गुस्साए वकीलों ने किया दिल्ली हाईकोर्ट के सामने प्रदर्शन, जानें क्या है पूरा मामला

वकीलों का दावा है कि अदालत में लंबित मामलों की संख्या भी बढ़ रही है.
वकीलों का दावा है कि अदालत में लंबित मामलों की संख्या भी बढ़ रही है.

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के सामने आज जिला अदालतों में हाइब्रिड सुनवाई (Hybrid Hearing) के लिए वकीलों ने प्रदर्शन किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 21, 2020, 4:26 PM IST
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नई दिल्‍ली. राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली की जिला अदालतों में हाइब्रिड सुनवाई (Hybrid Hearing) के लिए जिला अदालतों के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के सामने शांतिपूर्वक तरीके से प्रदर्शन किया. वकीलों ने कहा कि कोर्ट में हर मामले की सुनवाई के लिए फिजिकल सुनवाई और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग दोनों माध्यम उपलब्ध कराने के लिए हाईकोर्ट पहल करें. प्रदर्शन के दौरान वकीलों का कहना है कि अक्सर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिक्कत आने पर या फिर किसी एक पक्ष के फिजिकल हियरिंग में न पहुंच पाने के कारण 70 फीसदी मामलों में सुनवाई टल जाती है.

बढ़ रही है लंबित मामलों की संख्या
अदालत में लंबित मामलों की संख्या भी बढ़ रही है. वकीलों ने कहा कि मार्च से अब तक करोना के चलते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ही बड़े पैमाने पर हो रही है. ऐसे में फिजिकल हियरिंग बेहद कम हो रही है और अक्सर दोनों पक्षों के वकील में से किसी एक के भी कोर्ट में पेश न होने के कारण मामलों की सुनवाई कई महीनों तक टल जाती है. प्रदर्शन के दौरान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के मेंम्बर की तरफ से यह कहा गया कि हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के पास मामलों की सुनवाई के लिए फाइल रहती हैं, लेकिन निचली अदालतों में जहां घरों से ही मामलों की सुनवाई जज कर रहे हैं वहां हर मामले की फाइल भी नहीं होती है. ऐसे में वकीलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फिजिकल हियरिंग के साथ जज को कोर्ट से मामलों को सुनने के लिए निर्देश दिए जाए जिससे नियमित सुनवाई का रास्ता साफ हो सकें.

सुनवाई के लिए नियम बनाने की मांग
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने यह कहा ई कोर्ट में ऐसा नियम बनाए जाए कि हर मामले की सुनवाई के लिए वकीलों के लिए फिजिकल हियरिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग दोनों विकल्प हों, लेकिन किसी एक पक्ष के वकील के पेश न होने के कारण सुनवाई को टाला ना जाए और अगर इन दोनों विकल्पों को देने के बाद भी कोई वकील सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहता है तो उसके खिलाफ कड़े आदेश पूर्व की ओर से जारी किए जाएंगे. दिल्ली बार काउंसिल के मेंबर राजीव खोसला के सभी वकीलों को अपने जूनियर को कोर्ट में साथ ले जाने की अनुमति देने की बात भी कही गई है. आपको बता दें कि अभी तक यह सुविधा कोविड-19 के बाद सिर्फ सीनियर वकीलों के पास ही है.
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