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वायनाड लोकसभा सीट: क्या दक्षिण में संदेश दे पाने में कामयाब होंगे राहुल?

वायनाड में नामांकन के दौरान राहुल गांधी
वायनाड में नामांकन के दौरान राहुल गांधी

केरल की वायनाड सीट देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. इसका कारण है कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का इस सीट से चुनाव लड़ना.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 22, 2019, 6:55 PM IST
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केरल की वायनाड सीट देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. इसका कारण है कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का इस सीट से चुनाव लड़ना. इस सीट पर 2014 में राज्य में कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता एमआई शानावास जीते थे. 2018 में उनकी मृत्यु के बाद से ही ये सीट खाली हो गई थी. अब राहुल गांधी इस सीट से दावेदारी ठोंक रहे हैं.

राहुल ने इस सीट का चुनाव क्यों किया, इसका जवाब कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दिया था. उन्होंने कहा था कि वयनाड सीट को चुनने के पीछे अहम वजह है कि ये तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल की साझी संस्कृति की मिसाल है. एंटनी ने कहा कि कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु तीनों राज्यों से चुनाव लड़ने की भारी मांग थी. चूंकि, वायनाड इन तीनों राज्यों का केंद्र बिंदु है, इसलिए इसे चुना गया और इससे तीनों ही राज्यों के कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान भी सुनिश्चित हुआ है.

राहुल के सामने खड़े हैं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ( सीपीआई) के नेता पीपी सुनीर. 51 वर्षीय सुनीर का राज्य के मालापुरम जिले में एक कम्युनिस्ट परिवार में हुआ था. कालीकट युनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के दौरान के वो स्टूडेंड यूनियन के चेयरमैन चुने गए थे. सुनीर इस समय मालापुरम के लेफ्ट पार्टियों के कनवेनर भी हैं.



PP Suneer

वायनाड का चुनावी इतिहास

वायनाड सीट 2008 परिसीमन के बाद ही अस्तित्व में आई है. 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में यहां कांग्रेस ही जीती थी. कांग्रेस इस सीट पर काफी मजबूत नज़र आती है. कांग्रेस के एमआई शानव यहां पिछली दो बार से जीत रहे हैं. 2009 में उन्होंने करीब 50% वोट हासिल किए थे, जबकि 2014 के चुनावों में भी उन्हें 41% से ज्यादा वोट हासिल हुए थे. इस सीट पर दो बार से सीपीएम कैंडिडेट की हार हो रही है.

2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को वायनाड लोकसभा सीट पर महज 20,870 वोटों के अंतर से जीत हासिल हुई थी. कांग्रेस कैंडिडेट एमआई शानवास को एलडीएफ (सीपीएम) के सत्यन मोकेरी से कुल पड़े वोटों में से 1.81 प्रतिशत ज्यादा मत हासिल हुए थे. शानवास को 3,77,035 और मोकेरी को 3,56,165 वोट मिले थे. वहीं, बीजेपी के पीआर रस्मिलनाथ को 80,752 वोट हासिल हुए थे. यूडीएफ यानी कांग्रेस को यहां 41.2 प्रतिशत और एलडीएफ को 39.39 प्रतिशत वोट मिले थे.

ये सीट तीन जिलों कोझिकोड, वायनाड और मल्लपुरम के अंतर्गत आती है. मन्नातावाडी, कलपेट्टा, सुलतान बाथेरी, थिरुवाम्बाडी, नीलाम्बुर, वांदुर और एर्नाड विधानसभा सीटें वायनाड लोकसभा सीट के अंतर्गत आती हैं.

वायनाड का गणित

2011 की जनगणना के अनुसार वायनाड जिले की कुल आबादी 8,17,420 है. इसमें से 401,684 पुरुष और 415,736 महिलाएं शामिल हैं. जिले की 89.03 प्रतिशत आबादी साक्षर है. वायनाड में 404,460 (49.48%) हिंदू आबादी निवास करती है. इसके अलावा 2,34,185 (28.65%) जनसंख्या मुस्लिम समुदाय की है. क्रिस्चियन (ईसाई) समुदाय की बात करें तो जिले में उनकी आबादी 1,74,453 (21.34%) है.

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