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उलुबेरिया लोकसभा सीट: इस सीट पर टीएमसी को हराना आसान नहीं है

टीएमसी की मौजूदा सांसद साजदा अहमद

टीएमसी की मौजूदा सांसद साजदा अहमद

उलुबेरिया संसदीय क्षेत्र में 7 विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें से 6 पर टीएमसी का कब्जा है.

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    हावड़ा जिले में आने वाले उलुबेरिया लोकसभा सीट पर सीपीएम का दबदबा रहा है. लेकिन 2009 के चुनाव में टीएमसी ने यहां से सीपीएम को उखाड़ फेंका. इसके बाद लगातार इस सीट पर टीएमसी का कब्जा रहा है. टीएमसी से साजदा अहमद यहां से सांसद है. टीएमसी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है. 2019 के चुनाव में साजदा अहमद के खिलाफ सीपीएम ने मकसूदा खातून को उतारा है. बीजेपी की ओर से जॉय बनर्जी यहां से उम्मीदवार हैं. जबकि कांग्रेस ने यहां से शोमा रानीश्री रॉय को टिकट दिया है.

    2014 के चुनाव का हाल

    2014 के चुनाव में बंगाल में टीएमसी ने शानदार जीत दर्ज की थी. 34 सीटों पर हासिल की जीत में एक सीट उलुबेरिया की भी थी. इस सीट से टीएमसी उम्मीदवार सुल्तान अहमद ने शानदार जीत हासिल की थी. उन्होंने सीपीएम के समीरउद्दीन मुल्ला को 2 लाख के ज्यादा वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी. टीएमसी के सुल्तान अहमद को 5 लाख 70 हजार 785 वोट हासिल हुए थे जबकि समीरुद्दीन मुल्ला को 3 लाख 69 हजार 563 वोट ही मिले. 2017 में सुल्तान अहमद का निधन हो गया. खाली हुए इस सीट पर 2018 में उपचुनाव हुए इसमें टीएमसी ने सुल्तान अहमद की पत्नी साजदा अहमद को टिकट दिया. साजदा अहमद ने 4 लाख 74 हजार के विशाल अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी को हराकर सांसद चुनी गई. दूसरे स्थान पर बीजेपी के उम्मीदवार अनुपम मलिक रहे.

    उलुबेरिया का राजनीतिक इतिहास



    उलुबेरिया सीट सीपीएम का गढ़ रहा है. पहली बार 1952 में हुए चुनाव में यहां से कांग्रेस के सत्यबान राय ने जीत हासिल की. 1957 के चुनाव में यहां से फॉरवर्ड ब्लॉक के एम के अरबिंद घोषाल चुनाव जीते. 1962 के चुनाव में कांग्रेस ने वापसी की और पुनेंदु खान सांसद बने. 1967 के चुनाव में कांग्रेस के जे के मंडल को इस सीट से कामयाबी मिली. 1971 के चुनाव तक सीपीएम यहां से काफी मजबूत हो चुकी थी. 1971 से लेकर 2004 के चुनाव तक यहां से लगातार सीपीएम ने जीत हासिल की. 71 और 77 के चुनाव में यहां से श्यामप्रसन्ना भट्टाचार्य सांसद चुने गए. इसके बाद 1980 से लेकर 2004 के चुनावों तक लगातार इस सीट से हन्ना मुल्लाह ने जीत हासिल की. हन्नाह मुल्लाह इस सीट से लगातार 29 वर्षों तक सांसद रहे. 2009 में ये सीट टीएमसी ने झटक ली. और तब से ये सीट टीएमसी के कब्जे में है.

    उलुबेरिया सीट की खास बातें

    उलुबेरिया शहर कोलकाता मेट्रोपॉलिटन के दायरे में आता है. ये हुगली नदी के किनारे बसा है. उलुबेरिया में ही भारत का पहला टू व्हीलर प्लांट 1965 में लगाया गया था. यहां कई मशहूर स्कूल कॉलेज हैं जो हायर एजुकेशन के लिए जाने जाते हैं. 2011 की जनगणना के मुताबिक यहां की आबादी 20 लाख 51 हजार 790 है. 69.55 फीसदी आबादी शहरी और 30.45 फीसदी आबादी गांवों में रहती है. यहां 19.63 फीसदी लोग अनुसूचित जाति के हैं.



    उलुबेरिया संसदीय क्षेत्र में 7 विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें से 6 पर टीएमसी का कब्जा है. एक सीट कांग्रेस के पास है. इन सीटो में उलुबेरिया पूरबा, उलुबेरिया उत्तर, उलुबेरिया दक्षिण, श्यापुर, बगनान, आमटा और उदयनारायणपुर विधानसभा क्षेत्र शामिल है.

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