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mcd elections will not be held for six months and administrator will be entrusted corporation responsibility

MCD Elections 2022: छह महीने तक नहीं होंगे MCD चुनाव, एडम‍िस्‍ट्रेटर को सौंपा जाएगा न‍िगम चलाने का ज‍िम्‍मा- सूत्र

 द‍िल्‍ली की नगर न‍िगमों को अब एडमिनिस्ट्रेटर के हवाले क‍िया जाएगा.(सांकेतिक फोटो)

द‍िल्‍ली की नगर न‍िगमों को अब एडमिनिस्ट्रेटर के हवाले क‍िया जाएगा.(सांकेतिक फोटो)

MCD Re-unification Amendment Bill: सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है क‍ि द‍िल्‍ली की नगर न‍िगमों को अब एडमिनिस्ट्रेटर के हवाले क‍िया जाएगा. तीनों न‍िगमों के ल‍िए एडमिनिस्ट्रेटर व्यवस्था को जल्‍द लागू क‍िया जाएगा. बताया जाता है क‍ि एमसीडी मेयर की अनुपस्थिति में दिल्ली नगर निगम एडमिनिस्ट्रेटर के अधीन होगा. दिल्ली के तीनों एमसीडी को एकीकृत करने की प्रक्रिया पूरी कर आगे चुनाव होने तक दिल्ली का सिविक अमेनेटिज प्रशासक के अंदर ही काम करेगा.

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नई दिल्ली. दिल्ली की तीनों नगर निगमों (MCD) को एकीकृत करने के लिए दिल्ली नगर निगम अधिनियम (संशोधन) 2022 को संसद के दोनों सदन लोकसभा (Lok Sabha) और राज्यसभा (Rajya Sabha) में पार‍ित क‍िया जा चुका है. अब इस व‍िधेयक पर राष्‍ट्रपत‍ि से मंजूरी म‍िलने का इंतजार क‍िया जा रहा है. राष्‍ट्रपत‍ि  (President of India) से मंजूरी म‍िलने के बाद न‍िगमों के एकीकरण और उसके आगे संचालन संबंधी कार्यवाही को शुरू क‍िया जा सकेगा.

इस बीच अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है क‍ि द‍िल्‍ली की नगर न‍िगमों को अब एडमिनिस्ट्रेटर के हवाले क‍िया जाएगा. तीनों न‍िगमों के ल‍िए एडमिनिस्ट्रेटर व्यवस्था को जल्‍द लागू क‍िया जाएगा. बताया जाता है क‍ि एमसीडी मेयर की अनुपस्थिति में दिल्ली नगर निगम एडमिनिस्ट्रेटर के अधीन होगा. दिल्ली के तीनों एमसीडी को एकीकृत करने की प्रक्रिया पूरी कर आगे चुनाव होने तक दिल्ली का सिविक अमेनेटिज प्रशासक के अंदर ही काम करेगा.

ये भी पढ़े: MCD को एक करने का ब‍िल राज्‍यसभा में पेश, गृह मंत्री अम‍ित शाह बोले- द‍िल्‍ली सरकार ने निगमों के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार किया

सूत्र बताते हैं क‍ि शुरुआत में एडमिनिस्ट्रेटर का कार्यकाल 6 महीने का होगा. लेक‍िन जरूरत पड़ने की स्‍थ‍िति में इसको आगे भी बढ़ाया जा सकता है. इस फैसले के लागू होने के बाद यह साफ हो जाएगा क‍ि अगले छह माह तक द‍िल्‍ली नगर न‍िगम के चुनाव नहीं होंगे.

बताते चलें क‍ि प‍िछले द‍िनों राज्‍यसभा में ब‍िल को पेश करते हुए गृहमंत्री अम‍ित शाह ने सदन में वक्‍तव्‍य देते हुए कहा था क‍ि जब ये निगम बांटे गए थे तब उद्देश्य अच्छा सोचा होगा लेकिन परिणाम अच्छे नहीं आए. तीनों निगमों की नीतियां अलग-अलग है. उनके वित्तीय संसाधन ठीक से नहीं बांटे. कर्मचारियों की सेवा में असमानता थी जिससे असंतोष था. दिल्ली सरकार ने निगमों के साथ सौतेला व्यवहार किया.

न‍िगम को एक करने के खास चार कारण बताए
राज्‍यसभा में ब‍िल पेश करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा था क‍ि इस ब‍िल में के 4 मुख्य कारण है. इसमें एक ही शहर में तीनों निगमों के अलग-अलग कार्य विधि हैं. इसमें दो नगर निगम तो वित्तीय रूप से काफी कमजोर हैं, ये अच्छे स्थिति नहीं है. इसमें दिल्ली सरकार का व्यवहार सौतेली मां के जैसा है. मैं ठोस सबूत के साथ बोल रहा हूं क‍ि क्या इनकी सरकार सौतेली मां के जैसा निगमों के साथ नहीं कर रही है.

गृह मंत्री ने संसद में बताया था, 250 बार हुईं हड़तालें
राज्‍यसभा में ब‍िल पर चर्चा के दौरान कहा था क‍ि मैं अभी आंकड़े रखूंगा, उस पर कोई आपत्ति हो तो बताएं. नगर निगमों में वेतन और अन्य मुद्दों को लेकर पिछले दस वर्षों में 250 से ज्यादा बार हड़तालें की गईं थीं. विपक्षी सदस्‍यों खासकर ‘आप’ सांसदों की टोकाटोकी के बीच शाह ने कहा था क‍ि आलोचना करने के लिए सदन होता है. आलोचना का जितना अधिकार उनका है, उतना हमारा भी है आपको जो समय मिला है, उसमें तथ्‍यों के आधार पर बात करिए, मैं जवाब दूंगा. तीनों निगम अच्‍छे से काम करें, इसके लिए समानता लाना जरूरी है. यह तभी होगा जब तीनों नियमों का एकीकरण किया जाए. मेरी सभी से अपील है कि पार्टी लाइन से ऊपर उठकर चर्चा करें.

Tags: Amit shah, Delhi Government, Delhi MCD, Delhi MCD Elections, Delhi news, MCD, State Election Commission

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