लाइव टीवी

JNU फीस मामले में 1200 छात्रों को मिली राहत, हाईकोर्ट ने JNU प्रशासन, MHRD, UGC को नोटिस भेजा

Amit Singh | News18Hindi
Updated: January 24, 2020, 3:01 PM IST
JNU फीस मामले में 1200 छात्रों को मिली राहत, हाईकोर्ट ने JNU प्रशासन, MHRD, UGC को नोटिस भेजा
दिल्ली हाईकोर्ट ने पुरानी फीस पर ही रजिस्ट्रेशन करने का फैसला सुनाया.. (फाइल फोटो)

शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष (Aishe Ghosh) की याचिका पर एक घंटे से ज्यादा समय तक सुनवाई हुई. जिसके बाद कोर्ट ने फिलहाल छात्रों को राहत देने वाला फैसला सुनाया है

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 24, 2020, 3:01 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) से फिलहाल राहत मिलती दिख रही है. शुक्रवार को हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी के 1200 छात्रों की पुरानी फीस पर ही रजिस्ट्रेशन करने का फैसला सुनाया. बाद में हाईकोर्ट तय करेगा कि बढ़ी हुई फीस देनी है या नही. साथ ही हाईकोर्ट ने जेएनयू फीस बढ़ोतरी मामले (Jnu Fee Hike Case) पर आदेश देते हुए कहा कि जिन 1200 छात्रों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनसे पुराने फीस मैन्युअल के मुताबिक फीस लिया जाए. चूंकि दिल्ली में विधानसभा चुनाव है इसलिए इसका राजनीतिकरण न हो. छात्रों से रजिस्ट्रेशन फीस के अलावा हॉस्टल फीस भी पुराने रेट के मुताबिक लिया जाए.




नए फीस मैन्युअल पर जारी की नोटिस
नए फीस मैन्युअल पर जेएनयू प्रशासन, एमएचआरडी, यूजीसी को भी हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया. दिल्ली हाईकोर्ट में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष की याचिका पर एक घंटे से ज्यादा समय तक सुनवाई हुई.
जेएनयू फीस बढ़ोतरी मुद्दा, दिल्ली हाईकोर्ट, जेएनयू छात्र संघ, सुनवाई, कोर्ट का आदेश, JNU Fee Hike Case, Delhi High Court, Hearing, Judgement, Judgement of Court
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जेएनयू फीस विवाद मामले में अपना फैसला सुनाया है


हाईकोर्ट ने बताया क्या सही है क्या गलत
हाईकोर्ट ने जेएनयू प्रशासन की दलीलें सुनने के बाद कहा कि ये सही नहीं है कि आप कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे लोगों की सैलरी छात्रों से फीस बढ़ा कर लेंगे. दरअसल, जेएनयू प्रसाशन के तरफ से पेश वकील एएसजी पिंकी आनंद ने कहा कि जेएनयू में 400 से ज्यादा स्टाफ कॉन्ट्रैक्ट पर काम करता है और अब उनकी सैलरी यूजीसी या एमएचआरडी नहीं देगी. लिहाजा, छात्रों से फीस बढ़ोतरी का फैसला लिया गया ताकि उन लोगों को यूनिवर्सिटी सैलरी दे पाए.

90 फीसदी छात्र करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन
जेएनयू की तरफ से कोर्ट में यह भी कहा गया कि 90 फीसदी छात्र रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि सिर्फ 1200 छात्रों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है.

जवाहर लाल नेहरू, जेएनयू, जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष, प्रेस कॉन्फ्रेंस, दिल्ली पुलिस, Jawaharlal Nehru, JNU, JNU Students Union President Aishi Ghosh, Press Conference, Delhi Police,
फीस बढ़ोतरी के अलावा अन्य कई मांगों के साथ जेएनयू छात्र संघ ने पिछले दिनों दिल्ली में प्रदर्शन किया था (फाइल फोटो)


जेएनयू प्रशासन ने की MHRD और UGC को पार्टी बनाने की मांग
जेएनयू प्रशासन ने हाईकोर्ट से यह भी कहा कि इस मामले में एमएचआरडी, यूजीसी को भी पार्टी बनाया जाना चाहिए. क्योंकि दोनों के साथ छात्रसंघ लगातार फीस बढ़ोतरी पर बातचीत कर रहा है. इस पर कोर्ट ने कहा कि बातचीत बंद नहीं होनी चाहिए. बातचीत से अगर हल निकलता है तो ठीक है वरना कोर्ट आखिरकार इस पर अपना फैसला सुनाएगा.

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में 1200 छात्रों को रिलीफ देते हुए उन्हें पुराने फीस मैन्युअल के मुताबिक रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट के इस फैसले का जेएनयू छात्रसंघ ने स्वागत किया है.

नए फीस मैन्युअल पर हाईकोर्ट ने यूजीसी, एमएचआरडी, जेएनयू प्रसाशन को नोटिस जारी किया है. 28 फरवरी को दोबारा हाईकोर्ट इस मामले पर सुनवाई करेगा. कोर्ट में जेएनयू छात्र संघ द्वारा जेनएयू प्रशासन पर आरोप लगाया गया कि किसी भी मीटिंग में जेएनयू प्रसाशन उन्हें नहीं बुलाता.

जेएनयू फीस बढ़ोतरी मुद्दा, दिल्ली हाईकोर्ट, जेएनयू छात्र संघ, सुनवाई, कोर्ट का आदेश, JNU Fee Hike Case, Delhi High Court, Hearing, Judgement, Judgement of Court
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का केंद्रीय कार्यालय


फैसला आने के बाद पूरी पिक्चर होगी क्लियर
साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि सुनवाई के अंत मे फैसला सुनाते वक्त कोर्ट ये फैसला सुनाएगा की जिन 90 फीसदी छात्रों ने रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ने के बाद कराया है. उन्हें जेएनयू प्रशासन फीस लौटाएगा या नहीं. जिन 1200 छात्रों को हाईकोर्ट ने छूट दी है उन्हें बढ़ी फीस देना है या नहीं, इसका निर्णय अंत में होगा.

बहरहाल, रजिस्ट्रेशन कराकर सभी छात्र क्लास शुरू करे. देखना होगा कि बढ़ी हुई फीस पर एमएचआरडी, यूजीसी और जेएनयू प्रशासन हाईकोर्ट में क्या जवाब दायर करते है और तब हाईकोर्ट क्या फैसला सुनाता है.

ये भी पढ़ें: 

चौपाल: कालकाजी मंदिर और लोटस टैंपल से पहचानी जाती है यह विधानसभा

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पुरानी फीस पर ही JNU में रजिस्ट्रेशन

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दिल्ली-एनसीआर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 24, 2020, 2:44 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर