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चीनी सैनिक ने मारा था पत्थर, शहीद की पत्नी के दिल पर लगा, अब बनेंगी सेना में अधिकारी

चीनी सैनिक ने मारा था पत्थर, शहीद की पत्नी के दिल पर लगा, अब बनेंगी सेना में अधिकारी

पिछले साल नवम्बर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दीपक सिंह को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया था. (Twitter)

पिछले साल नवम्बर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दीपक सिंह को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया था. (Twitter)

Martyr's Wife Joins Army: शहीद दीपक सिंह बिहार रेजीमेंट की 16वीं बटालियन में नायक के पद पर थे. वे चिकित्सा सहायक के रूप में सेवाएं दे रहे थे. ऐसे में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों को खदेड़ने के दौरान घायल हुए सैनिकों को बचाने के लिए वे भी वहां पहुंचे थे.

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​नई दिल्ली. चीनी सेना और भारतीय सेना के बीच संघर्ष आए दिन होता रहता है. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून 2020 में हुए संघर्ष में 20 जवानों ने अपनी जान गवां दी थी. 7 घंटे तक चले इस संघर्ष में नायक दीपक सिंह घायल जवानों की मदद के लिए मोर्चे पर पहुंचे थे. यहां पर चीनी सैनिकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी थी और इस दौरान एक पत्थर दीपक सिंह के सिर पर आकर लगा था. लेकिन अपने साथियों को बचाने के लिए उन्होंने अपनी चोट की परवाह नहीं की. बाद में उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

दीपक के इस जज्बे को पूरे देश ने सलाम किया था. दीपक को लगा पत्थर उनकी पत्नी के दिल पर लगा था. यही वजह है कि अब उनकी पत्नी ने भी देश की सेवा करने का निर्णय किया है. दीपक की 23 वर्षीय पत्नी रेखा ने सीडीएस परीक्षा पास कर ली है.

पिछले साल मिला था वीर चक्र
इलाहाबाद में पांच दिन चले इंटरव्यू के बाद रेखा का चयन किया गया है. अब रेखा चेन्नई में सेवा पूर्व प्रशिक्षण (ओटीए) प्राप्त करेंगी और फिर देश के लिए अपनी सेवाएं देंगी. गौरतलब है कि शहीद दीपक सिंह बिहार रेजीमेंट की 16वीं बटालियन में नायक के पद पर थे. वे चिकित्सा सहायक के रूप में सेवाएं दे रहे थे. ऐसे में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों को खदेड़ने के दौरान घायल हुए सैनिकों को बचाने के लिए वे भी वहां पहुंचे थे. साथियों को बचाने के दौरान उनके सिर पर चीनी सेना की ओर से फेंका पत्थर लगा था.

इससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उनकी वीरता को देखते हुए पिछले साल नवम्बर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया था. रेखा देवी ने ही यह सम्मान ग्रहण किया था.

इंडियन आर्मी में बनेंगी ऑफिसर 

मध्यप्रदेश रीवा की रहने वाली रेखा देवी प्रशिक्षण के बाद सैन्य अधिकारी के तौर पर भारतीय सेना में शामिल होंगी. आपको बता दें कि सीडीएस परीक्षा में शहीद सैन्य जवानों व अधिकारियों की पत्नियों को कुछ छूट दी जाती है. यूपीएससी द्वारा आयोजित सीडीएस परीक्षा में जवानों की पत्नियों को आयु सीमा में छूट मिलती है. अन्य अभ्यार्थियों के लिए आयु सीमा 19 से 25 साल तय की गई है.

Tags: Galwan Valley Clash, Indian army, Martyr wife

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