सुशांत राजपूत आत्महत्या मामले की CBI जांच के लिए MLA ने गृहमंत्री को लिखा पत्र
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सुशांत राजपूत आत्महत्या मामले की CBI जांच के लिए MLA ने गृहमंत्री को लिखा पत्र
सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में भाजपा विधायक ने CBI जांच की मांग की (फ़ाइल तस्वीर)

लोनी विधायक नंदकिशोर गुुर्जर ने पत्र में लिखा कि पिछले एक महीने से अधिक समय से अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की कथित ‘आत्महत्या जो पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है, के मामले में मुंबई पुलिस द्वारा बाॅलीवुड माफियाओं, नेपोटिज्म के समर्थक कलाकारों, बड़े बैनर्स और डी कंपनी के दबाव में लीपापोती की जा रही है.

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  • Last Updated: July 22, 2020, 12:18 AM IST
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गाजियाबाद. लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर (Nand Kishor Gurjar) ने सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत मामले में गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) को चिट्ठी लिखकर सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है. उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र में लिखा कि बाॅलीवुड माफिया (Bollywood mafia), नेपोटिज्म (nepotism) और अंडरवर्ल्ड (underworld) के गठजोड़ ने की है अभिनेता सुशांत राजपूत की हत्या.

विधायक ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित हो सके सुशांत सिंह के खिलाफ लंबे समय से साजिश रची जा रही थी. लोनी विधायक नंदकिशोर गुुर्जर ने पत्र में लिखा कि पिछले एक महीने से अधिक समय से अभिनेता सुशांत सिंह राजपुत की कथित ‘आत्महत्या जो पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है, के मामले में मुंबई पुलिस द्वारा बाॅलीवुड माफियाओं, नेपोटिज्म के समर्थक कलाकारों, बड़े बैनर्स और डी कंपनी के दबाव में लीपापोती की जा रही है. बिहार के एक छोटे से शहर से बिना किसी ‘गाॅडफादर’ की सहायता के बाॅलीवुड में प्रथम पंक्ति में स्थापित हो चुके अभिनेता सुशांत सिंह राजपुत के खिलाफ लंबे समय से नेपोटिज्म के समर्थक कलाकार, निर्माता-निर्देशक, बड़े बैनर्स, फिल्म इंडस्ट्री माफियाओं द्वारा साजिश रची जा रही थी. उनका आरोप है कि बाद में अंडरवर्ल्ड की भी सहायता लेकर सुशांत सिंह के मनोबल को तोड़ने, करियर को खत्म करने एवं ‘मीटू’ कैंपेन (Me Too campaign) के तहत बदनाम करने की कोशिश के बाद साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी गई.

फिल्म इंडस्ट्री और दाउद इब्राहीम के गठजोड़ पर भी सवाल
विधायक ने पत्र में लिखा कि मौजूदा समय में महाराष्ट्र सरकार अवसरवादी और राष्ट्रविरोधी, तीन पार्टीयों का गठजोड़ है जिसमें वे सभी दल शामिल हैै जिन्होंने अपने कार्यकाल में फिल्म माफियाओं, नेपोटिज्म और अंडरवर्ल्ड के गठजोड़ को शह दिया जिसने समय-समय पर कई अभिनेता, अभिनेत्रियों एवं गुलशन कुमार सरीखे फिल्म इंडस्ट्री में सनातन धर्म के ध्वजवाहकों की हत्या कराई एवं कुछ को आत्महत्या के लिए मजबूर किया. इस गठजोड़ को पिछली भाजपा सरकार ने ध्वस्त कर दिया था. जिस कारण गांव-देहात एवं छोटे अंचलों से आने वाले सुशांत सिंह राजपुत सरीखे युवक और युवतियों ने पिछले कुछ वर्षो के अंदर अपने मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर कुछ परिवारों एवं माफिया डाॅन दाउद इब्राहिम की जागीर समझी जाने वाली मुंबई फिल्म इंडस्ट्री एवं करोड़ों प्रशंसकों के दिल में स्थान बनाया. फिल्म इंडस्ट्री में बदलते इस डिस्कोर्स को नेपोटिज्म के समर्थक बर्दाश्त नही कर सके. अपने संस्कार और संस्कृति के प्रति उनका लगाव ही था कि वे कभी भी सनातन विरोधी एवं अश्लील फिल्मों का हिस्सा नहीं बनें, फिल्म इंडस्ट्री के माफियाओं, निर्माता-निर्देशकों को ये बातें नागवार गुजर रही थी जिसका परिणाम साजिश के तहत सुशांत सिंह राजपूत की हत्या है और उसे पुलिस की सहायता से आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है. इस मामले में कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं होने के बावजूद बिना अन्वेषण किए मुंबई पुलिस पहले दिन से ही इस मामले को आत्महत्या बताने की जल्दबाजी में किसके इशारे पर थी?
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पुलिस दबाव में मिटा रही है हत्या के सबूत!
विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने पत्र में कहा कि मैं स्वंय अधिवक्ता हूं और एक आत्महत्या का ‘ओपन एंड शट’ मामला दो से तीन दिनों में बंद हो जाता है. इस मामले में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से जांच चल रही है और मुंबई पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है जो साफ इंगित करता है कि पुलिस महकमा इस मामले को राजनीतिक, फिल्म इंडस्ट्री के नेपोटिज्म माफियाओं एवं अंडरवर्ल्ड  के दबाव में दबाना चाहती है. सीबीआई को इस मामले को सौंपने में भी देरी इसलिए की जा रही है जिससे सभी प्रकार के सबूतों को नष्ट किया जा सकें या उन्हें आत्महत्या की थ्योरी के अनुकूल बनाया जा सके. पुलिस से पूछताछ के दौरान भी निर्माता-निर्देशक आदित्य चोपड़ा और संजय लीला भंसाली के बयानों में अंतर, दाऊद इब्राहिम यानि डी-कंपनी के इशारे पर करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन, यशराज बैनर्स, एकता कपूर की बालाजी टेलीफिल्मस, महेश भट्ठ कैंप आदि द्वारा फिल्मों से बाहर एवं ब्लैकलिस्टड करने, नेपोटिज्म के समर्थक अभिनेताओं द्वारा अपने कार्यक्रमों एवं पुरूस्कार समारोह में सुशांत सिंह राजपूत को मजाक का स्थायी विषय बना लेने संबंधित दर्जनों वीडिया सोशल मीडिया व यूटयूब पर वायरल हैं. फिल्म इंडस्ट्री की ही अभिनेत्री एवं कुछ अभिनेताओं द्वारा नेपोटिज्म एवं फिल्मी माफियाओं से जु़ड़े सनसनीखेज खुलासे एवं उपरोक्त सभी चीजों का गठजोड़ किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हैं. ऐसे कई सवालों का जवाब मिलना, बिना सीबाीआई जांच के संभव नहीं है.
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