हाईकोर्ट के रूख के बाद हरकत में आई MCD, कहा- 5 लाख को भेजे मैसेज, 1800 को लीगल नोटिस!

घरों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जहां पर मच्छरों की ब्रीडिंग पाई गई है ज‍िस पर करीब 1800 कानूनी नोटिस एवं चालान किए गए हैं.  (प्रतीकात्‍मक फोटो )

घरों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जहां पर मच्छरों की ब्रीडिंग पाई गई है ज‍िस पर करीब 1800 कानूनी नोटिस एवं चालान किए गए हैं. (प्रतीकात्‍मक फोटो )

एसडीएमसी के जनस्वास्थ्य विभाग ने अभी तक ऐसे घरों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जहां पर मच्छरों की ब्रीडिंग पाई गई है. इन सभी करीब 1800 जगहों पर कानूनी नोटिस एवं चालान किए गए हैं. दक्षिणी निगम की ओर से जागरूकता को लेकर करीब 5 लाख मोबाइल मैसेज भी भेजे गये हैं.

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नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्ली सरकार (Delhi Government) और दिल्ली नगर निगम (Delhi Municipal Corporation) से मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों पर डिटेल रिपोर्ट तलब की है. यह डिटेल रिपोर्ट सरकार और निगमों को गुरुवार तक हाई कोर्ट को सबमिट करनी होगी.

उधर, हाईकोर्ट के इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेने के बाद अपनाए गए गंभीर रुख को देखते हुए दिल्ली नगर निगम भी हरकत में आ गई हैं. निगमों की ओर से इस बाबत पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है.

कोर्ट के सख्त रुख अपनाने के बाद इस दिशा में साउथ दिल्ली नगर निगम की ओर से मीडिया को जानकारी दी गई है कि दक्षिणी निगम की ओर से करीब 5 लाख मोबाइल सन्देश (SMS) भेजे जा चुके हैं. इन संदेशों के माध्यम से नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि उपाय अपनाकर अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों में मच्छरों के प्रजनन को रोक सकते हैं.

इन सभी उपायों पर गंभीरता से अमल में लायें
-कूलरों को हर सप्ताह खाली करें और रगड़ कर साफ कर सुखा दें.

-यदि कूलर खाली नहीं कर सकते हैं तो उनमें पेट्रोल या डीजल डाल दें.

-पानी के टैंक को अच्छी तरह से ढ़क कर रखें और पानी के अन्य सभी बर्तनों पर कस कर ढ़क्कन लगाएँ.



-मनी प्लांट, फेंगसुई प्लांट, चिड़ियों को पानी पिलाने के पात्र की हर दिन सफाई करें.

-अपने घर और दफ्तर के अंदर और आस-पास पानी जमा न होने दें.

-खुले में टिन, टायर, टूटे-फूटे बर्तन, कबाड़ आदि नहीं रखें.

एसडीएमसी के जनस्वास्थ्य विभाग ने अभी तक ऐसे घरों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जहां पर मच्छरों की ब्रीडिंग पाई गई है. इन सभी करीब 1800 जगहों पर कानूनी नोटिस एवं चालान किए गए हैं.

इसके अतिरिक्त बार-बार मच्छरों की उत्पत्ति पाए जाने पर चालान के अतिरिक्त धारा 269 आईपीसी के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज भी की जा सकती है.

साउथ निगम का मानना है कि मानसून आगमन से पहले डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए निगम ने प्रयास तेज कर दिए गए हैं. निगम का कहना है कि मौजूदा समय में पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है. ऐसे में इन मच्छरजनित बीमारियों से भी बचना अति आवश्यक हैै. वहीं, एसडीएमसी में कार्य करने वाले डी.बी.सी कर्मचारी घर-घर जाकर मच्छरों की ब्रीडिंग की जांच भी करते हैं.

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