अपना शहर चुनें

States

MCD के खस्ताहाल का हवाला दे सिसोदिया ने केंद्र से मांगे 12000 करोड़, कहा- J&K की तर्ज पर मिले आर्थिक मदद

मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से केंद्रीय करों में दिल्ली को समुचित हिस्सा देने का अनुरोध किया है. (फाइल फोटो)
मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से केंद्रीय करों में दिल्ली को समुचित हिस्सा देने का अनुरोध किया है. (फाइल फोटो)

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) से केंद्रीय करों में दिल्ली को समुचित हिस्सा देने का अनुरोध किया है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, परिवहन, सड़क और अस्पताल आदि में काफी निवेश की आवश्यकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 8:58 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) से केंद्रीय करों में दिल्ली को समुचित हिस्सा देने का अनुरोध किया है. सिसोदिया ने केंद्रीय कर, केंद्रशासित राज्यों को केंद्रीय सहायता और आपदा प्रबंधन कोष में दिल्ली को जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर सहायता देने की मांग की है. केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा बजट 2021-22 पर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्तमंत्रियों के साथ बजट पूर्व बैठक के दौरान सिसोदिया ने यह मांग रखी. मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण वित्तवर्ष 2020-21 के दौरान राजस्व संग्रह में 42 फीसदी की अभूतपूर्व कमी आई है. इस तथ्य के मद्देनजर भारत सरकार को दिल्ली के लिए अतिरिक्त सहायता देने पर भी विचार करना चाहिए. सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के तीनों नगर निगम गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं और अन्य राज्यों के नगर निकायों की तरह इन्हें भी केंद्रीय सरकार से वित्तीय सहायता पाने का पूरा हक है.

दिल्ली को इन सुविधाओं के लिए मिले अतिरिक्त पैसे
सिसोदिया ने कहा कि देश की राजधानी होने और तेजी से बढ़ता महानगर होने के नाते दिल्ली सरकार पर विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण करने की चुनौती है. साथ ही व्यापक आबादी को सर्वोत्तम नागरिक सुविधाओं की आपूर्ति करना तथा सबको रोजगार के अवसर प्रदान करते हुए राजधानी में एक शानदार जीवन का अवसर प्रदान करना जरूरी है. 2001-02 से लेकर अब तक 20 साल में केंद्रीय करों में दिल्ली का हिस्सा मात्र 325.00 करोड़ रूपये पर सीमित रखा गया है. दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र होने के साथ ही यहां विधानसभा भी है, लेकिन केंद्रीय वित्त आयोग के टर्म ऑफ रिफ्रेंस में दिल्ली को शामिल नहीं किया गया है.

FM nirmala sitharaman pre budget meeting with Finance Ministers of all states and union territories NDSS
सीतारमण ने की प्री बजट मीटिंग

इन सेक्टर्स में है निवेश की आवश्यकता


उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, परिवहन, सड़क और अस्पताल आदि में काफी निवेश की आवश्यकता है. विकास की जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्रीय करों में दिल्ली को अपना वैध हिस्सा पाने का पूरा हक है. नियमानुसार वित्तवर्ष 2020-21 में 8150.00 करोड़ रुपये और वित्तवर्ष 2021-22 में 8555.00 करोड़ रुपये का आवंटन दिल्ली के लिए किया जाना चाहिए.

तीनों नगर निगम का है बुरा हाल
बजट पूर्व बैठक में सिसोदिया ने यह भी कहा कि दिल्ली में पांच शहरी स्थानीय निकाय हैं. इनमें तीन बड़े नगर निगम हैं, जिनकी आबादी 39 लाख से 62 लाख के बीच है. दिल्ली में नगरपालिकाओं की शक्तियां और कार्य अन्य राज्यों में स्थानीय निकायों के समान हैं. दिल्ली के नगर निकायों की चूक के तकनीकी आधारों पर इन्हें बेसिक और परफोर्मेंस ग्रांट से वंचित करना स्थानीय स्वायत्त निकायों को मजबूत करने की संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है.

Budget 2021,Manish Sisodia,  Union Finance Minister, Nirmala Sitharaman, J&K, Central Govt, central taxes,  Disaster Response Fund, financial assistance, Disaster Response Fund, arvind kejriwal, mcd, delhi government, मनीष सिसोदिया, दिल्ली सरकार, वित्त मंत्री, निर्मला सीतारमन, निर्मला सीतारमण, मोदी सरकार, बजट 2021-22, एससीडी, Manish Sisodia asks for 12000 crores from the center Finance Minister Nirmala Sitharaman nodrss
पिछले 10 वर्षों के बकाये हिस्से का कुल 12,000 करोड़ रुपया एकमुश्त मिलना चाहिए.


दिल्ली सरकार 12.5 प्रतिशत नगर निगमों को देती है
सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के तीनों नगर निगम गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं और अन्य राज्यों के नगर निकायों की तरह इन्हें भी केंद्रीय सरकार से वित्तीय सहायता पाने का पूरा हक है. दिल्ली वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप दिल्ली राज्य सरकार अपनी शुद्ध कर आय का 12.5 प्रतिशत हिस्सा दिल्ली नगर निगमों को देती है.

ये भी पढ़ें: बर्ड फ्लू के बीच इन राज्यों के लोग खूब खा रहे हैं मछली, जानें रेट और इसके फायदे

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चैदहवें वित्त आयोग ने वर्ष 2015-20 की अवधि में स्थानीय निकायों के लिए 2,87,436 करोड़ रुपये अनुदान का प्रावधान किया है. इस आधार पर हरेक नगर निकाय को प्रति-व्यक्ति, प्रति-वर्ष 488 रुपये मिलने चाहिए. दिल्ली की आबादी 193.86 लाख होने के कारण दिल्ली नगर निकायों को कम से कम 1150.00 करोड़ रुपये अनुदान के साथ ही उचित वार्षिक वृद्धि का लाभ मिलना चाहिए. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली नगर निगमों की गंभीर वित्तीय स्थिति को देखते हुए पिछले 10 वर्षों के बकाये हिस्से का कुल 12,000 करोड़ रुपया एकमुश्त मिलना चाहिए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज