उल्टी करने का बहाना बनाकर फरार हुआ गौरेया गैंग का मास्टरमाइंड, पुलिस से पिस्टल छीन दागा फायर, लेकिन...

गौरेया गैंग का रोहिणी जिले में खासा दबदबा है.

गौरेया गैंग का रोहिणी जिले में खासा दबदबा है.

दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) ने उल्टी करने के बहाने भागने का प्रयास करने वाले गौरेया गैंग के मास्टरमाइंड प्रवेश उर्फ गौरेया को पैर में गोली मारकर दबोचने में सफलता हासिल की है. गौरेया गैंग के लोग दुकानदारों से रंगदारी मांगने का काम करते हैं.

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नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली के रोहिणी जिले के बेगमपुर इलाके में बीती रात पुलिस कस्टडी से एक बदमाश पुलिस (Delhi Police) की पिस्टल छीनकर भाग रहा था. इतना ही नहीं, भागने के दौरान बदमाश ने पुलिसवालों पर फायर भी झोंक दिया. इसके बाद पुलिसवालों ने फरार हो रहे बदमाश के पैर में गोली मारकर उसे न सिर्फ घायल किया बल्कि दबोच लिया.

दरअसल, यह मुठभेड़ दिल्ली के बेगमपुर इलाके में हुई, जहां गौरेया गैंग के द्वारा रोहिणी और बवाना इलाके में दुकानदारों से एक्सटॉर्शन और लूट के मामले सामने आने के बाद कंझावला पुलिस और प्रशांत विहार थाना पुलिस के जॉइंट ऑपेरशन में बदमाशों की तलाश शुरू की गई. मुखबिरों की सूचना और टेक्निकल सर्विलांस के जरिये पुलिस ने 5 अप्रैल की रात प्रवेश उर्फ गौरेया (Pravesh Goureya) नाम के बदमाश को गिरफ्तार किया गया जिसने बताया कि उसके 2 साथी भी पीड़ित दुकानदारों को रंगदारी की कॉल्स करते हैं. इसके बाद पुलिस एक बदमाश नवीन के अड्डे में गई और उसे एक पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया. वहीं, गिरफ्तार बदमाश प्रवेश उर्फ गौरेया के किराए के घर से भी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं.

तबीयत खराब होने की बात कह दिया चकमा

जब प्रवेश उर्फ गौरेया को हथियार की बरामदगी के साथ वापस लाया जा रहा था, तभी हेलीपोर्ट इलाके में उसने तबीयत खराब होने का बहाना किया और उल्टी करने के लिए जैसे ही उसे पुलिसकर्मी किनारे की तरफ लेकर गए वह एक पुलिसवाले की पिस्टल छीनकर भागने लगा. इस दौरान पुलिसवालों ने उसे रुकने के लिए ललकारा, लेकिन उसने पुलिस से छीनी पिस्टल से पुलिसवालों पर फायर कर दिया. इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्यवाही करते हुए फायरिंग की और एक गोली बदमाश के पैर में लगी और वो घायल होकर गिर गया. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया.
बहरहाल, गौरेया गैंग के मास्टरमाइंड प्रवेश उर्फ गौरेया को गिरफ्तार किया गया है, जो कि गैंग के नाम से एक्सटॉर्शन और लूट में शामिल रहते थे. यही नहीं, इस गैंग के लोग दुकानदारों को फोन के जरिये डरा धमकाकर रंगदारी की डिमांड करते थे.

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