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'AAP बेकार है' : करावल नगर ईस्ट में BJP, मुस्तफाबाद में कांग्रेस; दंगा प्रभावित वार्डों में MCD का फैसला

दिल्ली नगर निगम चुनाव 2022 के लिए वोट डालने के लिए कतार में खड़े मतदाता. (सांकेतिक तस्वीर) पीटीआई

दिल्ली नगर निगम चुनाव 2022 के लिए वोट डालने के लिए कतार में खड़े मतदाता. (सांकेतिक तस्वीर) पीटीआई

Delhi MCD Election Result: भाजपा ने पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र में 36 में से 22 वार्ड जीते हैं. पार्टी के सांसद गौतम ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. पूर्वोत्तर दिल्ली के तीन वार्ड मौजपुर और करावल नगर पूर्व व पश्चिम जो कि 2020 में हुए दंगों से प्रभावित थे, ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के लिए भाजपा उम्मीदवारों को चुना है. मौजपुर के वार्ड 228 में भाजपा के अनिल गौर ने आप के अनिल जैन और कांग्रेस के विनोद कुमार को हराया है.

भाजपा प्रत्याशी शिमला देवी वार्ड नंबर 241 करावल नगर-पूर्व से निर्वाचित हुई हैं. उन्होंने आप उम्मीदवार मुकेश यादव और कांग्रेस प्रत्याशी धर्मेंद्र भैया को शिकस्त दी. भाजपा ने वार्ड 248 करावल नगर पश्चिम में भी जीत हासिल की. यहां से बीजेपी के सतपाल सिंह ने आप के जितेंद्र बंसल और कांग्रेस के सरोज बघेल को हराया.

भाजपा ने पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र में 36 में से 22 वार्ड जीते हैं. पार्टी के सांसद गौतम गंभीर के प्रतिनिधित्व वाली पूर्वी दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) 11 और कांग्रेस ने तीन वार्ड जीते हैं. उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में भाजपा ने 41 में से 21 वार्ड जीते हैं। यहां से मनोज तिवारी सांसद हैं.

2020 के दंगों में क्या हुआ था?
23 फरवरी की पूर्व संध्या पर, कथित तौर पर नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोधी और समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच पूर्वोत्तर दिल्ली में दंगे भड़क उठे. अगले दस दिनों में, हिंसा ने सांप्रदायिक रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप 53 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए. दुकानों और घरों में आग लगा दी गई और यहां तक ​​कि पूजा स्थलों को भी निशाना बनाया गया.

उसी दिन, पूर्वोत्तर दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे भड़कने से कुछ घंटे पहले, भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने पुलिस को इलाके में सड़कों को अवरुद्ध कर रहे सीएए विरोधी प्रदर्शनों को हटाने के लिए एक ‘अल्टीमेटम’ जारी किया. नए नागरिकता कानून का विरोध करने वालों द्वारा सड़क जाम किए जाने के जवाब में उन्होंने लोगों से सीएए के समर्थन में मौजपुर चौक पर इकट्ठा होने को कहा. इसे एक उकसावे वाली घटना के रूप में रिपोर्ट किया गया था.

मिश्रा के भाषण के कुछ घंटों के भीतर, करावल नगर, मौजपुर चौक, बाबरपुर और चांद बाग में सीएए विरोधी और समर्थक प्रदर्शनकारी आपस में भिड़ गए. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. अगली दोपहर, गोकुलपुरी और कर्दमपुरी सहित पूर्वोत्तर दिल्ली के कई इलाकों में हिंसक झड़पें हुईं. इस दौरान आगजनी, संपत्ति की तोड़फोड़, पथराव और पूजा स्थलों को जलाया गया. प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश करते हुए दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

चुनाव से पहले कैसा था पूर्वोत्तर दिल्ली का मिजाज?
माना जा रहा है कि हिंसा की यादों और प्रभावों का नगर निगम चुनावों पर असर पड़ा है. पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ लोगों में ‘साफ गुस्सा’ था, जिसमें विभिन्न धर्मों के लोग मुस्तफाबाद में वर्तमान विधायक हाजी यूनुस को ‘भगोड़ा’ कह रहे थे. एक ऑटोमोबाइल एजेंसी के मालिक 55 वर्षीय हाजी यासीन ने बताया कि बृजपुरी और शिव विहार से सटे मुस्तफाबाद में लोगों ने जली हुई और क्षतिग्रस्त इमारतों व पूजा स्थलों को फिर से रंगने और पुनर्स्थापित करने के लिए अपनी बचत से खर्च किया, लेकिन सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली.

उन्होंने कहा, ‘आप बेकार है और हाजी यूनुस उससे भी बदतर. वह भगोड़ा है. हिंसा भड़कने के बाद वह अपने लक्ष्मी नगर स्थित घर भाग गए और एक बार भी यहां (अपने निर्वाचन क्षेत्र) नहीं आए. जामिया मिलिया विश्वविद्यालय, जमीयत उलेमा-ए-हिंद और सिख गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के छात्रों ने यहां के जीवन के पुनर्निर्माण में मदद की. कोई उनकी पार्टी को वोट क्यों देगा.’

‘हिंसा के बाद आप विधायक यूनुस ने अपना चेहरा तक नहीं दिखाया’
शिव विहार तिराहा से कुछ मीटर आगे रवि कुमार अपने गैराज में थे, जो दंगों के दौरान जलकर खाक हो गया था. शिव विहार करावल नगर पूर्व वार्ड का हिस्सा है. 37 वर्षीय कुमार ने कहा कि आमतौर पर लोग पार्षदों के योगदान को याद नहीं रखते. वे विधायकों और सांसदों द्वारा किए गए काम के आधार पर मतदान करते हैं. उन्होंने कहा, ‘विशेष रूप से हमारे वार्ड में लोग आप विधायक यूनुस से परेशान हैं. उन्होंने हिंसा के बाद अपना चेहरा भी नहीं दिखाया. (मुस्तफाबाद के पूर्व कांग्रेस विधायक) हसन अहमद और (उनके उत्तराधिकारी) जगदीश प्रधान (भाजपा के) ने क्षेत्र में बहुत काम किया था.’ बातचीत के बीच में टोकते हुए 28 वर्षीय बिलाल शाह ने कहा कि यह लड़ाई भाजपा और कांग्रेस के बीच होगी.

‘दलितों और मुसलमानों की किसी को परवाह नहीं’
शिव विहार की औलिया मस्जिद के केयरटेकर मोहसिन साहब निजामुद्दीन, जो दंगों के दौरान आग की चपेट में आ गए थे, ने कहा कि दंगे मुसलमानों को विस्थापित करने की साजिश थी, लेकिन साजिशकर्ता अपने लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम रहे. उन्होंने कहा, दलितों और मुसलमानों की किसी को परवाह नहीं है. मस्जिद के सामने की सड़क गड्ढों से भरी हुई है. खुली नालियों से निकलने वाली तेज दुर्गंध बर्दाश्त से बाहर होती है. आप सरकार के पिछले सात सालों या एमसीडी में भाजपा के 15 साल के शासन में कुछ भी नहीं किया गया है. कांग्रेस कम से कम लोगों की समस्याएं तो सुनती थी.’

कौन कहां से जीता है?
मुस्तफाबाद वार्ड नंबर 243 से कांग्रेस प्रत्याशी सबिला बेगम ने जीत हासिल की है.
दयालपुर वार्ड नंबर 242 से भाजपा के पुनीत शर्मा जीते हैं.
नेहरू विहार वार्ड नंबर 244 से भाजपा प्रत्याशी अरुण सिंह भाटी ने जीत हासिल की है.
बृजपुरी वार्ड नंबर 245 से कांग्रेस की नाजिया खातून ने जीत दर्ज की है.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शिमला देवी ने वार्ड नंबर 241 करावल नगर पूर्व से जीत हासिल की है.
भजनपुरा वार्ड नंबर 230 से आप प्रत्याशी रेखा रानी ने जीत हासिल की है.
सीलमपुर वार्ड नंबर 225 से निर्दलीय प्रत्याशी शकीला बेगम ने जीत हासिल की है.
चौहान बांगर वार्ड नंबर 227 से कांग्रेस प्रत्याशी शगुफ्ता चौधरी जुबैर ने जीत हासिल की है.

(इनपुट पीटीआई से भी)

Tags: AAP, BJP, Congress, Delhi MCD Election 2022, Delhi MCD Elections

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