कोरोना-लॉकडाउन की एक तस्वीर ये भी, इस बार 30-40 फीसदी कम जली दिल्ली
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कोरोना-लॉकडाउन की एक तस्वीर ये भी, इस बार 30-40 फीसदी कम जली दिल्ली
लॉकडाउन और अनलॉक में दिल्‍ली में आग की घटनाओं में 30-40 फीसदी की कमी आई है.

दिल्ली फायर सर्विसेज के आंकड़ों पर गौर करें तो इन तीन महीनों में राजधानी में फायर की कुल 5968 कॉल आयी हैं. जबकि पिछले साल इन्हीं तीन महीनों में 9596 आग लगने की सूचनाएं आयी थीं.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस के कहर ने जहां पूरी दिल्ली को बेहाल कर दिया है वहीं लॉकडाउन और कोरोना बीमारी से फैले डर के बीच में एक राहत भरी खबर भी आई है. इस बार राजधानी में आग लगने के मामलों में ठीकठाक कमी आई है. हर साल ही अप्रैल से जून तक तीन महीनों में सबसे ज्यादा आग लगने के मामले सामने आते थे. हालांकि इस बार आग लगने के 30-40 फीसदी मामले कम आये हैं.


दिल्ली फायर सर्विसेज के आंकड़ों पर गौर करें तो इन तीन महीनों में राजधानी में फायर की कुल 5968 कॉल आयी हैं. जबकि पिछले साल इन्हीं तीन महीनों में 9596 आग लगने की सूचनाएं आयी थीं. ये सभी वे घटनाएं हैं जिनकी कॉल आने के बाद फायर टेंडर मौके पर रवाना हुए और आग बुझाने का काम किया गया.


दोनों साल में सबसे ज्यादा मई के महीने में लगी आग

दिल्ली फायर सर्विस के आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल अप्रैल के महीने में कुल 3100 फायर की कॉल आई. जबकि मई के महीने में सबसे ज्यादा 3293 कॉल आईं. इतना ही नहीं जून में भी 3203 फायर कॉल रजिस्टर हुईं. वहीं इस साल अप्रैल में सबसे कम 1810, मई में सबसे ज्यादा 2292 और जून में 1866 आग लगने की घटनाएं हुईं.




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लॉकडाउन और अनलॉक के दौरान अधिकांश घरों में हर वक्त लोगों की मौजूदगी के कारण घटनाएं कम हुई हैं.



फायर डिपार्टमेंट के लिए पिछले साल 27 अप्रैल जबकि इस साल 26 मई रहा सबसे व्यस्त दिन

आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल 27 अप्रैल को रिकॉर्ड 175 कॉल डिपार्टमेंट के पास आईं वहीं इस साल 22 मई से 27 मई बेहद व्यस्त रहा, जिसमें 26 मई को रिकॉर्ड 145 आग लगने की घटनाएं सामने आईं. जिसके कारण फायर डिपार्टमेंट जगहों पर फायर टेंडर भेजने पड़े. फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसा कम ही होता है कि कॉल आने के बाद मौके पर न पहुंचना पड़े.  ऐसे में फायर फायटर्स के लिए ये दिन सबसे व्‍यस्‍त रहे. बता दें कि दिल्ली में इस समय 61 परमानेंट फायर स्टेशन हैं, साथ ही तीन अस्थायी फायर पोस्ट हैं. ये फायर पोस्ट यमुना विहार और जसोला में हैं. इन फायर पोस्ट पर भी फायर टेंडर तैनात रहते हैं.


लॉकडाउन और अनलॉक में इसलिए कम हुई घटनाएं

दिल्ली फायर सर्विसेज़ के डायरेक्टर अतुल गर्ग का कहना है कि इस बार लॉकडाउन और अनलॉक के दौरान अधिकांश घरों में हर वक्त लोगों की मौजूदगी के कारण घटनाएं कम हुई हैं. पहले घरों में आग लगने के ज्यादातर मामलों में घरवाले घरों के बजाय बाहर होते थे और अनहोनी हो जाती थी. लेकिन घरों में रहने से हर वक्त निगरानी रही. वहीं फैक्टी, दफ्तर और अन्य प्रतिष्ठान भी इस दौरान बन्द रहे, जिसके कारण शार्ट सर्किट या अन्य कारणों से लगने वाली आग के मामले कम हुए हैं.













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