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MCD ने दिल्ली सरकार पर नवंबर में कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े छिपाने का लगाया बड़ा आरोप

दिल्ली में इस महीने कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक  लगभग 1900 लोगों की मौत हो चुकी है (Pic- AP File)
दिल्ली में इस महीने कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक लगभग 1900 लोगों की मौत हो चुकी है (Pic- AP File)

मौजूदा हालातों पर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने दिल्ली के सीएम समेत दूसरे राज्यों के सीएम संग बात की. सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी पीएम से कहा कि कोरोना के मामलों में हुई बढोतरी के कई कारण हैं. प्रदूषण (Pollution) भी इसका एक अहम कारण है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 24, 2020, 10:51 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना (Corona) के चलते हुई मौतों का आंकड़ा दिल्ली में 2 हज़ार नहीं ढाई हज़ार से ज़्यादा है. दिल्ली सरकार (Delhi Government) मौतों के आंकड़ों को छिपा रही है. यह आरोप हैं एमसीडी (MCD) के. एमसीडी ने दावा किया है कि दिल्ली सरकार ने नवंबर में कोरोना से हुईं 2001 मौतों का जो आंकड़ा जारी किया है वो झूठा है. हमारे शमशान घाट के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में नवंबर में अब तक 2559 मौतें हो चुकी हैं. सबसे ज़्यादा दाह संस्कार साउथ एमसीडी के शमशान घाटों (Cremation Center) पर हुए हैं. बावजूद इसके आंकड़े छिपाए जा रहे हैं.

यह हैं एमसीडी के शमशान घाट पर हुए दाह संस्कार के आंकड़े  

एमसीडी के दावें के मुताबिक उसके साउथ एमसीडी के पास 6 शमशान घाट हैं. जहां नवंबर में अब तक 1165 कोरोना पॉजिटिव शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है. वहीं नॉर्थ एमसीडी के 8 शमशान घाट हैं और नवंबर महीने में अब तक 975 कोरोना पॉज़िटिव शवों का अंतिम संस्कार हो चुका है.



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ईस्ट एमसीडी के पास पाँच शमशान घाट है जिसमें अब तक 419 कोरोना पॉज़िटिव और सस्पेक्टेड शवों का दाह संस्कार हो चुका है. अगर तीनो एमसीडी के आंकड़ों को जोड़ा जाए तो कुल नंबर 2559 होता है जो कि दिल्ली सरकार के 2001 के आंकड़े से बहुत ज़्यादा है. दोनों के आंकड़ों में 558 शवों का अंतर है.

दिसंबर में और खराब हो सकते हैं हालात

एक्सपर्ट की मानें तो दिसंबर में हालात और भी ज़्यादा बिगड़ सकते हैं, क्योंकि ठंड में कोरोना का प्रकोप और भी ज़्यादा ख़तरनाक साबित हो सकता है. मौत के इन लगातार बढ़ते आंकड़ों पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने अपने एक जवाब में कहा कि पराली के जलने से जो प्रदूषण हुआ था उसकी वजह से केस खराब हुए हैं, जो कोविड पीड़ित थे उनके केस काफी खराब हुए और इस वजह से डेथ रेट में इजाफा हुआ. पिछले तीन-चार दिन से प्रदूषण काफी कम है इसका प्रभाव देखने को मिलेगा और मौत कम होंगी.
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