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पुरुलिया: टीएमसी और फॉरवर्ड ब्लॉक में सीधी टक्कर, बीजेपी की राह कठिन

मृगांको महतो पर तृणमूल ने दूसरी बार भरोसा जताया है.

मृगांको महतो पर तृणमूल ने दूसरी बार भरोसा जताया है.

पुरुलिया लोकसभा सीट पश्चिम बंगाल के 42 संसदीय क्षेत्रों में से एक है. 90 के दशक में विमान से हथियार गिराए जाने के मामले के बाद ये इलाका ज्यादा सुर्खियों में रहा.

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    पुरुलिया लोकसभा सीट पश्चिम बंगाल के 42 संसदीय क्षेत्रों में से एक है. 90 के दशक में विमान से हथियार गिराए जाने के मामले के बाद ये इलाका ज्यादा सुर्खियों में रहा. पश्चिम बंगाल की पुरुलिया सीट को फॉरवर्ड ब्लॉक का गढ़ माना जाता था. लेकिन सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने इस गढ़ में भी सेंध लगा ली. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के मृगांको महतो ने चुनाव जीता. मृगांको महतो ने ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार नरहरी महतो को डेढ़ लाख वोटों से हराकर पुरुलिया सीट पर फॉरवर्ड ब्लॉक के आधिपत्य को समाप्त किया. मृगांक महतो ने नरहरी महतो को 1 लाख 53 हजार 877 वोटों से हराया था. मृगांक महतो को 4,68,277 वोट मिले थे जबकि AIFB के नरहरि महंतो 3,14,400 वोट मिले थे. वहीं कांग्रेस पार्टी के नेपाल महतो 2 लाख 57 हजार 923 वोट पाकर तीसरे तो भारतीय जनता पार्टी के बिकाश बनर्जी 86 हजार 236 वोट पाकर चौथें स्थान पर रहे थे.

    कौन हैं प्रत्याशी 

    मौजूदा सांसद डॉ. मृगांक महतो तृणमूल कांग्रेस की तरफ से दूसरी बार मैदान में हैं. 56 साल के मृगांक महतो ने MBBS की डिग्री ली हुई है. वहीं कांग्रेस ने नेपाल महतो को मुकाबले में उतारा है वहीं फॉरवर्ड ब्लॉक ने एक बार फिर नरहरी महतो को टिकट दिया है जबकि बीजेपी ने ज्योतिर्मय महतो को टिकट दिया है.

    कांग्रेस प्रत्याशी नेपाल महतो


    पुरुलिया का राजनीतिक इतिहास

    साल 1957 में पुरुलिया में पहली दफे चुनाव हुए. विभूति भूषण दास गुप्ता निर्दलीय के रूप में यहां से निर्वाचित हुए. विभूति भूषण दास गुप्ता के बाद इस सीट से साल 1967 तक केवल निर्दलीय ही चुनाव जीतते रहे. लेकिन साल 1971 में पुरुलिया में कांग्रेस का खाता खोला देबेंद्र नाथ महतो ने. लेकिन फिर ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक की एन्ट्री हुई और 1977 से 1991 तक AIFB के चितरंजन मेहता लगातार जीतकर सांसद बनते रहे. इसके बाद साल 1996 से 1999 तक AIFB के बीर सिंह महंतो ने इस सीट का प्रतिनिधित्व किया.

    पुरुलिया लोकसभा क्षेत्र में सात विधानसभा सीटें हैं. इनके नाम पुरुलिया,बलरामपुर, जॉयपुर, मांबाज़ार, बघमुंडी, काशीपुर और पारा हैं. पारा अनुसूचित जाति और मांबाज़ार अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट है. साल 2014 में पुरुलिया में कुल 12 लाख 4 हजार 675 मतदाता थे. साल 2014 में यहां 81.84% वोटिंग हुई थी. ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक का पुरुलिया सीट पर 1977 से कब्जा था.

    पुरुलिया स्थित अयोध्या पहाड़ी. मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान राम और सीता यहां रुके थे.


    झारखंड की सीमा से सटा हुआ पुरुलिया इलाका कुदरती सौंदर्य की वजह से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है. यहां के जलप्रपात और झरने लोगों को लुभाते हैं. यहां का छाऊ नृत्य देश-विदेश में प्रसिद्ध है. पुरुलिया में धान की खेती सबसे ज्यादा की जाती है और यहां का चावल दूसरे राज्यों में निर्यात भी किया जाता है. पुरुलिया में स्टील और सीमेंट के कारखाने हैं.

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