जोरहाट लोकसभा सीट: कांग्रेस बचाएगी गढ़ या बीजेपी आएगी दोबारा?

जोरहाट लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ रही है लेकिन पिछले चुनाव में यहां से बीजेपी जीती.
जोरहाट लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ रही है लेकिन पिछले चुनाव में यहां से बीजेपी जीती.

2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने मौजूदा सांसद कामाख्‍या प्रसाद का टिकट काटकर तपन गाेगोई को चुनाव मैदान में उतारा है. जबकि कांग्रेस ने हांडिक के बजाय सुशांत बोरगोहेन को उम्‍मीदवार बनाया है. इसके साथ ही ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने रिबुल्‍या गोगोई को प्रत्‍याशी घोषित किया है.

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असम राज्य की जोरहाट लोकसभा सीट पर कड़ा मुकाबले देखने को मिल सकता है. कांग्रेस का गढ़ रही इस सीट पर पिछली बार भारतीय जनता पार्टी ने अपना परचम लहाराया. ऐसे में जहां बीजेपी इस सीट को 2019 में दोबारा पाने की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस अपने खोए हुए वर्चस्‍व को पाने के लिए कोशिशें कर रही है. इन दोनों राजनीतिक दलों के अलावा भी सीट के दावेदार हैं.

इस सीट का इतिहास देखें तो 1951 में हुए पहले चुनाव में यहां कांग्रेस ने बाजी मारी. 1962 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र नाथ बरुआ ने सीट पर कब्‍जा जमाया. बरुआ दो बार सांसद चुने गए. इसके बाद 1971 और 1977 में कांग्रेस ने बरुआ का टिकट काटकर तरुण गोगोई को चुनाव मैदान में उतारा और गोगोई खरे उतरे. हालांकि 1984 में जब देशभर में कांग्रेस की लहर चल रही थी, उस वक्‍त जोरहाट सीट पर बड़ा बदलाव देखने को मिला. यहां से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा और असम गण परिषद ने यह चुनाव जीत लिया.

इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने भी अपना उम्‍मीदवार उतारा है.
इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने भी अपना उम्‍मीदवार उतारा है.




1991 से लेकर फिर 2009 तक यहां कांग्रेस के बिजॉय कृष्ण हांडिक का एकछत्र राज रहा. यह सीट कांग्रेस की पक्‍की सीट बन गई और हांडिक यहां से जीतते गए. हालांकि 2014 में चली मोदी लहर का इस सीट पर असर हुआ और लंबे समय के बाद कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा. यह सीट बीजेपी के कामाख्‍या प्रसाद ने जीत ली. असम की जोरहाट लोकसभा सीट पर पहले चरण में 11 अप्रैल मतदान हुआ. जिसमें 72% वोटिंग दर्ज हुई. जबकि असम में पहले चरण में कुल 81.8% मतदान हुआ.
इस बार प्रत्‍याशी कौन?
2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने मौजूदा सांसद कामाख्‍या प्रसाद का टिकट काटकर तपन गाेगोई को चुनाव मैदान में उतारा है. जबकि कांग्रेस ने हांडिक के बजाय सुशांत बोरगोहेन को उम्‍मीदवार बनाया है. इसके साथ ही ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने रिबुल्‍या गोगोई को प्रत्‍याशी घोषित किया है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) से कॉमरेड कनक गोगोई मैदान में हैं. एनपीपी ने भी कमला राज को टिकट देकर चुनाव में दावेदारी पेश की है. ऑल इंडिया फॉर्वर्ड ब्लॉक से राज कुमार दुवारा चुनाव लड़ रहे हैं. अरबिन कुमार बरुआ और नंदिता नाग निर्दलीय उम्मीदवार हैं. इस सीट से कुल 8 प्रत्याशी चुनाव में अपनी किस्‍मत आजमा रहे हैं.

जोरहाट लोकसभा सीट पर शुरू से लेकर 2009 तक कांग्रेस का कब्‍जा रहा है. सिर्फ एक बार असम गण परिषद ने चुनाव जीता था.
जोरहाट लोकसभा सीट पर शुरू से लेकर 2009 तक कांग्रेस का कब्‍जा रहा है. सिर्फ एक बार असम गण परिषद ने चुनाव जीता था.


2014 लोकसभा चुनाव में जनता ने बीजेपी को सौंपा जनादेश
पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज की. बीजेपी उम्‍मीदवार कामाख्‍या प्रसाद तासा ने इस दौरान 456,420 वोट हासिल किए. जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्‍मीदवार बिजॉय हांडिक को 354,000 वोट मिले. तीसरे नंबर पर 46,626 वोटों के साथ एजीपी उम्‍मीदवार प्रॉदीप हजारिका रहे. सीपीआई चौथे नंबर पर सिमट गई.

वहीं 2009 के चुनावों की बात करें तो कांग्रेस के बिजॉय कृष्‍ण हांडिक ने जीत दर्ज की थी. उन्‍होंने बीजेपी सहित कई पार्टियों के उम्‍मीदवारों को शिकस्‍त दी थी. हालांकि इस बार कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने ही नए उम्‍मीदवाराें को टिकट दी है.

सामाजिक समीकरण
जोरहाट संसदीय क्षेत्र में 10 विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें जोरहाट, महमारा, सोनारी और थोवारा पर बीजेपी का कब्‍जा है. इसके साथ ही टिटाबार, मरियानी, नजीरा और शिवसागर पर कांग्रेस के विधायक हैं. वहीं टियोक और आमगुड़ी पर असम गण परिषद के प्रत्‍याशियों ने जीत हासिल की थी.
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