केरल गोल्ड तस्करी केस: 3 आरोपियों से ED की पूछताछ, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ सकते हैं तार
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केरल गोल्ड तस्करी केस: 3 आरोपियों से ED की पूछताछ, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ सकते हैं तार
पूछताछ में बड़े खुलासे हो सकते हैं.

Kerala Gold Smuggling Case Update: तफ्तीश के दौरान एनआईए (ANI) की टीम कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. लिहाजा इस मामले में ईडी (ED) की टीम अब मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत इस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है.

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  • Last Updated: August 5, 2020, 8:02 PM IST
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दिल्ली.  केन्द्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (Enforcement directorate) ने केरल से जुड़े गोल्ड तस्करी मामले में तफ्तीश के दौरान बुधवार को तीन प्रमुख आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. तीनों आरोपियों के नाम सरिथ पी.एस, स्वपना सुरेश और संदीप नायर हैं. इन तीनों आरोपियों से केरल में ईडी की टीम हिरासत में लेने के बाद पूछताछ शुरू कर दी है . जिसमें विस्तार से इस मामले में पूछताछ की जाएगी. हालांकि केन्द्रीय जांच एजेंसी एनआईए (National Investigation Agency ) इस मामले में तफ्तीश कर रही है. तफ्तीश के दौरान एनआईए की टीम कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. लिहाजा इस मामले में ईडी की टीम अब मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत इस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है.

एनआईए की टीम इस मामले में अभी तक करीब 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. कल एनआईए की टीम ने केरल के मलप्पुरम से करीब 38 साल के शराफुद्दीन और 31 साल के शफीक को इस मामले में षड्यंत्र रचने और तिरूवनंतपुरम स्थित यूएई (United Arab Emirates) के वाणिज्य दूतावास  (Embassy) से संबंधित राजनयिक बैग के जरिए गोल्ड की तस्करी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था. रमीज केटी ने हिरासत में पूछताछ के दौरान एनआईए की टीम को बताया था की संदीप नायर जो तिरूवनंतपुरम इलाके में रहता है, वो तस्करी के बाद उस गोल्ड को जमा करवाने में और उसे अन्य दूसरे षड्यंत्रकारियों के बीच बराबर -बराबर मात्रा में बांटने का सहयोगी है. साजिशकर्ता के तौर पर शराफुद्दीन और शफीक की मदद ली जाती रही है. एनआईए को इन दोनों आरोपियों से पूछताछ करने के लिए चार दिनों की रिमांड भी मिली है .

कौन है स्वपना सुरेश ?



स्वपना सुरेश केरल में पहचान की मोहताज नहीं हैं. उन्हें मुख्यमंत्री पी.विजययन की बेहद करीबी जानकार के तौर पर जाना जाता है. स्वपना सुरेश का केरल के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एम.शिवशंकर के साथ मुख्यमंत्री आवास सहित अन्य कई मंत्रालय में अक्सर आना-जाना लगा रहता था. शायद इसी वजह से ये मामला काफी हाईप्रोफाइल बन गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पी.विजयन ने अपने प्रधान सचिव एम. शिवशंकर को पद से हटाना भी पड़ गया.
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक स्वपना सुरेश संयुक्त अरब अमीरात (UAE ) में स्थित वाणिज्य दूतावास की पूर्व महिला कर्मचारी और राजनयिक के सामान के साथ सोने की तस्करी किए जाने का मामला है ,जिसको स्वपना सुरेश अपने पहुंच का फायदा उठाते और दुरूपयोग करते हुए सोना की तस्करी करती थी. इसी आरोप की वजह से उसके और चार आरोपियों के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून यानी UAPA कानून के तहत मामला दर्ज किया गया. अब उसी के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में एनआईए के एफआईआर में स्वपना सुरेश , संदीप नायर , सारिथ और एर्णाकुलम के रहने वाले फाजिल फरीद का नाम शामिल है.

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UAE से तिरूवनंतपुरम तक का सफर
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक स्वप्ना सुरेश का जन्म UAE में हुआ था. उसका बचपना वहीं गुजरा. स्कूली kr पढ़ाई करने के बाद उसे एयरपोर्ट में नौकरी मिल गई, लेकिन शादी होने के बाद  तिरूवनंतपुरम में रहने लगी. लेकिन कुछ ही समय के बाद उसका अपने पति से तलाक हो गया. स्वपना सुरेश बचपन से ही काफी महत्वाकांझी लड़की थी. अपने पति को तलाक देने के बाद वो खुद टूर एंड ट्रेवल एजेंसी में काम की और फिर साल 2013 में एयरइंडिया सैट्स में नौकरी मिल गई. जांचकर्ता तो ये भी बताते हैं कि उसे नौकरी भी फर्जी दस्तावेजों के सहारे मिली थी. ये मामला काफी समय पहले भी उसके विभाग में चर्चा का केन्द्र बना था. इसी वजह से 2016 में भी स्वपना सुरेश के खिलाफ वहां की स्थानिय क्राइम ब्रांच द्वारा एक मामले में नामजद भी किया गया था. लेकिन अपने खिलाफ इस तरह के दर्ज मामले को ध्यान में रखते हए वो वापस अबु धाबी चली गई. स्वप्ना सुरेश UAE दूतावास में कांसलेट जनरल की सचिव बन गई. हालांकि वो नौकरी ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाई.
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