उत्‍तर पूर्वी दिल्‍ली लोकसभा सीट: शीला दीक्षित, दिलीप पांडे और मनोज तिवारी में है कांटे की टक्कर?
Delhi-Ncr News in Hindi

उत्‍तर पूर्वी दिल्‍ली लोकसभा सीट: शीला दीक्षित, दिलीप पांडे और मनोज तिवारी में है कांटे की टक्कर?
उत्‍तर पूर्वी दिल्‍ली लोकसभा सीट से 2014 में मनोज तिवारी ने जीत हासिल की थी.

2009 में कांग्रेस के जयप्रकाश अग्रवाल, जबकि 2004 में बीजेपी के मनोज तिवारी ने यहां जीत दर्ज की. चाहे जयप्रकाश हों या मनोज तिवारी दोनों ही इस लोकसभा सीट पर बाहरी उम्‍मीदवार रहे हैं.

  • Share this:
दिल्ली में लोकसभा चुनाव के छठे चरण के लिए चुनाव प्रचार थम चुका है. 2019 लोकसभा चुनावों की बात करें तो इस सीट पर काफी कड़ा मुकाबला होने वाला है. इस सीट पर कांग्रेस ने दिल्ली की अपनी सबसे बड़ी नेता और पूर्व मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित को मैदान में उतारा है. जबकि आम आदमी पार्टी ने अपने प्रमुख चेहरे दिलीप पांडे को उतारा है. वहीं बीजेपी से मनोज तिवारी यहां से सांसद हैं. ऐसे में कांटे की टक्‍कर देखने को मिलेगी.

दिल्‍ली की पूर्वी दिल्‍ली लोकसभा सीट से अलग कर बनाई गई उत्‍तर पूर्वी लोकसभा सीट दिल्‍ली की प्रमुख सीटों में से एक है. इसके खास होने की दो वजहें हैं. पहली यह कि यह देश के अलग-अलग हिस्‍सों से आए प्रवासी भारतीयों का गढ़ है, दूसरी यह सबसे घनी आबादी वाली लोकसभा सीट है.

ये भी पढ़ें: गौतम गंभीर को मिला कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित का साथ



2008 में हुए परिसीमन में बनी इस सीट पर 2009 में कांग्रेस के जयप्रकाश अग्रवाल ने जबकि 2004 में बीजेपी के मनोज तिवारी ने यहां जीत दर्ज की. चाहे जयप्रकाश हों या मनोज तिवारी दोनों ही इस लोकसभा सीट पर बाहरी उम्‍मीदवार रहे हैं. हालांकि दिल्‍ली की पूर्व सीएम के सामने बाहरी उम्‍मीदवार मनोज तिवारी या दिली पांडे कितना मजबूती दिखा पाते हैं, यह देखना होगा. इसके साथ ही चूंकि यह नई सीट है और दोनों बार एक-एक पार्टी ने जीत दर्ज की है ऐसे में इस बार चुनाव परिणामों के बाद ही यहां के लोगों का मूड समझ पाना संभव होगा.
उत्‍तर पूर्वी दिल्‍ली लोकसभा सीट की सामाजिक स्थिति
इसके अंतर्गत ये 10 विधानसभा सीट आती हैं जिनमें- सीमापुरी, गोकलपुरी, घोंडा, सीलमपुर, रोहतास नगर, बाबरपुर, करावल नगर, बुराड़ी, तिमारपुर, मुस्तफाबाद शामिल हैं. यहां जातीय समीकरण के साथ-साथ प्रवासी आबादी और अनधिकृत कॉलोनियां प्रमुख मुद्दा है. अनधिकृत कॉलोनियों में बिहार, यूपी और अन्‍य राज्‍यों से आए लोग रह रहे हैं. ऐसे में प्राथमिक और जमीनी समस्‍याओं को खत्‍म, अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करना और उनका विकास करना यहां की प्रमुख मांगें हैं.

2014 में बीजेपी ने हासिल की जीत

पिछले चुनाव में यहां से कांग्रेस ने पूर्व सांसद जयप्रकाश अग्रवाल, बीजेपी ने भोजपुरी स्‍टार मनोज तिवारी और आम आदमी पार्टी ने प्रोफेसर आनंद कुमार को मैदान में उतारा था. इस सीट पर आम आदमी पार्टी को लेकर लोग काफी आशान्वित थे लेकिन मोदी लहर का इस सीट पर काफी असर पड़ा. यही वजह रही कि बीजेपी के मनोज तिवारी ने करीब डेढ़ लाख वोटों से जीत दर्ज की. मनोज तिवारी को कुल 5,96,125 वोट मिले. वहीं दूसरे नंबर पर रहे प्रो. आनंद कुमार को 4,52,041 वोट और कांग्रेस के जेपी अग्रवाल 2,14,792 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज