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रोबोट-ड्रोन बना रहे हैं बच्चे, उंगली उठाने वाले मदरसे के बारे में नहीं जानते-वस्तानवी

मदरसों के सिलेबस में अब तक 70 फीसद का बदलाव आ चुका है.

मदरसों के सिलेबस में अब तक 70 फीसद का बदलाव आ चुका है.

उदयपुर (Udaipur) की घटना के बाद से एक बार फिर देश के मदरसों पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. इस तरह की मानसिकता के पीछे मदरसों की तालीम को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. केरल (Keral) के गर्वनर आरिफ मोहम्मद खान ने भी मदरसों की तालीम को लेकर आरोप लगाए हैं. ऐसे ही आरोपों के जवाब देते हुए मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी (Maulana Ghulam Mohammad Vastanvi) ने कहा हमे ऐसे लोगों से उलझने के बजाए देश और दुनिया की जरूरतों को समझते हुए भी मदरसों की तालीम पर ध्यान देना चाहिए.

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नई दिल्ली. “मदरसों (Madarsa) की तस्वीर आज बदली हुई है. मदरसों के सिलेबस में अब तक 70 फीसद का बदलाव आ चुका है. आज मदरसे के बच्चे कुरान पढ़ने के साथ ही रोबोट (Robot) और ड्रोन (Drone) भी बना रहे हैं. हाफिज (Hafiz) बनने के साथ ही डॉक्टर (Doctor), इंजीनियर और बैंकर बन रहे है. देश ही नहीं विदेशों में भी मोटे पैकेज पर नौकरियां कर रहे हैं. रहा सवाल मदरसों पर उंगली उठाने वालों का तो यह वो लोग हैं जो मदरसों के बारे में जानते नहीं हैं.” यह कहना है मौलाना हुजैफा गुलाम मोहम्मद वस्तानवी का. मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी (Maulana Ghulam Mohammad Vastanvi) के बेटे हुजैफा शनिवार को दिल्ली में आयोजित एक एजुकेशन कांफ्रेंस में हिस्सा लेने आए थे. जहां उन्होंने न्यूज18 हिंदी से बात करते हुए कहा कि आज तक हमारे देश के मदरसों पर उंगली तो उठी हैं, लेकिन सुबूत कोई नहीं दे पाया है.

जल्द ही स्कूलों से जुड़ेंगे मदरसे

मौलाना हुजैफा गुलाम मोहम्मद वस्तानवी जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी में आयोजित एजुकेशन कांफ्रेंस में हिस्सा लेने आए थे. मौलाना हुजैफा खुद भी देश के बड़े मदरसों में शामिल जामिया इस्लामियां इशातुल उलूम, महाराष्ट्रा से जुड़े हैं. न्यूज18 हिंदी से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हमारी बातचीत ओपन बोर्ड एनआईओएस से चल रही है. अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो जल्द ही हम एक एमओयू साइन करने जा रहे हैं.

इसके तहत जल्द ही मदरसों और वहां पढ़ने वाले बच्चों को स्कूलों से जोडा जाएगा. इससे बच्चों की गणित, साइंस और दूसरे विषयों की पढ़ाई में कोई रुकावट नहीं आएगी. अभी भी हमारे 15 से 20 हजार बच्चे एनआईओएस से जुड़कर हाईस्कूल और इंटर की तैयारी कर रहे हैं.”

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मदरसे में ड्रोन और रोबोटिक्स की क्लास भी हो गईं शुरू

मौलाना हुजैफा ने मदरसे के नए कदम की जानकारी देते हुए कहा, “मदरसे वक्त-वक्त पर अपने को अपग्रेड कर रहे हैं. लेकिन जो मदरसों के बारे में जानते नहीं हैं उन्हें यह सब दिखाई नहीं देगा. आज बच्चे रोबोट और ड्रोन बना रहे हैं. रोबोट और ड्रोन की प्रोग्रामिंग भी खुद से ही सेट कर रहे हैं. एक वर्कशॉप में मदरसों के बच्चों ने रोबोट और ड्रोन बनाकर दिखाए. इसके बाद इसी साल से मदरसे में रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी का कोर्स शुरू किया गया है. 30 से 40 बच्चे अभी तक दाखिला ले चुके हैं. डिप्लोमा इन एजुकेशन कोर्स चलाकर बच्चों को टीचर भी बनाया जा रहा है.”

मदरसे अपनी सही राह पर हैं, पढ़ाने वाले घबराएं नहीं-गुलाम मोहम्मद वस्तानवी

न्यूज18 हिंदी ने फोन पर मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी से भी बात की. मदरसों को कटघरे में खड़े किए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा, “मदरसों पर सवाल उठाने वाले तो उठाते रहेंगे. कुछ ताकतें हैं जो इस तरह का काम करती हैं. ऐसे लोगों का काम सिर्फ सवाल उठाना ही होता है.

इससे उन मां-बाप को परेशान होने की जरूरत नहीं है जिनके बच्चे मदरसे में पढ़ रहे हैं या जो अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं. वक्त की जरूरत के हिसाब से मदरसों में भी बच्चों को तालीम दी जा रही है. यही वजह है कि मदरसे के पढ़े बच्चे को मलेशिया की कंपनी खुद से बुलाती है. यह तो सिर्फ एक उदाहरण हैं.”

Tags: Drone, Madarsa, Maharashtra, Udaipur news

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