जेसिका लाल हत्याकांड: कौन है मनु शर्मा जिसकी रिहाई पर मच गया है बवाल
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जेसिका लाल हत्याकांड: कौन है मनु शर्मा जिसकी रिहाई पर मच गया है बवाल
मनु शर्मा के पिता कांग्रेस के दिग्‍गज नेता रहे हैं.

जेसिका लाल हत्याकांड (Jessica Lal Murder Case) के दोषी मनु शर्मा (Manu Sharma) को 14 साल की कैद के बाद तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है. मनु शर्मा हरियाणा के कद्दावर कांग्रेस नेता विनोद शर्मा का बेटा है.

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नई दिल्‍ली. दिल्ली (Delhi) के उपराज्यपाल अनिल बैजल (Lieutenant Governor Anil Baijal) ने सजा समीक्षा बोर्ड की सिफारिश के बाद जेसिका लाल हत्याकांड (Jessica Lal Murder Case) के दोषी मनु शर्मा (Manu Sharma) को रिहाई की इजाजत दे दी है. इसके बाद मनु शर्मा को 14 साल की कैद के बाद तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है. यही नहीं, शर्मा की रिहाई को लेकर बवाल भी मच रहा है.

कौन है मनु शर्मा
आपको बता दें कि मनु शर्मा हरियाणा के कद्दावर कांग्रेस नेता विनोद शर्मा का बेटा है, जो कि ना सिर्फ राजनीति बल्कि मीडिया में भी अच्‍छी खासी पहचान रखते हैं. विनोद शर्मा का एक अखबार और न्‍यूज़ चैनल होने के अलावा कई चीनी मिल भी हैं. यही नहीं, विनोद शर्मा तीन बार विधायक और एक बार राज्‍यसभा सांसद भी रहे हैं. जबकि वह नरसिम्हा राव सरकार में केंद्रीय मंत्री रहने के अलावा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पहली सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं. वहीं, शर्मा को हुड्डा का बेहद करीबी माना जाता है. जबकि मनु शर्मा का असली नाम सिद्धार्थ वशिष्ठ है. यही नहीं, राजनीतिक रसूख की वजह से मनु शर्मा जेसिका लाल हत्याकांड में समय-समय पर जेल से बाहर आता रहा. इसकी दौरान उसने मुंबई की एक लड़की से शादी भी कर ली. वह 'फरलो' पर दो हफ्ते के लिए जेल से बाहर आया चंडीगढ़ में शादी रचा ली. मनु और उस लड़की के बीच 10 साल पुरानी जान-पहचान बताई गई. हालांकि सजा की वजह से पहले उसकी शादी टल गई थी.

ये है पूरा मामला



बता दें कि 30 अप्रैल, 1999 की रात को दक्षिणी दिल्ली के एक पब में जेसिका लाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उस रात मनु शर्मा लिकर सर्व (शराब परोस) कर रहीं जेसिका के पास आया था और रात दो बजे उनसे ड्रिंक्स (शराब) देने को कहा था. लेकिन तब तक पब का काउंटर बंद हो गया था. शराब देने से इनकार करने पर मनु शर्मा ने तैश में आकर जेसिका लाल पर करीब से गोली चला दी थी जिससे उसकी मौत हो गई थी. ऐसा कहा जाता है कि जेसिका लाल ने घर का खर्च चलाने के लिए मॉडलिंग करनी शुरू की थी. वो पार्ट टाइम के तौर पर दिल्ली के एक पब में काम करती थीं, जहां उसकी हत्या की गई. हत्यारा, सबूत और बड़ी संख्या में गवाह पार्टी में मौजूद थे, लेकिन 7 साल तक चले मुकदमे के बाद फरवरी, 2006 में मनु शर्मा बरी हो गया. इसके साथ अन्य आरोपित भी बरी हो गए.



निचली अदालत ने मनु शर्मा को बरी कर दिया था
मनु शर्मा की रिहाई के बाद जेसिका के परिवार को मीडिया और पब्लिक का सपोर्ट मिलने लगा और देखते ही देखते इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया था. कोर्ट में इस मामले की दोबारा से सुनवाई शुरू हुई. दिसंबर 2006 में दिल्ली हाईकोर्ट ने मनु शर्मा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. मनु शर्मा ने बाद में सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की लेकिन वहां भी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा गया.

पत्नी ने मानवाधिकार आयोग से लगाई थी गुहार
इस मामले में सजा काट रहे मनु शर्मा की पत्नी ने पति की रिहाई की मांग के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का दरवाजा पिछले साल खटखटाया था. इसके बाद मनु शर्मा की रिहाई की राह आसान हुई है.

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First published: June 2, 2020, 4:41 PM IST
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