सिंघू बॉर्डर पर कोरोना से 2 किसानों की मौत, BKU (किसान सरकार) ने की आंदोलन स्थगित करने की अपील

संगठन ने किसानों से की आंदोलन स्थगित करने की अपील. (Credit- ANI)

संगठन ने किसानों से की आंदोलन स्थगित करने की अपील. (Credit- ANI)

Farmers Protest: भारतीय किसान यूनियन (किसान सरकार) के प्रवक्ता भोपाल सिंह (Bhopal Singh)  ने किसानों से आंदोलन स्थगित करने की अपील की है.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार के कृषि कानूनों (Agriculture Law) के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन (Farmers Protest) लगातार जारी है. अब कोरोना के बढ़ते मामलों के लिए संगठन ने किसानों ने आंदोलन को स्थगित कर देने की अपील की है. भारतीय किसान यूनियन (किसान सरकार) के प्रवक्ता भोपाल सिंह का कहना है कि सिंघू बॉर्डर पर 2 किसानों की कोरोना से मौत हो गई. किसान ऐसे ही मरते रहे तो कौन आंदोलन करेगा? इसलिए मैं किसानों से अनुरोध करना चाहता हूं कि देश में संकट को देखते हुए हमें आंदोलन को फिलहाल के लिए स्थगित कर देना चाहिए.

भोपाल सिंह का कहना है कि किसान बचे रहेंगे तभी हम अन्नदाता कहलाएंगे. हम तभी अन्नदाता कहलाएंगे जब हम अपनी फसल और जान बचा पाएंगे. उन्होंने कहा कि हम भविष्य में आंदोलन करेंगे, लेकिन अभी स्थिति ठीक नहीं है. इस कठिन समय में हमें देश के साथ रहना चाहिए.

दो किसानों की मौत

सोनीपत कुंडली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में कोरोना ने दस्तक दी. सिंघु बॉर्डर पर दो और किसानों ने दम तोड़ दिया है. पहला मृतक किसान बलबीर पटियाला का रहने वाला था, तो दूसरा किसान महेंद्र लुधियाना का. पटियाला के रहने वाले मृतक किसान बलबीर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. वहीं किसान नेताओं ने कहा कि सरकार जान-बूझकर किसानों की मौत की वजह कोरोना बता रही है.
किसान नेताओं का कहन है कि सरकार की किसान आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश है. वहीं सोनीपत सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम अधिकारी डॉक्टर गिन्नी लंबा ने कहा कि पुलिस के कहने पर किया गया था दोनों मृतक किसानों का कोरोना टेस्ट. बलबीर नाम के किसान की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. सोनीपत पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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वहीं बताया जा रहा है कि मृतक बलबीर सिंह को पिछले काफी दिनों से बुखार आया हुआ था. उसमें कोरोना लक्षण दिखाई दे रहे थे. आंदोलनस्थल में काफी ऐसे किसान है, जिनको काफी समय से बुखार है, लेकिन वे कोरोना की जांच नही करवा रहे हैं. आन्दोलनस्थल पर बने अस्पताल में भी रोजाना दर्जनभर आंदोलनकारी बुखार से पीड़ित आ रहे है.

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