कोरोना काल में भी जैविक खाद बनाने में जुटी ये नगर निगम, 10,000 kg खाद उद्यान विभाग को सौंपी

टैगोर गार्डन Compost Site से गीले कूड़े से बनाई गई 10,000 किलो जैविक खाद को उद्यान विभाग को दिया गया.

टैगोर गार्डन Compost Site से गीले कूड़े से बनाई गई 10,000 किलो जैविक खाद को उद्यान विभाग को दिया गया.

एसडीएमसी के 5 टन गीले कूड़े को प्रतिदिन प्रोसेस करने की क्षमता रखने वाले प्लांट पर आजकल कोरोना की वजह से केवल 1,000 किलोग्राम गीला कूड़ा ही आ पाता है. आज टैगोर गार्डन Compost Site से गीले कूड़े से बनाई गई 10,000 किलो जैविक खाद को उद्यान विभाग को दिया गया.

  • Share this:

नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के बीच भी साउथ दिल्ली नगर निगम (South MCD) कंपोस्ट साइट पर गीले कूड़े से जैविक खाद (Organic Compost) बनाने का काम लगातार कर रही है.

कंपोस्ट साइट राजौरी गार्डन और टैगोर गार्डन के घरों से एकत्रित होने वाले गीले कूड़े से जैविक खाद बनाई जा रही है. लेकिन 5 टन गीले कूड़े को प्रतिदिन प्रोसेस करने की क्षमता रखने वाले प्लांट पर आजकल कोरोना की वजह से केवल 1,000 किलोग्राम गीला कूड़ा ही आ पाता है.

एसडीएमसी के मुताबिक आज टैगोर गार्डन Compost Site से गीले कूड़े से बनाई गई 10,000 किलो जैविक खाद को उद्यान विभाग को दिया गया.

बताते चलें कि कंपोस्ट साइट का उद्घाटन एसडीएमसी (SDMC) के आयुक्त ज्ञानेश भारती (Gyanesh Bharti) ने 5 सितंबर को किया था. यहां पर ब्रिक्स के पिट और वायर मेस के जाल भी लगाए गए हैं. यह कार्य एसडीएमसी के अधीक्षक अभियंता राजीव कुमार जैन (Rajiv Kumar Jain) की देख रेख में हो रहा है.
अब तक वायर मेश कंपोस्टिंग प्लांट वेस्ट जोन में कई जगहों पर शुरू किए जा चुके हैं. इनमें जैसे वार्ड नंबर 5 टैगोर गार्डन, वार्ड नंबर 9 सुभाष नगर, वार्ड नंबर 13 जेई स्टोर तिलक नगर, वार्ड नंबर 11 जेई स्टोर, जनकपुरी विद्या मार्ग वार्ड नंबर 16, एस आई स्टोर जनकपुरी, वार्ड नंबर 15 विकासपुरी, वार्ड नंबर 12 रोड नंबर 235, विकासपुरी धोबी घाट नजदीक एफसीटीएस वार्ड नंबर 20 आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं.

वेस्ट जोन के वार्ड कमेटी के चेयरमैन कर्नल बी के ओबरॉय ने पेड़ों को जैविक खाद एवं पानी डालने का काम भी किया. कर्नल ओबरॉय का कहना है कि पीपल के पेड़ से ऑक्सीजन (Oxygen) बहुत मिलती है. इसलिए आज राजौरी गार्डन में पीपल के पेड़ों को पानी एवं जैविक खाद डाली गई.

राजीव जैन के मुताबिक अभी तक 4,40,000 किलोग्राम गीला कूड़ा एकत्रित और प्रोसेस किया जा चुका है. इससे 80,000 किलोग्राम ऑर्गेनिक जैविक खाद को उद्यान विभाग, आरडब्ल्यूएज, सरकारी स्कूलों और व्यक्तिगत रूप से नागरिकों को वितरित किया जा चुका है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज