रदूषण यहां की स्थानीय समस्याओं के कारण होता है. केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि दिल्ली में बायोमास जलती है. ये सभी कारक मिलकर राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का संकट पैदा करते हैं.

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में धुंध की समस्या शुरू हो गई है. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के इलाकों में अब पराली जलनी शुरू हो गई है. इसके कारण दिल्ली में धुंध पड़ने लगी है. पंजाब में सबसे अधिक पराली जलाई जा रही है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में पिछले साल की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं में 280% का इजाफा हुआ है. पिछले साल पंजाब में 21 सितंबर से 12 अक्टूबर तक 775 पराली जलाने की घटनाएं रिपोर्ट हुई थीं जो इस साल इसी अवधि में 2,873 तक पहुंच गई हैं.
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